रक्षाबंधन का पावन पर्व नजदीक आते ही उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में मिठाइयों के बाजारों की रौनक बढ़ गई है। इस खास मौके पर बहनें अपने भाइयों का मुंह मीठा कराने के लिए विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की खरीदारी करती हैं। हालांकि, मऊ जनपद में कुछ ऐसी पारंपरिक और मशहूर मिठाइयों की दुकानें हैं, जिनकी मांग केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पूरे साल और आसपास के अन्य जिलों में भी बनी रहती है। दूर-दराज से आने वाले लोग इन दुकानों की खास मिठाइयां खरीदे बिना वापस नहीं लौटते। आइए जानते हैं मऊ की उन 5 सबसे लोकप्रिय मिठाइयों, उनकी दुकानों और स्वादों के बारे में, जिनकी मांग रक्षाबंधन पर अपने चरम पर पहुंच जाती है।
1. रजवंती स्वीट हाउस का सेहतमंद अंजीर लड्डू
मऊ शहर के रजवंती स्वीट हाउस में मिलने वाला अंजीर का लड्डू अपनी अनोखी खासियत और स्वाद के लिए जाना जाता है। बाजार में मौजूद अन्य सामान्य मिठाइयों की तुलना में यह लड्डू थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन इसके बावजूद ग्राहकों के बीच इसकी मांग जबरदस्त रहती है। इस लड्डू को मुख्य रूप से अंजीर और विभिन्न प्रकार के मेवों (ड्राई फ्रूट्स) के मिश्रण से तैयार किया जाता है।
अंजीर लड्डू की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह मीठे के स्वाद के साथ-साथ शरीर को पोषण और स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग इसे बेहद पसंद करते हैं। दुकान पर आने वाले ग्राहक न केवल इसे वहीं बैठकर स्वाद लेकर खाते हैं, बल्कि अपने परिजनों और रिश्तेदारों के लिए घर पैक कराकर भी ले जाते हैं। बाजार में इस प्रीमियम अंजीर लड्डू की कीमत 1400 रुपये प्रति किलो है।
2. भोला स्वीट्स हाउस की 60 साल पुरानी मशहूर इमरती
मऊ जनपद के मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र में स्थित भोला स्वीट्स हाउस की इमरती का स्वाद पूरे इलाके में विख्यात है। इस दुकान पर पिछले लगभग 60 वर्षों से एक ही पारंपरिक स्वाद और गुणवत्ता के साथ इमरती बनाई जा रही है। छह दशकों की इस लंबी यात्रा में इसके स्वाद में कोई बदलाव नहीं आया है, जिससे लोगों का भरोसा आज भी कायम है।
इस इमरती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे केवल उड़द की धोई (बिना छिलके की उड़द दाल) से तैयार किया जाता है। शुद्ध उड़द दाल से बनी होने के कारण यह इमरती मुंह में डालते ही बेहद आसानी से घुल जाती है। इसका रसीला और कुरकुरा स्वाद ऐसा होता है कि एक बार चखने के बाद लोग इसे बार-बार खाने को मजबूर हो जाते हैं। न केवल मऊ, बल्कि पड़ोसी जनपदों से भी लोग विशेष रूप से इस इमरती को खरीदने के लिए आते हैं। बाजार में यह प्रसिद्ध इमरती 260 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध है।
3. भातकोल बाजार की कृष्णा कैटरर्स एंड स्वीट्स की सफेद बर्फी
मऊ के भातकोल बाजार में स्थित कृष्णा कैटरर्स और स्वीट्स हाउस की सफेद बर्फी त्योहारों के दौरान बिक्री के नए रिकॉर्ड बनाती है। यह मिठाई शुद्ध खोवा (मावा) से तैयार की जाती है और देखने में एकदम धवल सफेद रंग की होती है। यद्यपि इसे सूखी मिठाई की श्रेणी में रखा जाता है, लेकिन इसके स्वाद का कोई मुकाबला नहीं है।
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर इस सफेद बर्फी की मांग अत्यधिक बढ़ जाती है। इसका मुख्य कारण इसका आकर्षक रूप और मावे का समृद्ध स्वाद है। खोवा से विशेष विधि द्वारा बनाए जाने के कारण इस बर्फी की मिठास और सुगंध हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। सुंदर प्रस्तुति और उम्दा स्वाद के कारण लोग रक्षाबंधन पर इसे अपनी पहली पसंद बनाते हैं। बाजार में इस स्वादिष्ट सफेद बर्फी की कीमत 260 रुपये प्रति किलो है।
4. त्रिवेणी स्वीट हाउस का लाजवाब मोतीचूर लड्डू
मऊ जनपद में त्रिवेणी स्वीट हाउस का मोतीचूर लड्डू अपने अलग अंदाज और स्वाद के लिए जाना जाता है। सामान्यतः मोतीचूर के लड्डू बेसन की बारीक बूंदियों को चाशनी में डुबोकर बनाए जाते हैं। लेकिन त्रिवेणी स्वीट हाउस में इसे तैयार करने का तरीका बेहद खास और अनूठा है, जिसके कारण ऐसा स्वाद पूरे मऊ जिले में कहीं और नहीं मिलता।
दुकानदारों द्वारा अपनाई जाने वाली विशेष निर्माण विधि के कारण इस लड्डू की मांग बाजार में लगातार बनी रहती है। ग्राहकों की भारी भीड़ को देखते हुए दुकान पर हमेशा ताजा मोतीचूर लड्डू बनाकर रखा जाता है ताकि किसी ग्राहक को खाली हाथ न लौटना पड़े। बेहतरीन स्वाद के बावजूद इसकी कीमत काफी किफायती रखी गई है, जो बाजार में 180 रुपये प्रति किलो की दर से मिलता है।
5. खोवा और सूखे मेवों से भरपूर अनोखी काला परवर मिठाई
मऊ की मिठाइयों की चर्चा काला परवर (परोरा) मिठाई के बिना अधूरी मानी जाती है। यह एक अत्यंत विशिष्ट मिठाई है जिसे बनाने की प्रक्रिया अन्य पारंपरिक मिठाइयों से बिल्कुल अलग है। इसमें ताजे परवर के अंदर खोवा, मेवा और अन्य खास सामग्रियां भरकर अनोखे तरीके से पकाया जाता है।
इस मिठाई की सबसे बड़ी खूबी इसका दोहरा स्वाद है, जिसमें परवल की हल्की सब्जी वाली प्राकृतिक सुगंध और खोवे की मिठास का अद्भुत मेल देखने को मिलता है। इसका अनोखा जायका हर मिठाई प्रेमी के मन को पहली ही बार में भा जाता है। मऊ आने वाले पर्यटक और बाहरी लोग इस स्वादिष्ट काला परवर मिठाई को अपने साथ दूर-दूर तक लेकर जाते हैं। यही वजह है कि त्योहारों के मौसम में इसकी बिक्री कई गुना बढ़ जाती है।


















