बाजार की मिठाई का शौक तो सबको होता है, लेकिन हर बार पैसे खर्च करके मिठाई लाना जरूरी नहीं. अगर घर में चावल और दूध रखा है, तो कुछ ही देर में हलवाई की दुकान जैसा मुलायम पेड़ा तैयार हो सकता है. सबसे खास बात यह है कि इस पेड़े में न मेवा डालने की जरूरत पड़ती है और न खोया, फिर भी स्वाद इतना दमदार होता है कि काजू कतली और बादाम बर्फी जैसी महंगी मिठाइयां भी फीकी लगने लगें. त्योहार हो, पूजा हो या अचानक घर आए मेहमान, यह रेसिपी झटपट बनकर तैयार हो जाती है.
चावल के पेड़े के लिए जरूरी सामग्री
इस मिठाई को बनाने के लिए ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ती. डेढ़ कटोरी चावल, आधा कप देसी घी, 3 से 4 इलायची का पाउडर, डेढ़ कप दूध, डेढ़ कप नारियल का बुरादा, डेढ़ कप मिल्क पाउडर और डेढ़ कप चीनी से यह पूरी रेसिपी तैयार हो जाती है. रंग और खुशबू निखारने के लिए थोड़ा-सा केसर डाला जा सकता है, जबकि ऊपर से सजावट के लिए बारीक कटे पिस्ते इस्तेमाल किए जाते हैं.
पके हुए चावल से झटपट पेड़े बनाने का तरीका
सबसे पहले डेढ़ कटोरी चावल लेकर उन्हें अच्छी तरह पका लिया जाता है. पके हुए चावल में आधा कप देसी घी, 3 से 4 इलायची का पाउडर और डेढ़ कप दूध डालकर अच्छे से मिलाया जाता है. इसके बाद इसी मिश्रण में डेढ़ कप नारियल का बुरादा, डेढ़ कप मिल्क पाउडर और डेढ़ कप चीनी मिलाई जाती है. स्वाद और रंगत बढ़ाने के लिए इसमें थोड़ा केसर मिलाया जा सकता है और ऊपर से बारीक कटे पिस्ते से गार्निश किया जा सकता है. इस पूरे मिश्रण से छोटे-छोटे पेड़े बनाकर सीधे परोसे जा सकते हैं. इस तरीके से बनी मिठाई स्वाद में जितनी लाजवाब होती है, बनावट में उतनी ही मुलायम रहती है.
भुने चावल का पाउडर बनाकर पेड़े बनाने की विधि
जिन्हें थोड़ा पारंपरिक तरीका पसंद है, वे भुने हुए चावल से पाउडर बनाकर भी यह मिठाई तैयार कर सकते हैं. इसके लिए पहले भुने हुए चावल को पूरी तरह ठंडा होने दिया जाता है. ठंडा होने के बाद इन्हें मिक्सी में इलायची के साथ डालकर बारीक पीस लिया जाता है. पिसे हुए पाउडर को छलनी से छानना जरूरी है, ताकि उसमें कोई मोटा टुकड़ा न रह जाए और मिठाई एकदम स्मूद बने. अब गैस पर एक पतीला रखकर उसमें दूध गर्म किया जाता है. दूध हल्का गर्म होते ही उसमें मिल्क पाउडर, चीनी और नारियल का बुरादा डाल दिया जाता है. इसे लगातार चलाते रहना बेहद जरूरी है, वरना मिश्रण में गांठें पड़ सकती हैं. यही मिश्रण आगे चलकर मिठाई का बेस बनता है, जिससे पेड़े तैयार किए जाते हैं.
मिश्रण को पकाकर पेड़े का आकार देना
दूध वाला मिश्रण जब अच्छी तरह तैयार हो जाए, तब उसमें छना हुआ चावल का पाउडर डाल दिया जाता है. अब सारी सामग्री को लगातार चलाते हुए पकाना होता है, जब तक मिश्रण गाढ़ा होकर एकसार न हो जाए और पैन की सतह छोड़ने न लगे. इसके बाद इसे घी लगी थाली या प्लेट में निकालकर थोड़ी देर ठंडा होने दिया जाता है. मिश्रण जब हल्का गुनगुना रह जाए, तभी हाथों से छोटे-छोटे पेड़े का आकार दिया जा सकता है, क्योंकि ज्यादा गर्म होने पर आकार देना मुश्किल हो जाता है और पूरी तरह ठंडा होने पर मिश्रण सख्त पड़ जाता है. आखिर में हर पेड़े को केसर के रेशों और बारीक कटे पिस्ते से सजाया जाता है. चाहें तो ऊपर से थोड़ा नारियल का बुरादा भी छिड़का जा सकता है. इतना करते ही स्वादिष्ट चावल के पेड़े परोसने के लिए बिल्कुल तैयार हो जाते हैं.
मुलायम और खुशबूदार पेड़े के लिए जरूरी टिप्स
इस मिठाई को बेहतरीन बनाने के लिए कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है. चावल को हमेशा पूरी तरह सूखने के बाद ही भूनना चाहिए, इससे उसका पाउडर बारीक और अच्छी बनावट का बनता है. दूध और बाकी सामग्री का मिश्रण पकाते समय उसे लगातार चलाते रहना चाहिए, ताकि वह पतीले की तली में न चिपके और जले नहीं. पेड़े हमेशा हल्के गुनगुने मिश्रण से ही बनाने चाहिए, क्योंकि इससे मनचाहा आकार देना आसान हो जाता है. स्वाद और खुशबू को और बढ़ाने के लिए इसमें गुलाब जल या केवड़ा एसेंस की कुछ बूंदें भी मिलाई जा सकती हैं. इसके अलावा ऊपर से पिस्ता या नारियल का बुरादा डालकर मिठाई को और आकर्षक भी बनाया जा सकता है.











