लैपटॉप की दुनिया में गूगल का प्लेटफॉर्म हमेशा से किफायती और आसान कंप्यूटिंग के लिए पहचाना जाता रहा है, लेकिन हाल ही में आए बदलावों ने इस पूरे इकोसिस्टम को एक नया मोड़ दे दिया है। बाजार में पांच अलग-अलग गूगलबुक मॉडल की एंट्री हो चुकी है, जो हार्डवेयर और कीमत दोनों के मामले में अब तक के सबसे प्रीमियम गूगल पावर्ड लैपटॉप माने जा रहे हैं। हालांकि, किसी भी नई तकनीकी श्रेणी की पहली पीढ़ी के साथ आने वाली शुरुआती दिक्कतों और समझौतों को देखते हुए तुरंत खरीदारी का फैसला लेना जल्दबाजी हो सकता है। पारंपरिक क्रोमबुक की अपनी उपयोगिता है और नया गूगलबुक प्लेटफॉर्म अलग खूबियों के साथ आता है, इसलिए अपनी जरूरत, बजट और काम के तरीके के आधार पर सही डिवाइस चुनना बेहद जरूरी है।
किफायती बजट में सबसे संतुलित विकल्प: एसर क्रोमबुक प्लस 516
अधिकांश उपभोक्ता जब इस इकोसिस्टम की ओर रुख करते हैं, तो उनकी पहली प्राथमिकता बजट होती है। विंडोज या मैकबुक के महंगे मॉडलों की तुलना में कम कीमत में बेहतर रोजमर्रा का अनुभव देना हमेशा से इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी ताकत रही है। इस मामले में एसर क्रोमबुक प्लस 516 एक शानदार मिसाल बनकर उभरता है। आम तौर पर यह मॉडल 500 डॉलर से कम कीमत में उपलब्ध रहता है और जब डिस्काउंट सेल चलती है, तब यह 350 डॉलर तक की आकर्षक कीमत पर मिल जाता है। इतनी कम कीमत में किसी भी सामान्य विंडोज लैपटॉप की तुलना में इसका रोजमर्रा का परफॉर्मेंस कहीं ज्यादा बेहतर महसूस होता है।
इस डिवाइस का सबसे मजबूत पहलू इसका स्मूथ और बेहद रिस्पॉन्सिव टचपैड है। लैपटॉप पर टेक्स्ट सेलेक्ट करना हो या ड्रैग-एंड-ड्रॉप करना हो, इसका टचपैड बिना किसी रुकावट के सटीक काम करता है। हार्डवेयर स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो इसमें इंटेल कोर i3 प्रोसेसर दिया गया है, जिसके साथ 8 GB रैम और 128 GB की स्टोरेज मिलती है। यह कॉन्फ़िगरेशन रोजमर्रा के वेब ब्राउजिंग, ऑनलाइन डॉक्यूमेंट्स और मल्टीटास्किंग के लिए पर्याप्त गति देता है।
हालांकि, कम कीमत का असर इसके डिस्प्ले पर साफ नजर आता है। इस लैपटॉप में 16 इंच का बड़ा डिस्प्ले दिया गया है, जिसका रेजोल्यूशन 1920 x 1200 पिक्सल है। बड़े आकार पर यह रेजोल्यूशन बहुत ज्यादा शार्प नहीं लगता। इसके अलावा इसके रंगों में जीवंतता की कमी है और स्क्रीन पर हल्का हरापन झलकता है। यदि आपकी प्राथमिकता बेहतरीन कलर एक्यूरेसी वाली स्क्रीन नहीं है और आप सिर्फ एक भरोसेमंद वर्कहॉर्स चाहते हैं, तो यह अपनी कीमत के लिहाज से बेहतरीन वैल्यू देता है।
अल्ट्रा-बजट खरीदारों के लिए आसुस क्रोमबुक सीएक्स सीरीज
