झारखंड की राजधानी रांची के घरों में पारंपरिक व्यंजनों की एक समृद्ध परंपरा रही है, जिसमें बैंगन ठडुआ का स्थान बेहद खास माना जाता है। इस पारंपरिक सब्जी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पतले और छोटे आकार के बैंगन को टुकड़ों में काटा नहीं जाता, बल्कि डंडी समेत पूरा साबुत ही पकाया जाता है। स्थानीय स्तर पर अपनी लजीज बनावट और समृद्ध स्वाद के कारण इसे एक शाही सब्जी का दर्जा भी दिया जाता है। जब घरों में खास मेहमान आते हैं, तो भोजन की थाली को खास बनाने के लिए यह सब्जी अक्सर परोसी जाती है, जिसका स्वाद लोगों को खूब भाता है।
बैंगन की सही जांच और मैरिनेशन की विधि
रांची की रहने वाली गृहणी उषा इस डिश को तैयार करने के मुख्य चरणों की जानकारी देती हैं। उनका कहना है कि इस व्यंजन की तैयारी बैंगन के सही चुनाव और उसकी जांच से शुरू होती है। सबसे पहले पतले और छोटे बैंगन को बीच से एक चीरा लगाकर यह देख लेना चाहिए कि अंदर से सब्जी सड़ी या खराब तो नहीं है। इस प्रक्रिया में सावधानी रखनी होती है कि बैंगन की डंडी टूटने न पाए और वह पूरी तरह साबुत बना रहे। इसके बाद बैंगन को मैरिनेट करने के लिए एक सूखा मसाला मिश्रण तैयार किया जाता है। इस मिश्रण में हल्दी, धनिया पाउडर, जीरा पाउडर, गोल मिर्च पाउडर और थोड़ा सा पिसा हुआ फ्राइड मसाला शामिल किया जाता है। इस मसाले को चीरा लगाए गए सभी साबुत बैंगन पर अच्छी तरह लपेट दिया जाता है। मसालों का स्वाद बैंगन के भीतरी रेशों तक पहुंच सके, इसके लिए मैरिनेट किए गए बैंगन को कम से कम आधा घंटा अलग रख देना जरूरी होता है।
मसालेदार ग्रेवी तैयार करने का तरीका
बैंगन के मैरिनेशन के दौरान दूसरे चूल्हे पर ग्रेवी बनाने की तैयारी की जाती है। ग्रेवी का आधार तैयार करने के लिए अदरक, लहसुन, टमाटर और साबुत खड़े मसालों को एक साथ मिलाकर मिक्सी या सिलबट्टे पर बारीक पीस लिया जाता है। इसके बाद एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म किया जाता है और पिसे हुए मसाले के पेस्ट को उसमें धीमी आंच पर भूना जाता है। मसाले को तब तक लगातार चलाना चाहिए जब तक कि वह पूरी तरह पककर तेल न छोड़ने लगे। जब मसाले से तेल अलग होने लगे, तब ग्रेवी की जरूरत के अनुसार उसमें उचित मात्रा में पानी मिला दिया जाता है। पानी मिलाने के बाद इस तरी को लगभग 15 से 20 मिनट तक अच्छी तरह उबाला जाता है ताकि मसालों का कच्चापन खत्म हो जाए और गाढ़ापन आ जाए। पूरी तरह पकने के बाद ग्रेवी को आंच से नीचे उतार लिया जाता है।
तलने की प्रक्रिया और परोसने का अंदाज
सब्जी को अंतिम रूप देने के लिए मैरिनेट करके रखे गए साबुत बैंगन को तेज गर्म तेल में डीप फ्राई किया जाता है। जब बैंगन अच्छी तरह तल जाएं, तो उन्हें कड़ाही से बाहर निकालकर अलग रख लिया जाता है। इसके बाद तैयार की गई गर्मागर्म ग्रेवी के भीतर इन तले हुए साबुत बैंगन को सीधे डाल दिया जाता है, जिससे बैंगन ग्रेवी के रसे को सोख लेते हैं। परोसते समय यह डिश बेहद आकर्षक दिखती है क्योंकि थाली में पूरा साबुत बैंगन आता है। लोग भोजन के दौरान अक्सर 1 से 2 पीस बैंगन लेकर खाते हैं और इतने में ही उनका मन तृप्त हो जाता है। इसे गर्म रोटी या उबले हुए चावल के साथ परोसने पर इसका स्वाद सबसे बेहतरीन लगता है।



















