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डीएनए जांच और स्मार्ट रिंग के जरिए फिटनेस रूटीन तय करता है अल्टरमी प्रोग्रामगैजेट्स
12 अक्तू॰ 2026, 5:04 pm (2 घंटे पहले)· 0

डीएनए जांच और स्मार्ट रिंग के जरिए फिटनेस रूटीन तय करता है अल्टरमी प्रोग्राम

अल्टरमी जेनेटिक प्रोफाइल और बायोमेट्रिक डेटा को मिलाकर पर्सनलाइज्ड वर्कआउट और डाइट की योजना बनाता है, जिसमें स्मार्ट रिंग और ऐप का इस्तेमाल होता है।

फिटनेस और वेलनेस की दुनिया में अब तक कई तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म सामने आ चुके हैं, जिनमें बाला और फ्रीलेटिक्स जैसे ऐप काफी लोकप्रिय रहे हैं। सामान्य तौर पर ऐसे ऐप यूजर के इनपुट या बुनियादी ट्रैकिंग के आधार पर कसरत की योजना पेश करते हैं, लेकिन जेनेटिक टेस्टिंग के नतीजों को सीधे दैनिक ट्रेनिंग से जोड़ने का मॉडल नया है। अल्टरमी ऐसा ही एक समग्र स्वास्थ्य और फिटनेस कार्यक्रम प्रस्तुत करता है, जिसका मकसद केवल यूजर के डीएनए और बायोमेट्रिक डेटा की रिपोर्ट सौंपना भर नहीं है। इसका मुख्य जोर जीवनशैली, कसरत, खानपान, नींद और रिकवरी के बीच तालमेल बैठाकर छोटे और व्यावहारिक बदलावों के जरिए दीर्घकालिक आदतें विकसित करने पर है। हालांकि यह पूरा सेटअप काफी महंगा है, लेकिन पोषण और व्यायाम के सभी निर्देशों को एक ही मंच पर उपलब्ध कराने से नियमित दिनचर्या बनाने में सहायता मिलती है, भले ही इसके जेनेटिक विश्लेषण के निष्कर्ष पूरी तरह से चौंकाने वाले न हों।

कीमत, पैकेज और शुरुआती प्रक्रिया

अल्टरमी का यह ऑल इन वन वेलनेस प्रोग्राम मुख्य रूप से एक डीएनए टेस्ट किट, एक स्मार्ट रिंग और उनसे जुड़े मोबाइल ऐप के इर्द-गिर्द तैयार किया गया है। यह पूरा ढांचा यूजर के लिए काफी सुविधाजनक दिखता है, लेकिन इसका बजट काफी अधिक है। कंपनी इस प्रोग्राम को दो अलग-अलग स्तरों पर पेश करती है। इसका शुरुआती प्लान अल्टरमी एसेंशियल नाम से आता है, जिसकी कीमत 1,299 डॉलर रखी गई है। इसके अलावा एक उच्च स्तरीय प्लान अल्टरमी एडवांस्ड नाम से उपलब्ध है, जिसकी कीमत 1,899 डॉलर तय की गई है। दोनों ही पैकेजों में बायोमेट्रिक ट्रैकिंग, पोषण संबंधी मार्गदर्शन और ऐप के जरिए फिटनेस वर्कआउट की सुविधा दी जाती है। दोनों में मुख्य अंतर डीएनए विश्लेषण की गहराई और सदस्यता की अवधि को लेकर है। एसेंशियल प्लान के तहत तीन साल की सदस्यता मिलती है, जबकि एडवांस्ड प्लान का चयन करने वाले यूजर को लाइफटाइम मेंबरशिप के साथ अधिक व्यापक जेनेटिक रिपोर्ट दी जाती है।

