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सालों-साल नहीं खराब होगा अचार, अपनाएं मदनी देवी के ये पारंपरिक नुस्खे और पाएं बाजार जैसा स्वादखानपान
20 जून 2026, 6:55 pm (131 दिन पहले)· 3

सालों-साल नहीं खराब होगा अचार, अपनाएं मदनी देवी के ये पारंपरिक नुस्खे और पाएं बाजार जैसा स्वाद

घर पर स्वादिष्ट और लंबे समय तक चलने वाला अचार बनाने के लिए सामग्री की नमी दूर करना, सही मर्तबान का चुनाव और तेल व नमक का सही संतुलन बेहद जरूरी है।

भारतीय थाली में अचार का एक विशेष स्थान है। इसके बिना भोजन का स्वाद अधूरा सा लगता है। हालांकि, कई लोगों की यह आम शिकायत होती है कि उनका घर पर बना अचार बहुत जल्दी खराब हो जाता है, उसमें फफूंदी लग जाती है या फिर बाजार जैसा गाढ़ापन और बढ़िया रंग नहीं आ पाता। TrendKia की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि अचार बनाते समय कुछ पारंपरिक और बेहद सरल बातों का विशेष ध्यान रखा जाए, तो इसका स्वाद सालों-साल वैसा ही बना रहेगा और यह खराब नहीं होगा।

अचार को फंगस से बचाने के अचूक तरीके

अचार खराब होने की सबसे बड़ी वजह उसमें मौजूद नमी होती है। गृहणी मदनी देवी ने इस समस्या से बचने का एक बेहद आसान उपाय साझा किया है। उन्होंने बताया कि जब भी आप कैरी, नींबू या किसी अन्य सामग्री का अचार बनाने जा रहे हों, तो सबसे पहले उस पर हल्दी और नमक लगाकर करीब 24 घंटे के लिए छोड़ दें। ऐसा करने से सामग्री के अंदर मौजूद सारा अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाता है। जब नमी पूरी तरह खत्म हो जाती है, तो मसाले टुकड़ों में अच्छी तरह समा जाते हैं और अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहता है।

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इसके अलावा, अचार की सुरक्षा में तेल और नमक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। तेल एक प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव की तरह काम करता है जो अचार को बाहरी हवा और नमी के संपर्क में आने से रोकता है। इसलिए हमेशा यह ध्यान रखें कि मर्तबान में अचार पूरी तरह से तेल में डूबा होना चाहिए। यदि अचार का कोई भी हिस्सा तेल से बाहर रहेगा, तो उसमें फफूंदी लगने की आशंका बढ़ जाएगी। इसी तरह नमक भी अचार को केवल नमकीन स्वाद नहीं देता, बल्कि उसे अंदर से मुलायम बनाता है और प्रिजर्व करने का काम करता है। नमक की मात्रा कम होने पर अचार सख्त रह सकता है और जल्दी खराब भी हो सकता है।

मर्तबान को तैयार करने का सही तरीका

मदनी देवी के अनुसार, अचार रखने के लिए आप जिस भी कांच के जार या चीनी मिट्टी के मर्तबान का उपयोग कर रहे हैं, उसका पूरी तरह से साफ और सूखा होना अनिवार्य है। जार को सबसे पहले गर्म पानी से अच्छी तरह धो लें और फिर तेज धूप में सुखाएं। जार को सुखाने के बाद उसके अंदर थोड़ी सी हींग की धूनी भी दी जा सकती है। हींग की धूनी देने से मर्तबान के अंदर बची-खुची नमी भी पूरी तरह समाप्त हो जाती है और अचार में कभी फफूंद नहीं लगती। इसके साथ ही, जब आप अचार को जार में भर रहे हों, तो उसे चम्मच की मदद से थोड़ा दबाते जाएं ताकि टुकड़ों के बीच में कोई भी हवा का बुलबुला न बचे।

अचार का रंग और गाढ़ापन बढ़ाने के सीक्रेट टिप्स

अगर आप चाहते हैं कि आपके घर के अचार का रंग बिल्कुल बाजार जैसा चमकीला और आकर्षक लाल दिखे, तो साधारण लाल मिर्च पाउडर के साथ थोड़ा कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर भी मिलाएं। इससे अचार का रंग बेहद खूबसूरत हो जाता है।

वहीं, आम के अचार में बाजार जैसी गाढ़ी ग्रेवी लाने के लिए एक विशेष नुस्खा अपनाया जा सकता है। अचार तैयार करते समय एक या दो कच्चे आमों को कद्दूकस कर लें। इसके बाद कद्दूकस की हुई कैरी को थोड़ी देर के लिए धूप में सुखाएं और फिर इसे तैयार अचार में मिला दें। यह कद्दूकस की हुई कैरी अचार के मसालों को प्राकृतिक रूप से गाढ़ा बनाती है और उसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है।

सवाल-जवाब

अचार बनाने से पहले सामग्री में नमक और हल्दी मिलाकर क्यों रखा जाता है?
ऐसा करने से सामग्री के भीतर का सारा अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाता है। नमी खत्म होने से अचार जल्दी खराब नहीं होता और मसाले भी अच्छी तरह मिल जाते हैं।
अचार को फंगस से सुरक्षित रखने में तेल की क्या भूमिका है?
तेल एक प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव है। यह अचार को हवा और नमी के संपर्क में आने से बचाता है। इसके लिए अचार का हमेशा तेल में पूरी तरह डूबा रहना आवश्यक है।
अचार भरने से पहले मर्तबान को हींग की धूनी क्यों दी जाती है?
हींग की धूनी देने से मर्तबान में बची-खुची नमी खत्म हो जाती है, जिससे फफूंद लगने की संभावना न के बराबर हो जाती है।
आम के अचार में बाजार जैसा गाढ़ापन कैसे लाया जा सकता है?
अचार बनाते समय एक या दो कच्चे आमों को कद्दूकस करके थोड़ी देर धूप में सुखा लें और फिर तैयार अचार में मिला दें। इससे प्राकृतिक गाढ़ापन आ जाता है।
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