मियामी में शनिवार (स्थानीय समय) को खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराया, और मियामी स्टेडियम में हुए इस दस गोलों वाले रोमांचक और रिकॉर्ड तोड़ मुकाबले में स्टॉपेज टाइम में जूड बेलिंघम के गोल ने मुहर लगाई। इसी हार के साथ दिदिएर देशां का फ्रांस कोच के तौर पर 14 साल का सफर भी खत्म हो गया।
पहले हाफ में इंग्लैंड का धमाका
मैच के पहले 45 मिनट में ही इंग्लैंड ने फ्रांस को पूरी तरह पस्त कर दिया और 4-0 की बढ़त बना ली। डेक्लन राइस ने मैच शुरू होने के महज तीन मिनट में ही स्कोर खोल दिया, जबकि डिफेंडर एज़री कोंसा ने 18वें मिनट में बढ़त को दोगुना कर दिया। इसके बाद बुकायो साका छा गए और उन्होंने 37वें मिनट और फिर पहले हाफ की इंजरी टाइम (45+1') में लगातार दो गोल दागे। ब्रेक तक इंग्लैंड 4-0 से आगे था। फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में यह पहला मौका था जब फ्रांस को किसी एक हाफ में चार गोल खाने पड़े।
देशां बोले, पहला हाफ शर्मनाक रहा
मैच के बाद देशां ने अपनी नाराजगी नहीं छिपाई और पहले हाफ के प्रदर्शन को कमजोर बताया, हालांकि उन्होंने खिलाड़ियों की वापसी की तारीफ भी की। फीफा की वेबसाइट के मुताबिक देशां ने कहा, "यह हार है। हम 4-0 से पीछे थे, हमने शर्मनाक पहला हाफ खेला।" उन्होंने आगे बताया कि टीम ने अच्छी वापसी की और स्कोर 4-4 करने के दो मौके भी बनाए, इसके बाद टीम ने और दबाव बनाया लेकिन कामयाबी हाथ नहीं लगी। देशां ने हार की जिम्मेदारी खुद पर ली और कहा कि पहले हाफ में उनकी रणनीति सही नहीं बैठी, साथ ही उन्होंने अफसोस जताया कि टीम तीसरे नंबर पर फिनिश नहीं कर सकी।
एम्बापे ने मेसी को पीछे छोड़ा, फ्रांस की जोरदार वापसी
हाफ टाइम में 4-0 से पिछड़ने के बावजूद फ्रांस ने दूसरे हाफ में जबरदस्त वापसी की। किलियन एम्बापे ने दो गोल दागे और ब्रैडली बार्कोला ने एक और गोल जोड़कर स्कोर 4-3 कर दिया। एम्बापे के इन दो गोलों की अहमियत स्कोरबोर्ड से कहीं ज्यादा थी, क्योंकि इसी के साथ उन्होंने लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ते हुए 22 गोल के साथ फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
साका की हैट्रिक और बेलिंघम का आखिरी वार
जैसे ही फ्रांस पूरी तरह वापसी की तरफ बढ़ता दिखा, इंग्लैंड ने फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया। बुकायो साका ने 87वें मिनट में पेनल्टी से गोल कर अपनी हैट्रिक पूरी की और इंग्लैंड की बढ़त फिर से मजबूत कर दी। इसके बाद उस्मान डेम्बेले ने फ्रांस के लिए देर से एक गोल किया, लेकिन फ्रांस की वापसी की कहानी अधूरी रह गई क्योंकि स्टॉपेज टाइम में जूड बेलिंघम ने गोल दागकर मैच का स्कोर 6-4 कर इंग्लैंड की जीत पक्की कर दी।
देशां के 14 साल के सफर का अंत
यह हार फ्रांसीसी फुटबॉल के एक शानदार दौर के खत्म होने का प्रतीक बनी। देशां ने 2012 में फ्रांस टीम की कमान संभाली थी और उनकी अगुवाई में टीम ने 2018 में फीफा वर्ल्ड कप का खिताब जीता, इसके बाद 2022 में एक और फाइनल खेला, जबकि 2026 का अभियान स्पेन के खिलाफ सेमीफाइनल हार के साथ खत्म हुआ। ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले के बाद अपने कार्यकाल पर बात करते हुए देशां ने कहा कि टीम टूर्नामेंट में बड़ी महत्वाकांक्षा के साथ उतरी थी और कई अच्छे नतीजे भी हासिल किए, हालांकि स्पेन के खिलाफ सेमीफाइनल हार ने खिताब की उम्मीदें खत्म कर दीं। उन्होंने अपने खिलाड़ियों को प्रतिभाशाली बताया, जिनमें कई युवा खिलाड़ी शामिल हैं जो आगे और निखरेंगे, और तैयारी से लेकर टूर्नामेंट तक साथ बिताए आठ हफ्तों को यादगार अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि नतीजों की निराशा के बावजूद वे और उनके खिलाड़ी लाखों फ्रांसीसी फैंस के साथ अपनी भावनाएं साझा कर पाए, और वर्ल्ड कप को उन्होंने एक बेजोड़ अनुभव बताया।




