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इस प्रोग्राम से जुड़ने की प्रक्रिया डिजिटल फॉर्म भरने के साथ शुरू होती है। रजिस्ट्रेशन के समय यूजर से वजन घटाने के लक्ष्य, लंबाई, वजन और वर्तमान फिटनेस स्तर से जुड़े बुनियादी सवाल पूछे जाते हैं। इन जानकारियों को दर्ज करने के बाद कंपनी की ओर से एक डीएनए गाल स्वैब किट और सही साइज चुनने के लिए रिंग साइजिंग किट डाक के जरिए भेजी जाती है। साइजिंग किट से अपनी उंगली का माप तय करने के बाद कंपनी को ईमेल से सूचित करना होता है और साथ ही लार के नमूने वाला डीएनए स्वैब डाक द्वारा प्रयोगशाला वापस भेजना पड़ता है। यह सैंपल भेजने के लगभग दो सप्ताह के भीतर अल्टरमी स्मार्ट रिंग यूजर तक पहुंच जाती है। इसके साथ ही अल्टरमी के प्रतिनिधि के साथ फिटनेस एंड वेलनेस जेनेटिक रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा करने के लिए एक ऑनलाइन कंसल्टेशन सत्र तय किया जाता है, जिसके बाद ऐप और वर्कआउट का नियमित इस्तेमाल शुरू होता है।

जेनेटिक रिपोर्ट और उसके वैज्ञानिक आधार

डीएनए आधारित किसी भी स्वास्थ्य रिपोर्ट को लेकर सामान्य तौर पर थोड़ी जिज्ञासा और थोड़ा संदेह होना स्वाभाविक है। अल्टरमी की रिपोर्ट का दावा है कि वह जेनेटिक मार्करों के आधार पर यह स्पष्ट कर सकती है कि किसी व्यक्ति का शरीर कसरत की विभिन्न शैलियों, भोजन, रिकवरी और तनाव पर किस प्रकार प्रतिक्रिया देता है। रिपोर्ट में यह सुझाव दिया जाता है कि व्यक्ति के लिए किस तरह का व्यायाम सबसे ज्यादा अनुकूल रहेगा और उसे ट्रेनिंग तथा रिकवरी की रणनीति कैसे बनानी चाहिए। उदाहरण के लिए, जेनेटिक प्रोफाइल के आधार पर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को सबसे उपयुक्त व्यायाम के रूप में चिह्नित किया जा सकता है। वहीं कार्बोहाइड्रेट के प्रति शरीर की जेनेटिक प्रतिक्रिया को औसत से कम आंका जा सकता है।

इसके अतिरिक्त रिपोर्ट में यह मनोवैज्ञानिक पहलू भी सामने आता है कि व्यक्ति व्यायाम के लिए आंतरिक रूप से प्रेरित है या बाहरी कारकों पर निर्भर करता है। जब किसी को यह बताया जाता है कि वह व्यायाम के लिए बाहरी रूप से प्रेरित है, तो इसका अर्थ यह होता है कि वह केवल शारीरिक गतिविधि के आनंद के लिए स्वाभाविक रूप से कसरत करने के प्रति आकर्षित नहीं होता, बल्कि उसे बाहरी प्रोत्साहन या अनुशासन की आवश्यकता पड़ती है। वैज्ञानिक व्याख्या को लेकर अल्टरमी के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि यह मूल्यांकन कई लक्षणों से जुड़े मार्करों पर आधारित होता है। कसरत के दौरान शरीर की संरचना में होने वाले बदलावों को समझने के लिए कार्डियो से संबंधित एडीआरबी2 आरएस1042713 और एलपीएल आरएस328 मार्करों का अध्ययन किया जाता है। वहीं रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के संदर्भ में यह मॉडल मोटापे और बॉडी कंपोजिशन से जुड़े मार्करों पर निर्भर करता है, जिनमें एफटीओ, जीएनपीडीए2, एनईजीआर1 और एसएलसी39ए8 के पास मौजूद वेरिएंट शामिल हैं। हालांकि ये सभी विवरण प्रासंगिक लगते हैं, लेकिन व्यावहारिक रूप से इनमें से कई निष्कर्ष वही होते हैं जो कोई व्यक्ति पहले से अपने शरीर के बारे में महसूस करता है।

स्मार्ट रिंग के हार्डवेयर फीचर्स और डिजाइन

अल्टरमी कार्यक्रम का दूसरा बड़ा आधार उसका अपना स्मार्ट रिंग वियरेबल है, जिसे लगातार स्वास्थ्य मेट्रिक्स मापने और ऐप के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार किया गया है। इस रिंग में पीपीजी सेंसर लगाए गए हैं, जो हृदय गति और रक्त में ऑक्सीजन के स्तर की निगरानी करते हैं। इसके अलावा रिंग में एक तापमान सेंसर और शारीरिक गतिविधि को ट्रैक करने के लिए एक एक्सेलेरोमीटर भी मौजूद है। यह डिवाइस हृदय गति परिवर्तनशीलता यानी एचआरवी, आराम के समय दिल की धड़कन, नींद की गुणवत्ता और हालिया गतिविधि के भार को मापती है। इन सभी कच्चे आंकड़ों को मिलाकर यह 0 से 100 के पैमाने पर एक रेडीनेस स्कोर तैयार करती है, जिसके आधार पर यूजर की तत्कालीन स्थिति और डीएनए प्रोफाइल के अनुकूल दैनिक कसरत का सुझाव दिया जाता है।

डिजाइन के स्तर पर अल्टरमी रिंग का बाहरी ढांचा टाइटेनियम से बना है और यह गोल्ड, सिल्वर तथा स्टेल्थ ब्लैक जैसे फिनिश विकल्पों में उपलब्ध कराई जाती है। लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल के दौरान इसके गोल्ड फिनिश वाले मॉडल पर खरोंच के निशान आ सकते हैं। दिखने में यह रिंग आकर्षक लगती है, लेकिन इसका आकार काफी भारी और मोटा है। बाजार में मौजूद ओरा रिंग 5 जैसी स्लीक डिवाइस की तुलना में अल्टरमी रिंग काफी भारी महसूस होती है, जिसके कारण जिम में वजन उठाते समय यह उंगली में असहज लग सकती है और बारबेल या डंबल पकड़ते समय रुकावट पैदा कर सकती है।

इसकी तुलना अगर ओरा रिंग से की जाए, तो ओरा मुख्य रूप से नींद, गतिविधि, रेडीनेस और व्यापक स्वास्थ्य संकेतों की गहरी समझ उपलब्ध कराने पर केंद्रित है और वह ऐप्पल हेल्थ जैसी सेवाओं के साथ आसानी से तालमेल बनाती है। ओरा के भीतर निर्देशित फिटनेस सामग्री भी मौजूद है, लेकिन उसका मुख्य जोर केवल स्वास्थ्य डेटा की व्याख्या करने पर रहता है। इसके विपरीत, अल्टरमी स्वास्थ्य आंकड़ों को आधार बनाकर तुरंत व्यक्तिगत वर्कआउट निर्धारित करने और कसरत कराने पर अधिक बल देता है।

ऐप इंटरफेस और दैनिक वर्कआउट का अनुभव

अल्टरमी ऐप के आंकड़े वाले सेक्शन में यूजर को दैनिक कैलोरी बर्न, कदमों की संख्या, तय की गई दूरी, नींद की कुल अवधि और रेडीनेस स्कोर की पूरी जानकारी मिलती है। यह सारा डेटा सीधे रिंग से ट्रांसफर होता है। इन आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर ऐप हर दिन एक खास वर्कआउट करने का सुझाव देता है। ये वर्कआउट यूजर की शारीरिक स्थिति के अनुसार हल्के या बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। ऐप की लाइब्रेरी में स्ट्रेच, स्ट्रेंथ, कार्डियो, योग और कॉम्बैट स्टाइल सेशन के विकल्प दिए गए हैं, ताकि यूजर को अपनी पसंद के अनुसार अभ्यास चुनने की पूरी आजादी मिले।

अल्टरमी के प्रतिनिधियों के अनुसार बायोमेट्रिक डेटा कसरत की सिफारिश करने में मदद तो करता है, लेकिन वह शरीर की हर सूक्ष्म स्थिति जैसे मांसपेशियों का दर्द, हल्की बीमारी, तनाव या दिनभर की भागदौड़ को पूरी तरह नहीं भांप सकता। इसी वजह से यूजर को अपना वर्कआउट स्तर खुद चुनने की सुविधा दी गई है। अल्टरमी के प्रतिनिधियों का कहना है कि यूजर को चयन का विकल्प देना इस अनुभव का सोच-समझकर तैयार किया गया हिस्सा है, क्योंकि बिना विकल्प के निरंतरता बनाए रखना कठिन होता है। इसका उद्देश्य सही मार्गदर्शन देने के साथ-साथ प्रयास का नियंत्रण यूजर के हाथों में बनाए रखना है।

