पहले हाफ में आइवरी कोस्ट ने जर्मनी को पछाड़ा
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप डी में जर्मनी का सामना आइवरी कोस्ट से हुआ। अपने पहले मुकाबले में कुराकाओ को 7-1 से रौंदकर आई जर्मन टीम पूरे जोश और भरोसे के साथ मैदान पर उतरी थी। गेंद पर कब्जे और हमले के मामले में जर्मनी हावी रही, लेकिन आइवरी कोस्ट के मजबूत डिफेंस ने उसे काफी देर तक जवाब नहीं दिया। 30वें मिनट में अमाद डियालो की खतरनाक और तेज गेंद जर्मन पेनल्टी बॉक्स में पहुंची और आइवरी कोस्ट के कप्तान फ्रैंक केसी ने मौका भांपते हुए उसे गोल में तब्दील कर दिया। इस तरह आइवरी कोस्ट ने पहले हाफ में ही 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।
पहले हाफ में जर्मनी के लिए मुश्किलें यहीं नहीं रुकीं। काई हैवर्ट्ज ने एक शानदार हेडर लगाया, लेकिन आइवरी कोस्ट के गोलकीपर याहिया फोफाना ने बेहतरीन रिफ्लेक्स से उसे बाहर कर दिया। इसके बाद अलेक्सांदर पावलोविच ने कॉर्नर किक पर गोल किया, मगर रेफरी ने फाउल के कारण उसे रद्द कर दिया। हाफ टाइम तक जर्मनी 0-1 से पीछे थी और टीम पर दबाव साफ नजर आ रहा था।
उंडाव ने दूसरे हाफ में बदली तस्वीर
ब्रेक के बाद जर्मनी ने अपना रवैया बदला और लगातार हमलावर खेल जारी रखा। बदलावों का असर धीरे-धीरे दिखने लगा और 68वें मिनट में डेनिस उंडाव ने गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। जर्मन फैंस में नई उम्मीद जाग उठी। बराबरी के बाद दोनों टीमें मैच जीतने के लिए पूरी ताकत से जुट गईं। 88वें मिनट में आइवरी कोस्ट के सिमोन अडिंग्रा के पास मुकाबला जीतने का सुनहरा मौका आया, लेकिन वह उस गोल्डन चांस को भुना नहीं सके। यही चूक आखिरकार उनकी हार का सबसे बड़ा कारण साबित हुई।
इंजरी टाइम में उंडाव का नाटकीय विजयी गोल
इंजरी टाइम में मैच अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंचा। फेलिक्स एनमेचा ने पेनल्टी बॉक्स के अंदर डेनिस उंडाव को एकदम सटीक पास दिया। स्टुटगार्ट के इस स्ट्राइकर ने जबरदस्त नियंत्रण और ठंडे दिमाग का परिचय देते हुए गेंद को नेट में पहुंचा दिया। इस विजयी गोल के साथ जर्मनी ने 2-1 की नाटकीय जीत दर्ज की। पूरे मैच में दोनों गोल दागकर डेनिस उंडाव बेशक इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो रहे।
12 साल के इंतजार के बाद नॉकआउट में जर्मनी
इस जीत का महत्व सिर्फ तीन पॉइंट तक सीमित नहीं है। 2014 में फीफा वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के बाद जर्मन टीम को 2018 और 2022 के वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज में ही बाहर होने का दर्द झेलना पड़ा था। यानी लगातार दो बार ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद 12 साल के लंबे सूखे को खत्म करते हुए जर्मनी पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट दौर में पहुंची है। इस टूर्नामेंट में अमेरिका और कनाडा के बाद ग्रुप डी से नॉकआउट स्टेज में जगह बनाने वाली जर्मनी तीसरी टीम बन गई है। ग्रुप डी में लगातार दो जीत के साथ जर्मन टीम का वर्ल्ड कप सफर अब और भी ऊर्जावान हो गया है।













