पंजाब के अमृतसर में दिनदहाड़े अंजाम दिए गए बहुचर्चित मधुसूदन सिंह उर्फ मैड संधू हत्याकांड में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से फरार चल रहे तीन मुख्य आरोपियों को गुजरात के वलसाड जिले के वापी इलाके से एक खुफिया ऑपरेशन के दौरान पकड़ लिया गया है। पकड़े गए तीनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे और वापी से भी कहीं और भागने की फिराक में जुटे हुए थे, लेकिन इससे पहले ही सुरक्षा बलों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
वापी से ऐसे दबोचे गए तीनों वांटेड आरोपी
वलसाड जिले के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी एसओजी और गुजरात एटीएस की टीम ने संगठित अपराध के खिलाफ मिलकर यह साझा अभियान चलाया। इस कार्रवाई की अगुवाई वलसाड जिला एसओजी के पीआई डी.डी. परमार और उनकी पुलिस टीम कर रही थी। गुप्त सूचना तंत्र और आंतरिक सुरक्षा नेटवर्क से मिले पुख्ता इनपुट्स के आधार पर पुलिस को पता चला कि पंजाब में कत्ल की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पश्चिमी भारत के तटीय औद्योगिक इलाके में छिपने आए हैं। जैसे ही आरोपियों के वापी में मौजूद होने की सटीक लोकेशन मिली, एसओजी की टीम ने इलाके में घेराबंदी कर तीनों को अपनी हिरासत में ले लिया। इसके फौरन बाद गुजरात एटीएस की टीम वापी पहुंची और तीनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए ले गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और कबूलनामा
पुलिस के हत्थे चढ़े तीनों आरोपी पंजाब के एक ही गांव के रहने वाले बताए गए हैं। पकड़े गए आरोपियों में हरसिमरनजीत सिंह उर्फ सिमु सिंग्गा सरबजीत सिंह, फतेह सिंह दिलबाग सिंह और अरमान सिंह सतनाम सिंह शामिल हैं। ये तीनों पंजाब के संगे गांव के निवासी हैं। पुलिस की शुरुआती और सघन पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने मैड संधू की हत्या की साजिश और हमले में अपनी सक्रिय भूमिका स्वीकार कर ली है। उन्होंने खुलासा किया कि वारदात को अंजाम देने से पहले उन्होंने इलाके की बाकायदा रेकी की थी और संधू की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। इस खुलासे के बाद हत्याकांड से जुड़े कई अहम सूत्र सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लगे हैं।
कार वॉशिंग सेंटर के पास बरसाई गई थीं गोलियां
यह खौफनाक वारदात 3 अक्टूबर 2026 को पंजाब के अमृतसर शहर में घटी थी। लोराहका रोड पर स्थित एक कार वॉशिंग सेंटर के पास मधुसूदन सिंह उर्फ मैड संधू मौजूद थे, तभी दो अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। सरेआम हुई इस ताबड़तोड़ फायरिंग में संधू की जान चली गई और हमलावर मौके से फरार होने में सफल रहे थे। इस घटना ने पूरे पंजाब समेत देशभर में सनसनी फैला दी थी। इसके बाद गुजरात एटीएस, सीआईए और पंजाब पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर खुफिया नेटवर्क सक्रिय किया था। इसी जांच कड़ी में पूर्व में अहमदाबाद से परमविंदर सिंह उर्फ काका को भी अहमदाबाद और पंजाब पुलिस के संयुक्त अभियान में पकड़ा गया था।
रियलिटी शो में शामिल होने वाले थे मैड संधू
मधुसूदन सिंह उर्फ मैड संधू सोशल मीडिया जगत का एक जाना-माना चेहरा थे। वे युवा मेकअप आर्टिस्ट, मॉडल और लोकप्रिय डिजिटल इन्फ्लुएंसर थे, जिनके इंस्टाग्राम पर दो लाख से अधिक फॉलोअर्स मौजूद थे। इसके अलावा उन्होंने पंजाबी फिल्म 'ओय भोले ओय' में भी एक किरदार निभाया था। संधू को बहुचर्चित रियलिटी शो 'बिग बॉस' में बतौर प्रतियोगी शामिल होने का मौका मिलने वाला था, लेकिन शो में अपनी एंट्री दर्ज कराने से ठीक एक सप्ताह पहले ही बदमाशों ने उनकी जान ले ली। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि सोशल मीडिया पर अपने खास पहनावे और वीडियो कंटेंट के कारण संधू को पहले भी विवादों का सामना करना पड़ा था तथा उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं।
