व्यावहारिक उपयोग में देखा जाए तो जिस रात नींद अच्छी नहीं होती, ऐप अगले दिन हल्की रिकवरी या स्ट्रेचिंग का सुझाव देता है, जिसमें 15 मिनट का ब्रीथवर्क सेशन काफी उपयोगी साबित होता है। वहीं अच्छी नींद वाले दिनों में बिगिनर से लेकर लेवल 6 तक के कठिन व्यायाम सुझाए जाते हैं। ऐप में मौजूद वर्कआउट काफी संक्षिप्त होते हैं, जिनका औसत समय लगभग 20 मिनट होता है, जबकि सबसे लंबा सेशन 40 मिनट तक का रहता है। जो लोग ज्यादा मेहनत करना चाहते हैं, वे एक के बाद एक कई सेशन जोड़ सकते हैं। इसके अलावा ऐप से बाहर दौड़ने या ग्रुप वर्कआउट करने जैसी गतिविधियों को भी मैन्युअल रूप से दर्ज करने की सुविधा मौजूद है। यदि किसी रात रिंग पहनना छूट जाए, तो ऐप अगली सुबह कसरत तय करने से पहले यूजर से 1 से 10 के पैमाने पर अपनी शारीरिक ताजगी दर्ज करने को कहता है। कभी-कभी नींद खराब होने के बावजूद रेडीनेस स्कोर ऊंचा दिखाई देना थोड़ा भ्रम पैदा कर सकता है, लेकिन यूजर अपने हिसाब से 20 मिनट का छोटा सेशन चुनकर संतुलन बना सकते हैं।

पोषण ट्रैकिंग और रेसिपी जेनरेशन

शारीरिक तंदुरुस्ती केवल व्यायाम तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसमें पोषण की भूमिका सबसे अहम होती है। अल्टरमी ऐप की एक बड़ी खूबी इसका न्यूट्रिशन ट्रैकर है। यह किसी एक सख्त डाइट चार्ट को थोपने के बजाय डीएनए प्रोफाइल के अनुसार भोजन और स्नैक्स के नए विचार तैयार करता है, जिससे यूजर अपने मैक्रोन्यूट्रिएंट लक्ष्यों को आसानी से पूरा कर सकें। ऐप में केवल जेनेरेट रेसिपी बटन दबाने पर 20 सेकंड से भी कम समय में नाश्ते, दोपहर के भोजन, रात के खाने और हल्के स्नैक्स के नुस्खे मिल जाते हैं।

इन व्यंजनों में भुनी हुई हरी फलियों और क्विनोआ के साथ जेस्टी लेमन हर्ब ग्रिल्ड चिकन जैसे मुख्य आहार शामिल हैं। स्नैक्स के लिए स्मोक्ड पेपरिका और समुद्री नमक के साथ रोस्टेड एडामामे जैसे विकल्प काफी उपयोगी पाए गए हैं। ऐप के न्यूट्रिशन टैब में यूजर के डीएनए नतीजों, मौजूदा वजन, बीएमआई, गतिविधि स्तर और वजन घटाने के लक्ष्यों के आधार पर दैनिक कैलोरी और पोषक तत्वों का व्यक्तिगत कोटा तय किया जाता है। डीएनए रिपोर्ट के अनुसार प्रोटीन के प्रति शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया और कार्बोहाइड्रेट व वसा के प्रति कम प्रतिक्रिया के आधार पर मैक्रोज का अनुपात सेट होता है। ऐप में खाए गए भोजन को दर्ज करना बेहद सरल है और यह तुरंत बता देता है कि प्रोटीन, फैट और कार्ब्स का दैनिक लक्ष्य हासिल हुआ या नहीं।

