फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-K मुकाबले में सबसे बड़ी सुर्खी पुर्तगाल की जीत नहीं, बल्कि उसका रुकना बनी। खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही क्रिस्टियानो रोनाल्डो की टीम अपने पहले ही मैच में डीआर कांगो के सामने 1-1 की बराबरी पर अटक गई। कागज़ पर कमजोर दिख रही कांगो की टीम ने न सिर्फ एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी को अंक बांटने पर मजबूर किया, बल्कि अपने लिए इतिहास भी लिख डाला।
तेज शुरुआत, छठे मिनट में ही बढ़त
मुकाबले के पहले हिस्से में मैदान पूरी तरह पुर्तगाल के रंग में रंगा दिखा। ब्रूनो फर्नांडीस, जोआओ नेवेस, वितिन्हा और बर्नार्डो सिल्वा जैसे नामों से सजे मिडफील्ड ने गेंद पर पकड़ बनाए रखी और लगातार आक्रामक रुख अपनाया। इसका फल जल्दी मिला। मैच के छठे मिनट में पेड्रो नेटो ने एक शानदार क्रॉस लगाया, जिस पर जोआओ नेवेस ने बेहतरीन हेडर लगाकर गेंद नेट में पहुंचा दी और पुर्तगाल 1-0 से आगे हो गया।
हाफ-टाइम से ठीक पहले कांगो की पलटवार
बढ़त गंवाने के बाद डीआर कांगो ने हार नहीं मानी। योआने विसा और सेड्रिक बकम्बू की अगुवाई वाली फॉरवर्ड लाइन ने धीरे-धीरे पुर्तगाल के डिफेंस पर दबाव बढ़ाना शुरू किया। हाफ-टाइम से ठीक पहले यह मेहनत रंग लाई। एक कॉर्नर के बाद आए क्रॉस पर योआने विसा ने ऐसा हेडर लगाया कि पुर्तगाली गोलकीपर Diogo Costa भी कुछ नहीं कर सके और गेंद जाल में समा गई। यह गोल सिर्फ बराबरी का गोल नहीं था। 1974 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही कांगो की टीम का यह टूर्नामेंट में पहला गोल था, जिसके साथ ही उसके फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
दूसरे हाफ में जूझते दिखे रोनाल्डो
इस गोल ने पुर्तगाल की लय को पूरी तरह तोड़ दिया। दूसरा हाफ कांटे की टक्कर वाला रहा, जिसमें कोई भी टीम बढ़त नहीं बना पाई। दुनिया के सबसे बड़े खिलाड़ियों में गिने जाने वाले क्रिस्टियानो रोनाल्डो इस मैच में पूरे समय संघर्ष करते नजर आए। दूसरे हाफ में उनके सामने गोल करने के दो बेहतरीन मौके आए, लेकिन दोनों ही बार वह चूक गए। मैच के आखिरी पलों यानी 90वें मिनट में ब्रूनो फर्नांडीस का एक लो-शॉट भी गोल पोस्ट से बाहर चला गया।
कांगो की दीवार और पुर्तगाल का झटका
आखिरी मिनटों तक कांगो के डिफेंडर्स ने गजब का संयम दिखाया और पुर्तगाल के हर हमले को नाकाम किया। इंजरी टाइम में पुर्तगाल ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, मगर कांगो की मजबूत रक्षापंक्ति को भेद नहीं सका। फाइनल व्हिसल बजते ही कांगो के खेमे में जश्न ऐसा था मानो जीत मिली हो। पुर्तगाल के लिए यह नतीजा किसी झटके से कम नहीं रहा, क्योंकि पूरे मैच में गेंद पर कब्जा रखने के बावजूद वे मौकों को गोल में नहीं बदल पाए और उन्हें 2 अंक गंवाने पड़े।













