फ्रांस की फुटबॉल टीम में अब एक नए दौर की शुरुआत होने जा रही है। पूर्व मिडफील्डर जिनेदिन जिदान 1 सितंबर से लेस ब्लूज़ के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं, वहीं मौजूदा कोच डिडिएर देशां का 14 साल लंबा कार्यकाल अब खत्म हो चुका है।
मियामी में मिली दर्दनाक हार से हुआ अंत
देशां का लंबा सफर एक कड़वे नतीजे के साथ खत्म हुआ। शनिवार को स्थानीय समय के मुताबिक मियामी में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस को इंग्लैंड के हाथों 6-4 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही फ्रांस बिना पदक के टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
साका की हैट्रिक ने बिगाड़ा फ्रांस का खेल
इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और हाफ टाइम तक डेक्लन राइस, एज़्री कोन्सा और बुकायो साका के गोल की बदौलत 4-0 की बढ़त बना ली थी। दूसरे हाफ में फ्रांस ने वापसी की कोशिश की, किलियन एमबाप्पे ने दो गोल दागे और ब्रैडली बार्कोला ने भी एक गोल किया, लेकिन यह कोशिश नाकाफी साबित हुई। साका ने अपनी हैट्रिक पूरी करते हुए इंग्लैंड की बढ़त और मजबूत की, जबकि जूड बेलिंघम ने इंजरी टाइम में गोल करके मुकाबला पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में कर दिया। हार के बावजूद एमबाप्पे के लिए यह मैच खास रहा, क्योंकि इन दो गोलों के साथ वे वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए।
14 साल में फ्रांस को मिली नई पहचान
देशां ने 2012 में फ्रांस की कमान संभाली थी। इसके बाद उनकी अगुवाई में टीम ने 2018 में फीफा वर्ल्ड कप का खिताब जीता और 2022 में एक बार फिर फाइनल तक का सफर तय किया। 2026 वर्ल्ड कप में फ्रांस का सफर सेमीफाइनल में स्पेन के हाथों हार के साथ थम गया था, जिसके बाद टीम को तीसरे स्थान के मुकाबले में उतरना पड़ा और वहां भी हार मिली, जो आखिरकार देशां की विदाई की वजह बनी।
फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन ने जताया आभार
फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन (FFF) ने एक्स पर पोस्ट के जरिए देशां का शुक्रिया अदा किया और 2012 से अब तक उनके काम को शानदार बताया। फेडरेशन ने उनके खिलाड़ी और कोच, दोनों के तौर पर दिए गए योगदान को जोड़ते हुए इसे करीब एक चौथाई सदी की असाधारण सेवा के तौर पर याद किया।
"ऐसे करियर बहुत कम होते हैं जो किसी संस्था और किसी देश के इतिहास पर हमेशा के लिए अपनी छाप छोड़ जाते हैं," फेडरेशन ने कहा।
अनुशासन और निरंतरता की मिसाल
फेडरेशन के मुताबिक देशां ने अपने कार्यकाल में फ्रांस टीम की साख और सम्मान दोनों को फिर से मजबूत किया और टीम को दुनिया की टॉप टीमों में बनाए रखा। इस दौरान टीम ने 2018 का वर्ल्ड कप खिताब, 2021 की नेशंस लीग ट्रॉफी जीती और कई बड़े फाइनल भी खेले। आंकड़ों की बात करें तो देशां की अगुवाई में फ्रांस ने 185 मुकाबले खेले, जिनमें से 120 में जीत मिली। फेडरेशन ने बताया कि उन्होंने टीम में प्रदर्शन और जिम्मेदारी की एक संस्कृति खड़ी की, कई पीढ़ियों के खिलाड़ियों को तराशा और टीम व फ्रांस के फैंस के बीच के रिश्ते को भी मजबूत किया।
खिलाड़ी और कोच, दोनों भूमिकाओं में खास मुकाम
फेडरेशन ने यह भी याद दिलाया कि देशां ने बतौर कप्तान फ्रांस को 1998 का वर्ल्ड कप और 2000 की यूरोपियन चैंपियनशिप जिताई थी, और करीब बीस साल बाद कोच के तौर पर भी उन्होंने टीम को वर्ल्ड कप चैंपियन बनाया। फेडरेशन का कहना है कि इस वजह से फ्रेंच फुटबॉल के इतिहास में देशां का स्थान बेहद खास है, क्योंकि बहुत कम लोगों ने खिलाड़ी और फिर कोच, दोनों भूमिकाओं में नीली जर्सी को इतना कुछ दिया है।
"शुक्रिया, डिडिएर"
फेडरेशन ने अपने संदेश के अंत में कहा कि देशां की छाप क्लेयरफॉन्टेन ट्रेनिंग सेंटर से लेकर लाखों समर्थकों और वॉलंटियर्स के दिलों तक हमेशा बनी रहेगी। फेडरेशन ने उनकी उपलब्धता और प्रतिबद्धता के लिए आभार जताते हुए उन्हें दिल से धन्यवाद कहा।




