जिन खरीदारों का बजट 200 डॉलर से भी कम है, उनके लिए विकल्प बहुत सीमित हो जाते हैं। इस बेहद किफायती सेगमेंट में आसुस क्रोमबुक सीएक्स14 और सीएक्स15 अपनी जगह बनाते हैं। दोनों लैपटॉप के चेसिस काफी पतले हैं और बेजल्स को भी आधुनिक डिजाइन के अनुरूप स्लिम रखा गया है। सीएक्स15 मॉडल देखने में आकर्षक नीले रंग में आता है, लेकिन डिजाइन के मामले में सीएक्स14 अधिक व्यावहारिक साबित होता है।
सीएक्स15 में अलग से दिया गया नंबर पैड टचपैड को सेंटर से हटाकर बाईं ओर खिसका देता है, जिससे टाइपिंग और नेविगेशन का संतुलन थोड़ा असहज लगता है। वहीं सीएक्स14 में केंद्रित टचपैड और आरामदायक कीबोर्ड मिलता है, जिससे लंबे समय तक टाइपिंग करना आसान रहता है। इतने कम दाम में आने वाले लैपटॉप में कुछ भारी समझौते भी देखने को मिलते हैं। दोनों मॉडल्स में स्क्रीन की ब्राइटनेस सिर्फ 250 निट्स तक सीमित है और रंगों का रीप्रोडक्शन काफी फीका है। इसके साथ ही इनमें 720p का बेसिक वेबकैम दिया गया है, जो वीडियो कॉल के दौरान औसत क्वालिटी ही दे पाता है। सीमित बजट वाले छात्रों या बुनियादी ब्राउजिंग की जरूरत वाले उपयोगकर्ताओं के लिए सीएक्स14 एक कामचलाऊ समाधान पेश करता है।
गूगलबुक और क्रोमबुक का तकनीकी अंतर
गूगलबुक पहली नजर में क्रोमबुक जैसा ही अहसास कराता है, लेकिन इसके अंदर का ऑपरेटिंग सिस्टम पूरी तरह से अलग संरचना पर तैयार किया गया है। गूगलबुक में गूगलबुक ओएस मिलता है, जो वास्तव में एंड्रॉइड का एक विशेष रूप से कस्टमाइज किया गया डेस्कटॉप वेरिएंट है। इसमें लिनक्स कर्नल को बरकरार रखा गया है ताकि उपयोगकर्ताओं को फुल डेस्कटॉप क्रोम ब्राउज़र का अनुभव मिल सके। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि गूगलबुक में क्रोम ब्राउज़र को सीधे ऑपरेटिंग सिस्टम से अलग अपडेट किया जा सकता है, जो सुविधा पारंपरिक क्रोमबुक में नहीं मिलती।
इसके अलावा गूगलबुक पर गूगल प्ले स्टोर के एंड्रॉइड ऐप्स नेटिव तरीके से चलते हैं। इसका मतलब यह है कि ऐप्स किसी वर्चुअल एनवायरनमेंट या लेयर के बजाय सीधे हार्डवेयर रिसोर्सेज का उपयोग करते हैं, जिससे उनकी स्पीड किसी एंड्रॉइड टैबलेट या फ्लैगशिप फोन जितनी तेज महसूस होती है। हार्डवेयर के मामले में भी गूगल ने शुरुआती स्तर काफी ऊंचा रखा है। बाजार में उपलब्ध सभी पांचों गूगलबुक 16 GB रैम और 512 GB स्टोरेज के बेस वेरिएंट के साथ आते हैं, जो सीधे तौर पर प्रीमियम विंडोज लैपटॉप और मैकबुक एयर के स्तर को टक्कर देते हैं।
एंड्रॉइड इकोसिस्टम और जेमिनी एआई का तालमेल
गूगलबुक का सबसे व्यावहारिक फायदा इसका एंड्रॉइड स्मार्टफोन्स, खासकर पिक्सल सीरीज के साथ गहरा एकीकरण है। जैसे ऐपल के मैकबुक में आईफोन के साथ सीधा कनेक्शन मिलता है, वैसे ही गूगलबुक पर बैठकर फोन के टेक्स्ट मैसेज भेजना, पढ़ना और सीधे लैपटॉप की स्क्रीन से फोन के ऐप्स को कंट्रोल करना बेहद सहज हो जाता है। फाइल शेयरिंग और क्रॉस-डिवाइस वर्कफ्लो इस प्लेटफॉर्म को काफी मजबूत बनाते हैं।
इसके साथ ही गूगल ने इसमें जेमिनी आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई फीचर्स को भी शामिल किया है। सिस्टम में मिलने वाला एआई कॉन्टेक्स्ट मेन्यू चुनिंदा कामों में मदद करता है, हालांकि इसे क्रांतिकारी बदलाव नहीं कहा जा सकता। क्रोमबुक प्लस की तरह इन नए लैपटॉप्स के साथ भी एक साल के लिए गूगल जेमिनी का एक्सेस मिलता है। चूंकि यह शुरुआती सॉफ्टवेयर रिलीज है, इसलिए कई टूल्स में छोटे-मोटे बग्स और अप्रत्याशित व्यवहार भी देखने को मिलता है।
प्रीमियम गूगलबुक्स में सबसे आगे: एसर गूगलबुक 14
गूगलबुक प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी चुनौती इसकी शुरुआती कीमत है। सभी उपलब्ध विकल्पों में एसर गूगलबुक 14 सबसे किफायती मूल्य पर उपलब्ध है, जिसके कारण यह नई तकनीक आजमाने वालों के लिए सबसे व्यावहारिक मॉडल बनता है। इसकी कीमत लेनोवो क्रोमबुक 14 और एसर क्रोमबुक प्लस स्पिन 514 जैसे हाई-एंड क्रोमबुक्स के करीब बैठती है, लेकिन इसका डिस्प्ले उन सभी से कई गुना बेहतर है।
एसर गूगलबुक 14 में 2880 x 1800 पिक्सल रेजोल्यूशन वाला ओएलईडी डिस्प्ले दिया गया है, जो 120 हर्ट्ज के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। यह स्क्रीन रंगों की सटीकता, ब्राइटनेस, कंट्रास्ट और स्मूथनेस के मामले में क्रोमबुक इकोसिस्टम के किसी भी अन्य डिस्प्ले से मीलों आगे है। चाहे मीडिया कंजम्पशन हो या वेब रीडिंग, इसका विजुअल अनुभव बेहद प्रीमियम है।
पोर्टेबिलिटी और डिजाइन का मास्टर: डेल एक्सपीएस गूगलबुक
दूसरे प्रमुख दावेदार के तौर पर डेल एक्सपीएस गूगलबुक सामने आता है। यह लैपटॉप गूगलबुक की प्रीमियम सोच को सबसे बेहतर तरीके से दर्शाता है। हाल ही में रिफ्रेश किए गए डेल एक्सपीएस 13 चेसिस पर बना यह मॉडल 13 इंच की कॉम्पैक्ट स्क्रीन के साथ आता है, जिससे इसका कुल फुटप्रिंट बहुत छोटा और कैरी करने में आसान हो जाता है। बिल्ड क्वालिटी, कीबोर्ड लेआउट और प्रीमियम फिनिश के मामले में इसका कोई मुकाबला नहीं है। हालांकि, विंडोज वेरिएंट की तरह इसमें भी 3.5 एमएम हेडफोन जैक नहीं दिया गया है, जिसके चलते उपयोगकर्ताओं को वायरलेस ईयरबड्स या टाइप-सी डोंगल पर निर्भर रहना पड़ता है।
अन्य मॉडलों की बात करें तो एचपी गूगलबुक थोड़ा अधिक स्लिम है, जबकि आसुस गूगलबुक वजन में हल्का होने के साथ ज्यादा पोर्ट्स की सुविधा देता है। प्रोसेसर के मोर्चे पर एसर और डेल ने क्वालकॉम स्नैपड्रैगन एक्स एलीट चिप का इस्तेमाल किया है, जबकि एचपी और आसुस के मॉडल्स में इंटेल के प्रोसेसर्स दिए गए हैं।
सॉफ्टवेयर की खामियां और परफॉर्मेंस की सीमाएं
हार्डवेयर के शानदार होने के बावजूद पहली पीढ़ी के गूगलबुक कई सॉफ्टवेयर कमियों से जूझ रहे हैं। सबसे बड़ी निराशा बैटरी लाइफ को लेकर है। क्वालकॉम स्नैपड्रैगन एक्स एलीट जैसे कुशल आर्म चिपसेट होने के बावजूद गूगलबुक की बैटरी लाइफ विंडोज लैपटॉप के बराबर टिक नहीं पाती। ब्राउजिंग परफॉर्मेंस की स्पीडोमीटर 3.1 जैसी टेस्टिंग में ऐपल का एम5 चिप वाला मैकबुक एयर अब भी इनसे काफी आगे रहता है।
इसके अतिरिक्त, सॉफ्टवेयर में कई जगह कमियां नजर आती हैं। इंटेल आधारित मॉडल्स पर कुछ जरूरी क्रोम एक्सटेंशन्स ठीक से लोड नहीं होते। कई एंड्रॉइड ऐप्स अभी भी पूरी तरह से कीबोर्ड और टचपैड के हिसाब से ऑप्टिमाइज नहीं हैं। उदाहरण के लिए, माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक ऐप में टचपैड से सामान्य तरीके से टेक्स्ट सेलेक्ट करने में परेशानी होती है। वहीं स्पॉटिफ़ाई जैसा ऐप पूरी तरह टच इंटरफेस के हिसाब से डिजाइन किया गया लगता है और लैपटॉप पर उसका लेआउट अजीब दिखाई देता है। गूगल ने अपने कुछ इन-हाउस ऐप्स जैसे गूगल डॉक्स को कीबोर्ड और टचपैड के लिए बेहतर बनाया है, लेकिन थर्ड-पार्टी ऐप्स के मामले में अक्सर क्रोम वेब ऐप्स का उपयोग करना ही बेहतर विकल्प साबित होता है।
प्रीमियम क्रोमबुक का मजबूत विकल्प: एसर क्रोमबुक प्लस स्पिन 514
यदि कोई खरीदार बिना 899 डॉलर जैसी भारी रकम खर्च किए प्रीमियम बिल्ड और लंबी बैटरी लाइफ चाहता है, तो एसर क्रोमबुक प्लस स्पिन 514 एक बेहतरीन विकल्प है। मात्र 0.61 इंच पतले प्रोफाइल और खूबसूरत सफेद चेसिस में आने वाला यह लैपटॉप बेहद आधुनिक लगता है। इसमें मीडियाटेक कॉम्पैनियो अल्ट्रा 910 प्रोसेसर दिया गया है, जो बैटरी दक्षता के मामले में शानदार परिणाम देता है और सामान्य क्रोमबुक्स की तुलना में कहीं ज्यादा बैकअप प्रदान करता है।
इस मॉडल में 12 GB रैम मिलती है और यह तीन बाहरी 4K मॉनिटर्स को एक साथ चलाने में सक्षम है। इसका टचपैड और कीबोर्ड क्लास-लीडिंग हैं और पोर्ट्स का चयन भी काफी व्यावहारिक है। गूगल ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में चुनिंदा क्रोमबुक्स को गूगलबुक ओएस पर अपग्रेड किया जा सकेगा। कंपनी ने मॉडल्स या तारीखों की औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन यह लैपटॉप उस अपग्रेड के लिए एक स्वाभाविक दावेदार माना जा सकता है।
नया क्रोमबुक खरीदते समय किन स्पेसिफिकेशन्स पर ध्यान दें
क्रोमबुक की कीमतें 150 डॉलर से शुरू होकर 999 डॉलर तक जाती हैं, इसलिए हार्डवेयर चुनते समय कुछ बुनियादी मानकों का ध्यान रखना जरूरी है
- प्रोसेसर: पुराने और कमजोर इंटेल सेलेरॉन प्रोसेसर वाले मॉडलों से पूरी तरह बचें। बेहतर परफॉर्मेंस के लिए कम से कम 12वीं पीढ़ी का इंटेल कोर i3, कोर i5 या फिर एएमडी राइजन 3 7000 सीरीज का चुनाव करें। भारी लिनक्स ऐप्स या जटिल गेमिंग की जरूरत न हो तो कोर i7 पर अतिरिक्त पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं है।
- रैम क्षमता: सुचारू मल्टीटास्किंग के लिए कम से कम 8 GB रैम होना अनिवार्य है। 4 GB रैम वाले मॉडल केवल बेहद सस्ते लैपटॉप्स में मिलते हैं, जो कई टैब्स खुलते ही धीमे पड़ने लगते हैं।
- स्टोरेज स्पेस: क्लाउड आधारित काम होने के बावजूद 128 GB से कम स्टोरेज न लें। यदि बजट अनुमति दे, तो 256 GB एनवीएमई सॉलिड स्टेट ड्राइव को प्राथमिकता दें, जिससे डेटा रीड और राइट स्पीड तेज मिलती है।
- स्क्रीन पैनल: साधारण काम के लिए आईपीएस एलसीडी पैनल सबसे संतुलित विकल्प है। सस्ते मॉडल्स में मिलने वाले टीएन एलसीडी पैनल्स से बचें, क्योंकि उनके व्यूइंग एंगल्स और रंग बहुत खराब होते हैं। स्क्रीन रेजोल्यूशन कम से कम 1920 x 1080 या 16:10 आस्पेक्ट रेशियो के साथ 1200p होना चाहिए।
- वेबकैम मानक: क्रोमबुक प्लस सर्टिफिकेशन वाले लैपटॉप्स में 1080p या उससे बेहतर वेबकैम टेंपोरल नॉइज़ रिडक्शन तकनीक के साथ आता है, जो वीडियो मीटिंग्स के लिए आवश्यक है।
क्रोमबुक की सीमाएं और रोजमर्रा के समझौते
खरीदारी से पहले यह समझना जरूरी है कि क्रोमबुक एक पारंपरिक विंडोज या मैक लैपटॉप का शत-प्रतिशत विकल्प नहीं बन सकता। इसमें फोटोशॉप या माइक्रोसॉफ्ट वर्ड का फुल डेस्कटॉप सॉफ्टवेयर इंस्टॉल नहीं किया जा सकता। इसके अलावा स्कूल या ऑफिस के विशेष प्रोप्राइटरी सॉफ्टवेयर और डेस्कटॉप स्टीम गेम्स इस पर नहीं चलते। हालांकि, मॉडर्न वेब ब्राउज़र के जरिए गूगल डॉक्स, वेब-आधारित फोटो एडिटिंग और ऑनलाइन टूल्स की मदद से रोजमर्रा के ज्यादातर काम आसानी से निपटाए जा सकते हैं।
पेरिफेरल्स और एक्सेसरीज के मामले में सामान्य यूएसबी माउस, कीबोर्ड, एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव और प्रिंटर आसानी से कनेक्ट हो जाते हैं। लेकिन यदि आप किसी बेहद खास हार्डवेयर का इस्तेमाल करते हैं, जैसे डिस्प्ले कैलिब्रेशन के लिए यूएसबी कैलोरीमीटर, तो उनके सॉफ्टवेयर ड्राइवर्स क्रोम ओएस पर काम नहीं करेंगे। अपनी विशिष्ट जरूरतों और प्राथमिकताओं को परखकर ही सही डिवाइस का चुनाव करें।



















