भारतीय रिजर्व बैंक का बड़ा फैसला 1 अक्टूबर 2026 से बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों पर लागू होंगे एक समान पारदर्शिता नियमअगस्त में 100 से ज्यादा कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड, आईसीआईसीआई बैंक सबसे आगे, दो कंपनियां करेंगी शेयर स्प्लिटअगस्त 2026 में एक भी अतिरिक्त छुट्टी नहीं, केवल नियमित वीकेंड पर बंद रहेंगे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंजअगस्त 2026 में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, शाखा जाने से पहले देखें राज्यवार सूचीराष्ट्रपति की मुहर के बाद अब तीन महीने में निपटेंगे पेपर लीक के मामलेग्लासगो सीडब्ल्यूजी 2026: भाला फेंक में यशवीर सिंह ने जीता कांस्य पदक, राजनाथ सिंह ने दी बधाईयूपीएससी सीएमएस परीक्षा 2026 के लिए 600 अंकों का पूरा पैटर्न, मार्किंग स्कीम और 2 अगस्त को ध्यान रखने योग्य जरूरी नियमरांची में महेंद्र सिंह धोनी संग वर्कआउट करते नजर आए ऋषभ पंत, श्रीलंका दौरा साबित होगा बेहद अहमअगस्त 2026 से रसोई गैस सिलेंडर के 5 बड़े नियम लागू, जानिए ई-केवाईसी सब्सिडी और कीमतों पर नया अपडेट1 अगस्त से कमर्शियल LPG सिलेंडर सस्ते, इंडेन, एचपी और भारत गैस के नए रेट जारी: जानिए दिल्ली से बिहार तक की कीमतें
राष्ट्रपति की मुहर के बाद अब तीन महीने में निपटेंगे पेपर लीक के मामलेभारत
1 अग॰ 2026, 2:14 pm (3 घंटे पहले)· 2

राष्ट्रपति की मुहर के बाद अब तीन महीने में निपटेंगे पेपर लीक के मामले

एंटी-पेपर लीक कानून में संशोधन को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद पेपर माफियाओं से जुड़े मामलों में तीन महीने के अंदर कार्रवाई पूरी करनी होगी।

पेपर लीक के खिलाफ बने कानून में हुए संशोधन को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। अब परीक्षा का पेपर लीक करने वाले माफियाओं से जुड़े मामलों में तीन महीने के अंदर कार्रवाई पूरी करनी होगी। इस मंजूरी के साथ ही सरकार का यह वादा कानूनी रूप ले चुका है कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों को जल्द सजा दिलाई जाएगी।

कानून में क्या बदलाव हुआ

संशोधित कानून के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई और कार्रवाई के लिए तीन महीने की समयसीमा तय की गई है। मकसद यह है कि परीक्षा माफियाओं के खिलाफ मामले सालों तक अदालतों में लंबित न रहें और छात्रों को जल्द इंसाफ मिले। सरकार पहले से ही परीक्षा में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लागू कर चुकी है, अब इसी कानून में संशोधन कर मामलों के निपटारे की रफ्तार बढ़ाई गई है।

ये भी पढ़ें

संसद में कैसे पास हुआ बिल

यह संशोधन बिल सबसे पहले लोकसभा में पेश किया गया, जहां विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच इस पर चर्चा हुई। इसके बाद यह बिल लोकसभा से पास हुआ और फिर राज्यसभा में भी इसे मंजूरी मिल गई। दोनों सदनों से पास होने के बाद बिल राष्ट्रपति के पास भेजा गया, जहां अब इसे मंजूरी मिल चुकी है।

नरेंद्र मोदी ने क्या कहा

बिल के पास होने के बाद नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह उनका वादा था जो अब पूरा हो गया है और पेपर माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा। मोदी ने यह भी कहा कि पेपर माफियाओं के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विपक्ष का विरोध

बिल को लेकर विपक्ष ने संसद में हंगामा किया था। इस मुद्दे पर प्रियंका गांधी ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा,

कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलें पीएम मोदी।

सवाल-जवाब

एंटी-पेपर लीक कानून में हाल ही में क्या बदलाव हुआ है?
संशोधित कानून में अब पेपर लीक से जुड़े मामलों की कार्रवाई तीन महीने के अंदर पूरी करने का प्रावधान जोड़ा गया है, और इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है।
यह संशोधन बिल संसद में कैसे पास हुआ?
बिल पहले लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच पेश हुआ, वहां से पास होने के बाद राज्यसभा ने भी इसे मंजूरी दी।
नरेंद्र मोदी ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर कहा कि उनका वादा पूरा हुआ है और पेपर माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा।
विपक्ष ने इस कानून का विरोध क्यों किया?
विपक्ष ने संसद में इस बिल पर हंगामा किया था, और प्रियंका गांधी ने भी सरकार पर निशाना साधा।
प्रियंका गांधी ने सरकार पर क्या टिप्पणी की?
प्रियंका गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी कैमरे का नहीं बल्कि दिल का एंगल बदलें।
तीन महीने की समयसीमा का मतलब क्या है?
इसका मतलब है कि अब पेपर लीक से जुड़े मामलों में जांच और कार्रवाई तीन महीने के भीतर पूरी करनी होगी, ताकि छात्रों को जल्द इंसाफ मिल सके।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR