कुछ ही घंटे पहले तक जिस गोलकीपर का नाम सिर्फ केप वर्डे के फुटबॉल प्रेमी और पुर्तगाली क्लब फुटबॉल पर नजर रखने वाले लोग जानते थे, सोमवार की रात उसी खिलाड़ी की चर्चा पूरी दुनिया में होने लगी। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के एक मुकाबले में जब केप वर्डे ने ताकतवर स्पेन को 0-0 की बराबरी पर रोक दिया, तो इस चौंकाने वाले नतीजे के पीछे सबसे बड़ा हाथ 40 साल के अनुभवी गोलकीपर वोजिन्हा का रहा।
एक रात में बदल गई पहचान
स्पेन के खिलाफ वोजिन्हा ने सात शानदार बचाव किए और यही प्रदर्शन उन्हें गुमनामी से सीधे सुर्खियों में ले आया। TrendKia के अनुसार, मैच से पहले उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या महज 50,000 थी, जो महज एक दिन के भीतर बढ़कर 31 लाख से ज्यादा हो गई। इतनी तेज उछाल ने उन्हें इस टूर्नामेंट के सबसे बड़े उभरते चेहरों में शामिल कर दिया। सोशल मीडिया पर मुकाबले के बाद से लोग लगातार उन्हें फॉलो कर रहे हैं और केप वर्डे की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के नायक के बारे में जानना चाहते हैं।
कौन हैं वोजिन्हा
फैंस जिन्हें वोजिन्हा के नाम से पुकारते हैं, उनका असली नाम जोसिमार जोस एवोरा डियास है। इस अनुभवी गोलकीपर का जन्म केप वर्डे के मिंडेलो में हुआ था। वर्ल्ड कप के इस मंच तक पहुंचने का उनका रास्ता बिल्कुल आसान नहीं रहा। उन्होंने केप वर्डे, मोल्दोवा, रोमानिया, साइप्रस और पुर्तगाल में सालों तक खेलते हुए अपने खेल को निखारा। 40 साल की उम्र में जाकर उन्हें वह पहचान मिली जिसके वे लंबे समय से हकदार थे। अपनी राष्ट्रीय टीम के लिए वे लगातार खेलते रहे और केप वर्डे के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिने जाने लगे।
फिलहाल पुर्तगाली क्लब Chaves के लिए खेल रहे वोजिन्हा करीब 15 साल के अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ इस टूर्नामेंट में उतरे थे। वे साल 2012 से केप वर्डे का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, लेकिन इससे पहले उन्हें कभी फुटबॉल के इस सबसे बड़े मंच पर खेलने का मौका नहीं मिला था।
स्पेन के हमलों के आगे बनी दीवार
अगर किसी को लग रहा था कि इतना बड़ा मौका इस गोलकीपर पर भारी पड़ सकता है, तो उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह आशंका पूरी तरह गलत साबित कर दी। ग्रुप एच के इस मुकाबले में स्पेन ने लगभग पूरे समय गेंद पर कब्जा बनाए रखा और कई मौके बनाए, मगर गोल नहीं कर सका। पहले हाफ के आखिर में फेरान टोरेस का करीब से लगाया गया शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। इसके तुरंत बाद वोजिन्हा ने मिकेल ओयारजाबाल के हेडर को बार के ऊपर से बाहर धकेल दिया। ब्रेक के बाद भी स्पेन का दबाव कायम रहा। टोरेस को एक बार फिर गोल करने से रोका गया और आयमेरिक लापोर्ट भी इस मजबूत दीवार में सेंध नहीं लगा पाए। फुल टाइम तक वोजिन्हा कुल सात बचाव कर चुके थे।
रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ नाम
यह नतीजा केप वर्डे के लिए जितना ऐतिहासिक रहा, उनके गोलकीपर के लिए उतनी ही यादगार रात साबित हुआ। 40 साल की उम्र में वर्ल्ड कप में डेब्यू करते ही वोजिन्हा इस मंच पर पदार्पण करने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। उनसे ज्यादा उम्र में सिर्फ मिस्र के पूर्व गोलकीपर एस्साम एल हदरी ने ऐसा किया था, जिन्होंने 2018 के टूर्नामेंट में 45 साल की उम्र में डेब्यू किया था। साल 2012 में शुरू हुए उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में यह एक और बड़ी कामयाबी रही। अब तक 90 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके वोजिन्हा केप वर्डे के सबसे प्रभावशाली फुटबॉलरों में से एक बन चुके हैं।