3डी बॉडी स्कैन और प्राइवेसी से जुड़े सवाल

ऐप का एक अन्य आधुनिक फीचर इसका 3डी बॉडी कंपोजिशन स्कैनर है, जो शरीर के आकार का विश्लेषण करके बीएमआई, अनुमानित बॉडी फैट प्रतिशत और लीन मास का डेटा पेश करता है। साइन अप करते समय केवल लंबाई और वजन दर्ज करना होता है, लेकिन 3डी स्कैन इससे आगे जाकर सटीक जानकारी देता है। अल्टरमी के अनुसार लंबाई और वजन से निकाला गया बीएमआई एक बुनियादी पैमाना है, जबकि फोन के कैमरे से लिया गया 3डी स्कैन शरीर का एक मॉडल तैयार करता है और विभिन्न अंगों के घेरे तथा वसा का अनुमान लगाता है। समय-समय पर किए जाने वाले स्कैन से यह साफ दिखता है कि शरीर के किन हिस्सों में बदलाव आ रहा है। इसके लिए फोन के कैमरे के सामने घूमते हुए तस्वीरें लेनी पड़ती हैं। कुछ यूजर को अपने फोन से इस तरह की तस्वीरें ऐप पर अपलोड करना थोड़ा असहज लग सकता है, लेकिन जो लोग इसके साथ सहज हैं, उनके लिए यह अपनी प्रगति जांचने का एक बेहतरीन टूल है।

डीएनए टेस्टिंग और वियरेबल तकनीक को एक साथ जोड़ना निश्चित रूप से एक अनूठा प्रयोग है, लेकिन इसके कुछ तकनीकी और नैतिक पहलू भी हैं। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि अल्टरमी का जेनेटिक टेस्ट किसी क्लिनिकल या मेडिकल लैब द्वारा चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित नहीं है, बल्कि यह एक वेलनेस टूल मात्र है। इसके अलावा अपनी जेनेटिक जानकारी किसी निजी कंपनी को सौंपने को लेकर प्राइवेसी की चिंताएं भी रहती हैं। हालांकि अल्टरमी अपनी वेबसाइट पर स्पष्ट करता है कि जांच पूरी होने के बाद शारीरिक सैंपल नष्ट कर दिए जाते हैं और निकाला गया डीएनए केवल गुणवत्ता जांच के लिए 45 दिनों तक सुरक्षित रखा जाता है।

कुल मिलाकर अल्टरमी का अनुभव यूजर को खानपान के प्रति अधिक जागरूक बनाता है और नियमित ट्रेनिंग की आदत डालकर शारीरिक रूप से मजबूत महसूस कराता है। जब जिम में यह समझ न आए कि कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए, तो यह ऐप किसी निजी ट्रेनर की तरह तुरंत निर्देश देने का काम करता है। यदि कोई यूजर इस पूरी लागत को वहन करने के लिए तैयार है और नियमित कसरत व डाइट ट्रैक कर सकता है, तो यह सकारात्मक आदतें बनाने में मददगार साबित होता है। दूसरी ओर इतनी ही राशि किसी वास्तविक पर्सनल ट्रेनर पर भी खर्च की जा सकती है, इसलिए चुनाव पूरी तरह यूजर की प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है।

सवाल-जवाब

अल्टरमी फिटनेस प्रोग्राम के प्लान की कीमत कितनी है?
अल्टरमी एसेंशियल प्लान की कीमत 1,299 डॉलर है जिसमें तीन साल की सदस्यता मिलती है, जबकि एडवांस्ड प्लान 1,899 डॉलर में आजीवन सदस्यता के साथ आता है।
अल्टरमी स्मार्ट रिंग कौन से स्वास्थ्य संकेतकों को ट्रैक करती है?
यह रिंग पीपीजी और तापमान सेंसर की मदद से हृदय गति, रक्त में ऑक्सीजन, रेस्टिंग हार्ट रेट, एचआरवी और नींद को मापकर 0 से 100 के बीच रेडीनेस स्कोर देती है।
अल्टरमी वर्कआउट औसतन कितने समय के होते हैं?
ऐप में मौजूद वर्कआउट औसतन 20 मिनट के होते हैं, जबकि सबसे लंबा सेशन 40 मिनट तक का होता है और इन्हें जरूरत के मुताबिक आपस में जोड़ा भी जा सकता है।
डीएनए सैंपल की सुरक्षा को लेकर कंपनी की क्या नीति है?
कंपनी के अनुसार टेस्टिंग के बाद फिजिकल स्वैब नष्ट कर दिया जाता है और निकाला गया डीएनए डेटा केवल क्वालिटी जांच के लिए 45 दिनों तक रखा जाता है।
क्या अल्टरमी का डीएनए टेस्ट चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित है?
नहीं, यह डीएनए टेस्ट केवल वेलनेस और फिटनेस मार्गदर्शन के लिए है और इसे चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित नहीं किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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