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राजस्थान की पारंपरिक डूंगरी मथा चटनी, प्याज और दही के इस अनोखे स्वाद के आगे फीकी पड़ जाएगी हर सब्जीखानपान
26 सित॰ 2026, 9:04 pm (2 मिनट पहले)· 0

राजस्थान की पारंपरिक डूंगरी मथा चटनी, प्याज और दही के इस अनोखे स्वाद के आगे फीकी पड़ जाएगी हर सब्जी

राजस्थान की मशहूर डूंगरी मथा चटनी प्याज, लहसुन और दही के मेल से तैयार होती है, जिसपर गर्म तेल का तड़का इसे बेहद जायकेदार बनाता है।

पाली में हर घर की एक आम समस्या यह होती है कि समझ नहीं आता कि आज खाने में कौन सी सब्जी बनाई जाए। जब घर में कोई खास हरी सब्जी उपलब्ध न हो, तो भोजन की थाली तैयार करना एक बड़ा असमंजस बन जाता है। इस रोज-रोज की पहेली से राहत पाने के लिए राजस्थानी संस्कृति का एक ऐसा पारंपरिक व्यंजन मौजूद है जो बिना किसी झंझट के आपकी डाइनिंग टेबल की शान बढ़ा सकता है। हम बात कर रहे हैं राजस्थान की खास पहचान बन चुकी डूंगरी मथा चटनी की, जो प्याज, लहसुन और ताजे दही के अनूठे मिश्रण से बनाई जाती है। जब इस स्वादिष्ट चटनी पर गर्मागर्म तेल का छौंक लगाया जाता है, तो इसकी सोंधी खुशबू पूरे घर में फैल जाती है और खाने का मजा दोगुना हो जाता है।

स्वास्थ्य और स्वाद का अनूठा मेल

इस पारंपरिक चटनी की खूबी यह है कि यह रसोई में आसानी से मिलने वाली सामान्य सामग्री से मिनटों में बनकर तैयार हो जाती है। इसमें इस्तेमाल होने वाला दही और लहसुन न केवल स्वाद को कई गुना बढ़ाते हैं, बल्कि पाचन क्रिया को भी दुरुस्त रखने में मदद करते हैं। इस मल्टीपर्पस जायके की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप इसे गर्मागर्म बाजरे की रोटी, सादे पराठे या फिर मक्के की रोटी के साथ परोस सकते हैं। एक बार जब कोई इसका स्वाद चख लेता है, तो वह रोजाना की साधारण सब्जियों को छोड़कर बार-बार इसी चटनी की मांग करता है।

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डूंगरी मथा चटनी के लिए आवश्यक सामग्री

इस बेहतरीन रेसिपी को बनाने के लिए आपको कुछ बुनियादी चीजों की जरूरत होती है। मुख्य सामग्री के तौर पर आपको 2 बड़े बारीक कटे हुए प्याज यानी डूंगरी और 10 से 12 कलियां कुटी हुई या बारीक कटी हुई लहसुन की लेनी होंगी। इसके अलावा आधा कप अच्छी तरह से फेंटा हुआ ताजा दही इस रेसिपी का आधार बनता है, जो इसे एक मलाईदार और खट्टा-मीठा टेक्सचर देता है।

जरूरी मसाले और तड़के का सामान

बिना मसालों के राजस्थानी व्यंजनों की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इस चटनी के लिए डेढ़ चम्मच लाल मिर्च पाउडर, एक चम्मच धनिया पाउडर, आधा चम्मच हल्दी, एक चम्मच जीरा, आधा चम्मच राई और स्वादानुसार नमक की आवश्यकता होती है। इसके अलावा छौंक और तड़के के लिए 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल या शुद्ध देसी घी और एक चुटकी हींग का उपयोग किया जाता है, जो इसके स्वाद को और अधिक बढ़ा देता है।

मसाला और पेस्ट तैयार करने की प्रक्रिया

खाना बनाने की शुरुआत करते हुए एक साफ कटोरी में फेंटा हुआ ताजा दही लें। अब इस दही में लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, हल्दी और नमक डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह आपस में मिला लें। इस मिश्रण को करीब 5 मिनट के लिए अलग रख दें ताकि मसाले दही के साथ अच्छी तरह घुल-मिल जाएं और फूल जाएं। इसके बाद एक खलबट्टे में लहसुन, हरी मिर्च और थोड़े से प्याज को लेकर हल्का दरदरा कूट लें, जिससे चटनी में एक बेहतरीन क्रंच और स्वाद आ सके।

तड़का लगाने और पकाने की विधि

अब एक कढ़ाई या पैन में सरसों का तेल डालकर उसे तेज आंच पर गर्म करें। जब तेल से धुआं उठने लगे, तो गैस की आंच धीमी कर दें और उसमें जीरा, राई तथा हींग का तड़का लगाएं। इसके तुरंत बाद तेल में कुटा हुआ लहसुन, हरी मिर्च और बारीक कटे हुए प्याज डाल दें। इस मिश्रण को मध्यम आंच पर तब तक भूनें जब तक कि प्याज और लहसुन का रंग हल्का सुनहरा यानी गोल्डन न हो जाए।

अंतिम चरण और परोसने का तरीका

जब प्याज और लहसुन अच्छी तरह भुन जाएं, तो गैस की आंच को धीमा कर दें और पहले से तैयार किया हुआ दही और मसालों का घोल कड़ाही में डाल दें। दही डालते समय इसे लगातार चलाते रहना बेहद जरूरी है ताकि दही फटे नहीं। अब इस चटनी को 3 से 4 मिनट तक मध्यम आंच पर तब तक पकने दें, जब तक कि चटनी के ऊपर गर्मागर्म तेल तैरता हुआ साफ नजर न आने लगे। आपकी चटपटी और स्वादिष्ट डूंगरी मथा चटनी बनकर बिल्कुल तैयार है।

सवाल-जवाब

डूंगरी मथा चटनी मुख्य रूप से किन चीजों से बनती है?
यह चटनी प्याज, लहसुन, ताजे दही और पारंपरिक मसालों के मेल से तैयार की जाती है।
इस रेसिपी में दही को कितनी देर तक भिगोकर रखना चाहिए?
मसालों को दही में मिलाने के बाद इसे 5 मिनट के लिए रख देना चाहिए ताकि मसाले अच्छी तरह फूल जाएं।
तड़के के लिए किस तेल या घी का इस्तेमाल किया जाता है?
तड़के के लिए 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल या देसी घी का उपयोग किया जाता है।
इस चटनी को किन चीजों के साथ परोसा जा सकता है?
इसे गर्मागर्म बाजरे की रोटी, सादे पराठे या मक्के की रोटी के साथ परोसा जा सकता है।
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