भारतीय रसोई में कढ़ी और चावल का संयोजन हमेशा से बेहद पसंदीदा रहा है। आमतौर पर कढ़ी बनाने के लिए बेसन और दही के घोल का उपयोग किया जाता है, लेकिन मशहूर शेफ संजीव कपूर ने इस पारंपरिक व्यंजन को एक नया स्वाद देने के लिए एक बेहतरीन विचार साझा किया है। उन्होंने बेसन के बजाय भुने हुए चने से बने सत्तू का प्रयोग करके इस कढ़ी को तैयार किया है। सत्तू न केवल सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है बल्कि इसका स्वाद भी कढ़ी में एक अलग ताजगी और नयापन लेकर आता है।
कढ़ी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
सत्तू वाली इस स्वादिष्ट कढ़ी को तैयार करने के लिए मुख्य घोल हेतु दो से तीन बड़े चम्मच सत्तू, डेढ़ कप ताजा दही, आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, तीन चौथाई छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और स्वाद के अनुसार नमक की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही कढ़ी के स्वाद को और बढ़ाने के लिए दो छोटे चम्मच ताजा अदरक और हरी मिर्च का पिसा हुआ पेस्ट तैयार रखें।
तड़के की तैयारी के लिए दो बड़े चम्मच देशी घी, आधा छोटा चम्मच राई के दाने, एक छोटा चम्मच जीरा, आधा छोटा चम्मच हींग, दो साबुत सूखी लाल मिर्च और छह से आठ करी पत्ते लें। इसके अलावा कढ़ी में मिलाने के लिए एक मध्यम आकार का बारीक कटा हुआ प्याज और अंत में सजावट के लिए बारीक कटा हरा धनिया चाहिए।
घोल तैयार करने की चरणबद्ध विधि
कढ़ी पकाने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले एक बड़े गहरे बर्तन में दही निकाल लें। अब इस दही में सत्तू, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, नमक और अदरक व हरी मिर्च का पेस्ट डालें। एक मथनी या व्हिस्क की मदद से इन सभी चीजों को दही में अच्छी तरह मिला लें ताकि सत्तू पूरी तरह से घुल जाए और उसमें जरा भी गांठ न बचे।
जब सत्तू और मसालों का यह मिश्रण पूरी तरह एकसार हो जाए, तब इसमें साढ़े तीन कप साफ पानी मिलाएं। पानी डालने के बाद इस पूरे घोल को दोबारा अच्छी तरह से चलाएं ताकि एक पतला और एकसमान मिश्रण बनकर तैयार हो जाए।
तड़का लगाने और पकाने का तरीका
अब एक पैन या कढ़ाई को आंच पर रखकर गर्म करें और उसमें दो चम्मच घी डालें। घी के गर्म होते ही इसमें राई के दाने डालें। जब राई चटकने लगे, तब इसमें जीरा, हींग और सूखी लाल मिर्च डालकर हल्का भून लें। इसके तुरंत बाद करी पत्ते और कटा हुआ प्याज पैन में डाल दें। प्याज को मध्यम आंच पर तब तक भूनें जब तक कि वह हल्का पारदर्शी न हो जाए।
प्याज के अच्छे से भून जाने के बाद तैयार किया गया सत्तू और दही का घोल पैन में डाल दें। आंच को मध्यम रखें और कढ़ी को लगातार चलाते रहें। इसे लगभग 10 से 12 मिनट तक अच्छी तरह उबलने और पकने दें। बीच-बीच में चलाना इसलिए जरूरी है ताकि सत्तू नीचे बैठकर बर्तन के तले में न चिपके। जब कढ़ी में अच्छी खुशबू आने लगे और उसकी गाढ़ापन सही हो जाए, तब आंच बंद कर दें।
परोसने की सलाह और उपयोगिता
पककर तैयार हुई गर्म कढ़ी को एक सुंदर सर्विंग बाउल में निकालें और ऊपर से ताजे कटे हरे धनिये से सजाएं। इसे गरमागरम उबले हुए चावल के साथ परोसें। रोजमर्रा की दही-बेसन वाली कढ़ी के विकल्प के रूप में यह सत्तू कढ़ी एक बेहद पौष्टिक और स्वादिष्ट विकल्प साबित होती है।



















