फिटनेस ट्रैकिंग डिवाइस की दुनिया में स्क्रीन वाले पारंपरिक बैंड्स के जरिए अपनी पहचान बनाने वाले गूगल के ब्रांड फिटबिट ने तीन साल के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार अपना नया डिस्प्ले वाला ट्रैकर पेश कर दिया है। नए फिटबिट एज की आधिकारिक घोषणा के साथ ही इसके प्री-ऑर्डर भी शुरू हो चुके हैं। ऐसे उपभोक्ता जो लंबे समय से फिटबिट का इस्तेमाल कर रहे हैं या पुराने चार्ज 6 पर निर्भर थे, वे स्वाभाविक रूप से यह जानना चाहते हैं कि इस नए मॉडल में क्या नया है और कंपनी ने इसमें क्या बदलाव किए हैं। डिजाइन के स्तर पर फिटबिट एज बिना स्क्रीन वाले फिटबिट एयर और कर्व्ड डिस्प्ले वाली प्रीमियम पिक्सल वॉच के बीच एक संतुलित हार्डवेयर के रूप में सामने आता है। यह उसी ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है जो फिटबिट एयर में मिलता है, जो कि पिक्सल वॉच के ऑपरेटिंग सिस्टम से थोड़ा अलग है। पुराने मॉडलों की तरह नया एज ट्रैकर भी आईफोन और एंड्रॉइड दोनों तरह के स्मार्टफोन के साथ पूरी तरह काम करता है।
फिजिकल साइड बटन की वापसी और बेहतर हार्डवेयर अनुभव
हार्डवेयर के लिहाज से फिटबिट एज का सबसे संतोषजनक बदलाव इसके केसिंग के दाईं तरफ एक वास्तविक फिजिकल बटन का शामिल होना है। चार्ज 6 का इस्तेमाल करने वाले जानते हैं कि उसमें असली बटन के बजाय एक हैप्टिक नब दिया गया था। उस पुराने मॉडल को दबाने पर अक्सर टच ठीक से रजिस्टर नहीं होता था और कंपन प्रतिक्रिया भी विश्वसनीय नहीं रहती थी। इसके विपरीत नए एज का साइड बटन क्लिक की साफ आवाज के साथ दबता है। डिवाइस स्विच ऑफ रहने की स्थिति में भी यह बटन सामान्य मैकेनिकल स्विच की तरह काम करता है, जिससे मेनू नेविगेशन और वर्कआउट के दौरान ट्रैकर को नियंत्रित करना बेहद सहज हो जाता है।
सीढ़ियां चढ़ने और ऊंचाई मापने के लिए अल्टीमीटर सेंसर
सेंसर्स के मोर्चे पर गूगल ने फिटबिट एज में अल्टीमीटर को दोबारा शामिल किया है। चार्ज 4 के बाद से किसी भी फिटबिट ट्रैकर में यह महत्वपूर्ण सेंसर देखने को नहीं मिला था। अल्टीमीटर हार्डवेयर का मुख्य काम आपकी सटीक ऊंचाई नापना और दिनभर में चढ़ी गई सीढ़ियों या मंजिलों की संख्या की सही गिनती दर्ज करना है। जो लोग पहाड़ी रास्तों पर दौड़ते हैं या हाइकिंग का शौक रखते हैं, उनके लिए यह सेंसर वर्कआउट का बिल्कुल सटीक डेटा तैयार करने में बड़ी भूमिका निभाता है।
जीपीएस चिपसेट में सुधार और लोकेशन ट्रैकिंग
लोकेशन ट्रैकिंग की बात करें तो चार्ज 6 और नए एज दोनों में ही इन-बिल्ट जीपीएस की सुविधा दी गई है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि दौड़ते समय यदि आप अपना फोन घर पर भी छोड़ आएं, तब भी ट्रैकर आपकी सटीक लोकेशन और रूट को मैप कर सकता है। बिना स्क्रीन वाला फिटबिट एयर खुद का जीपीएस न होने के कारण पूरी तरह फोन पर निर्भर रहता है, जबकि एज अपने दम पर लोकेशन ट्रैक करता है। चार्ज 6 के साथ एक बड़ी तकनीकी समस्या यह थी कि रिस्टबैंड को कलाई पर थोड़ा भी कसकर बांधने से उसका जीपीएस एंटीना खिंच जाता था, जिससे रिकॉर्ड होने वाले मैप्स का आकार अजीब और विकृत हो जाता था। गूगल का दावा है कि फिटबिट एज में बेहतर जीपीएस चिपसेट लगाया गया है, जिससे ट्रैकिंग की यह पुरानी खामी दूर होने की उम्मीद है।
गूगल पे और एनएफसी सपोर्ट का हटना सबसे बड़ा नुकसान
सारे सुधारों के बीच फिटबिट एज का सबसे बड़ा डाउनग्रेड कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का न होना है। पुराने चार्ज 6 में यूजर्स गूगल वॉलेट सेटअप करके दुकानों पर सीधे कलाई से टैप करके भुगतान कर सकते थे। सुबह की सैर या दौड़ के दौरान बिना पर्स या मोबाइल लिए निकलने वालों के लिए यह एक बेहद उपयोगी सुविधा थी, जिससे रास्ते में किसी दुकान से पानी या स्नैक्स खरीदा जा सकता था। नए एज मॉडल से गूगल पे और एनएफसी तकनीक को पूरी तरह हटा दिया गया है। आंतरिक पुर्जों और सेंसर्स के लिए जगह बनाने के चक्कर में यह फीचर गंवा दिया गया है, जो पुराने उपयोगकर्ताओं को काफी निराश कर सकता है।
हर म्यूजिक ऐप पर मिलेगा पूरा प्लेबैक कंट्रोल
चार्ज 6 की सबसे परेशान करने वाली कमियों में से एक उसका म्यूजिक प्लेयर था, जहां केवल यूट्यूब म्यूजिक का ही कंट्रोल मिलता था। इसका मतलब था कि फोन पर बज रहे गानों को नियंत्रित करने के लिए हर महीने यूट्यूब म्यूजिक का सब्सक्रिप्शन लेना जरूरी था, जबकि स्पॉटिफाई या एपल म्यूजिक का उपयोग करने वाले यूजर अपनी कलाई से म्यूजिक नियंत्रित नहीं कर पाते थे। नए एज में इस प्रतिबंध को खत्म कर दिया गया है। अब अन्य स्मार्टवॉच की तरह यह ट्रैकर आपके फोन पर चलने वाले किसी भी ऑडियो ऐप को सीधे कलाई से नियंत्रित करने की सुविधा देता है।
शुरुआत में गूगल मैप्स नदारद, लेकिन जल्द मिलने का वादा
लॉन्च के समय फिटबिट एज पर गूगल मैप्स का नेविगेशन सपोर्ट उपलब्ध नहीं है, हालांकि कंपनी के आधिकारिक स्पेसिफिकेशन शीट के अनुसार यह फीचर आने वाले समय में अपडेट के जरिए दिया जाएगा। चार्ज 6 पर मिलने वाले गूगल मैप्स में केवल टर्न-बाय-टर्न दिशा-निर्देश दिखते थे और पूरा मैप डिस्प्ले नहीं होता था। ऐसे में यह बदलाव लंबे समय के लिहाज से बहुत नुकसानदेह नहीं है, लेकिन जो लोग अपनी कलाई पर दिशा-निर्देश देखने के आदी रहे हैं, उन्हें इस अपडेट के आने तक थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। गूगल का यह नया ट्रैकर पाइराइट और ऑलिव रंग के विकल्प में छोटे और बड़े दोनों बैंड साइज के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है।



















