लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा, शशि थरूर ने रखी अपनी बातदिवंगत अभिनेता देवानंद की संतान सुनील आनंद नहीं रहे, 70 वर्ष की आयु में कार्डिएक अरेस्ट से लंदन में हुआ निधनवियो ने पेश किया नया इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल रोवर, साझा गतिशीलता बाजार में बड़ी छलांग की तैयारीबेलेघाटा से तृणमूल कांग्रेस नेता राजू नस्कर पुलिस कस्टडी में, रंगदारी और धमकी के आरोपों पर बड़ा एक्शनसिर्फ तीन चीजों से किचन में बनाएं बाजार जैसा कस्टर्ड पाउडर, 6 महीने तक रहेगा तरोताजाआषाढ़ पूर्णिमा पर लक्ष्मी नारायण की विशेष आराधना से दूर होगी आर्थिक तंगी, जानें आचार्य इंदु प्रकाश के आठ सिद्ध उपायडोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, अमेरिकी फुटबॉल के लिए ऐतिहासिक रहा विश्व कप का आयोजनमहाभारत में अर्जुन का किरदार निभाने के बाद भी शहीर शेख को क्यों झेलनी पड़ी थी बेरोजगारीतेल बाजार में भारी गिरावट, क्या निवेशक कर रहे हैं जल्दबाजी या मध्य पूर्व की उम्मीदें हैं अतिरेकघर में रखा सोना अब भारत में उधार लेने का पसंदीदा जरिया बनता जा रहा है
फीफा वर्ल्ड कप 2026: महंगे टिकटों ने ओपनिंग मैच में दिखाया रंग, स्टेडियम में दिखीं हजारों खाली कुर्सियांफुटबॉल
12 जून 2026, 10:42 pm (46 दिन पहले)· 0

फीफा वर्ल्ड कप 2026: महंगे टिकटों ने ओपनिंग मैच में दिखाया रंग, स्टेडियम में दिखीं हजारों खाली कुर्सियां

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले दिन साउथ कोरिया और चेक रिपब्लिक के मुकाबले में हजारों सीटें खाली रहीं, जिसकी बड़ी वजह करीब 1100 अमेरिकी डॉलर तक पहुंची टिकट की कीमतें रहीं और 180000 टिकट रीसेल पोर्टल्स पर ही अटके रह गए।

दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में शुमार फीफा वर्ल्ड कप का आगाज 12 जून से हो गया और टूर्नामेंट का पहला ओपनिंग मुकाबला मेक्सिको और साउथ अफ्रीका की टीमों के बीच खेला गया। इस बार फुटबॉल का यह महाकुंभ अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा मिलकर संयुक्त रूप से करा रहे हैं और सबसे ज्यादा मैच यूएस की धरती पर खेले जाने हैं। फुटबॉल प्रेमी इस इवेंट का बेसब्री से इंतजार करते हैं और सबसे लंबा इंतजार मैचों की टिकट को लेकर रहता है, लेकिन इस बार पहले ही दिन तस्वीर कुछ अलग नजर आई। साउथ कोरिया और चेक रिपब्लिक के बीच हुए मुकाबले के दौरान स्टेडियम में हजारों सीटें खाली रह गईं। इसकी सबसे बड़ी वजह टिकट के दाम रहे, जिनकी कीमत करीब 1100 अमेरिकी डॉलर यानी मौजूदा भारतीय मुद्रा में देखें तो 104646 रुपये तक जा पहुंची और इसी कारण 180000 टिकट रीसेल पोर्टल्स पर ही अटके रह गए।

टिकट के ऊंचे दामों ने बिगाड़ा खेल

फीफा की अधिकतर कमाई हर चार साल में एक बार होने वाले इसी टूर्नामेंट से होती है। साल 1994 से लेकर अब तक वर्ल्ड कप के आयोजन ने फीफा को मोटी कमाई दी है और इस बार भी संस्था को बड़ी उम्मीदें हैं। इसकी आमदनी के प्रमुख स्रोत टिकट बिक्री, हॉस्पिटेलिटी पैकेज, ब्रॉडकास्टिंग राइट्स, स्पॉन्सरशिप और लाइसेंसिंग जैसी चीजें हैं। मगर इस बार टिकटों के दामों में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला, जिसका सीधा असर ओपनिंग डे पर पड़ा। टिकट की कीमतों को लेकर फीफा का यह फैसला पहले ही दिन उल्टा पड़ता नजर आया और ग्वाडलजारा में साउथ कोरिया तथा चेक रिपब्लिक के बीच हुए मैच के दौरान हजारों कुर्सियां खाली दिखीं। पिछली बार कतर में हुए फीफा वर्ल्ड कप की तुलना में इस बार टिकट के दाम पांच गुना तक बढ़ गए हैं।

ये भी पढ़ें

180000 टिकट रीसेल पोर्टल्स पर ही फंसे

इस बार फुटबॉल वर्ल्ड कप के मुकाबलों के लिए फीफा ने टिकट बेचने में उतार-चढ़ाव वाला यानी डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम अपनाया, जिसके तहत एक समय टिकट का दाम 1100 अमेरिकी डॉलर यानी मौजूदा भारतीय मुद्रा में 104646 रुपये तक पहुंच गया। इतनी महंगी कीमत होने की वजह से 180000 टिकट रीसेल पोर्टल्स पर ही अटके रह गए। टिकट न बिकने पर आखिरी समय में इनके दामों में कटौती भी की गई, फिर भी सीटें खाली रह गईं। इसी के चलते अब यूएस अधिकारियों ने एंटी-ट्रस्ट जांच शुरू कर दी है।

संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR