राजस्थान के कोटा शहर में न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत और सुगम बनाने के लिए एक व्यापक परियोजना की नींव रख दी गई है। शहर में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए न्यायालय परिसर का शिलान्यास संपन्न हो चुका है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 208 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पांच मंजिला इस नए भवन का मुख्य उद्देश्य मुकदमों के त्वरित निस्तारण, अधिवक्ताओं के बैठने की समुचित व्यवस्था और न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले आम नागरिकों को बेहतर वातावरण प्रदान करना है।
गणमान्य हस्तियों की मौजूदगी में हुआ शिलान्यास
इस ऐतिहासिक निर्माण कार्य के शुभारंभ अवसर पर कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। शिलान्यास समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय अग्रवाल अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त राजस्थान सरकार के विधि एवं न्याय विभाग मंत्री जोगाराम पटेल भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। अतिथियों की उपस्थिति में विधि विधान के साथ नए न्यायालय परिसर के निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत की गई।
पांच मंजिला परिसर में मिलेंगी उन्नत सुविधाएं
तैयार की जा रही कार्ययोजना के तहत यह पूरी इमारत पांच मंजिला स्वरूप में खड़ी की जाएगी। न्यायिक प्रक्रियाओं को सुचारू और व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए इसमें कुल 54 नए कोर्ट रूम बनाए जाएंगे। वकीलों की कामकाजी जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए भवन के भीतर 247 चैंबर भी तैयार किए जाएंगे। इस प्रकार की डिजाइन तैयार की गई है ताकि न्यायाधीशों, न्यायिक कर्मचारियों, वकीलों और वादकारियों सभी को एक ही परिसर में आधुनिक और सुविधाजनक माहौल मिल सके।
हाईटेक सुरक्षा और पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन
नया न्यायालय परिसर पूरी तरह से आधुनिक तकनीक और सख्त सुरक्षा मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। भवन के भीतर सुरक्षा के पुख्ता और हाईटेक इंतजाम किए जाएंगे जिससे परिसर में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। निर्माण कार्य में ऊर्जा संरक्षण से जुड़ी उन्नत तकनीकों को शामिल किया जा रहा है, ताकि बिजली की बचत के साथ स्वच्छ और संतुलित माहौल बना रहे।
जुलाई 2028 तक तैयार होगा नया ढांचा
यह परियोजना कोटा जिले में न्यायिक आधारभूत संरचना को पूरी तरह से बदलने वाली साबित होगी। निर्धारित समय सीमा के अनुसार इस पूरे परिसर का निर्माण कार्य जुलाई 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सभी न्यायिक गतिविधियां इसी आधुनिक और सुसज्जित परिसर से संचालित की जाएंगी, जिससे कोटा की पूरी न्यायिक व्यवस्था को एक नया और आधुनिक स्वरूप मिलेगा।


















