मॉनसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले रविवार को केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें सभी राजनीतिक दलों को आगामी सत्र के विधायी एजेंडे की जानकारी दी गई। बैठक में सरकार अपनी तरफ से पेश किए जाने वाले विधेयकों की सूची रखेगी, जबकि विपक्षी दल नीट विवाद, सोनम वांगचुक से जुड़े मामले और राम मंदिर विवाद जैसे मुद्दों को जोरशोर से उठाने की तैयारी में हैं।
सरकार का विधायी एजेंडा
खबरों के मुताबिक, मॉनसून सत्र में सरकार पांच से सात नए विधेयक पेश कर सकती है। अलग अलग रिपोर्ट्स में यह संख्या पांच से सात के बीच बताई गई है, लेकिन इन सबमें एक बात लगभग तय मानी जा रही है कि लंबे समय से लंबित विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम यानी FCRA से जुड़ा संशोधन विधेयक सरकार की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। सरकार इसे सत्र की शुरुआत में ही पारित कराना चाहती है।
विपक्ष के मुद्दे
सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दल कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं। नीट परीक्षा से जुड़ा विवाद अभी थमा नहीं है, वहीं सोनम वांगचुक का मामला भी गरमाया हुआ है। वांगचुक पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसकी कई विपक्षी नेताओं ने कड़ी आलोचना की। खबरों के मुताबिक राम मंदिर से जुड़ा विवाद भी बैठक में उठाए जाने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष मॉनसून सत्र में सरकार को अलग अलग मोर्चों पर घेरना चाहता है।
21 जुलाई को NDA की बैठक
इस बीच, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA के सांसदों की संसदीय दल बैठक 21 जुलाई को होनी है, जिसमें मॉनसून सत्र के एजेंडे पर आगे चर्चा होने की उम्मीद है। सर्वदलीय बैठक और NDA की बैठक, दोनों का मकसद सत्र शुरू होने से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगियों और विपक्ष, दोनों का रुख भांपना है।


















