राजस्थान के टोंक जिले में सोशल मीडिया के जरिए आम नागरिकों को शिकार बनाने वाले एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा कसा है। बरौनी थाना क्षेत्र में आने वाले भरथल तिराहे पर चलाए जा रहे इस अवैध ठिकाने पर जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने अचानक दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 21 साल के कथित मुख्य साजिशकर्ता ओमप्रकाश को हिरासत में ले लिया, जबकि जिस मकान में यह गतिविधि चल रही थी उसका मालिक पुलिस की भनक लगते ही वहां से भाग निकला। अब पुलिस की अलग-अलग टीमें फरार मकान मालिक की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
विशेष निगरानी के बाद भरथल तिराहे पर हुई कार्रवाई
जिले में बढ़ते डिजिटल अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के मकसद से पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने विशेष निर्देश जारी किए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत डीएसटी के प्रभारी अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में पुलिस कर्मियों की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम को गोपनीय सूत्रों और तकनीकी निगरानी के जरिए भरथल तिराहे के पास चल रही संदिग्ध साइबर गतिविधियों का सुराग मिला था। पुख्ता जानकारी जुटाने के बाद योजनाबद्ध तरीके से मकान पर छापा मारा गया, जिससे अंदर चल रहे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सका।
सोशल मीडिया लिंक से लाखों रुपये ऐंठने का तरीका
शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि यह गिरोह इंटरनेट और विभिन्न सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल कर लोगों को लुभावने संदेश और फर्जी वेब लिंक भेजता था। इन लिंक के माध्यम से घर बैठे या आसान तरीके से भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया जाता था। जैसे ही कोई व्यक्ति इनके झांसे में आकर संपर्क करता या लिंक पर अपनी जानकारी साझा करता, गिरोह के सदस्य अलग-अलग बहानों से उनसे ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करवा लेते थे। इस रणनीति से गिरोह ने कई लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की है।
मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंक कार्ड बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से अपराध में उपयोग किए जा रहे कई डिजिटल गैजेट्स और बैंकिंग दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। जब्त किए गए सामान में 8 स्मार्टफोन, एक टैबलेट, एक वाई-फाई डिवाइस, 14 चालू सिम कार्ड, 14 एटीएम कार्ड और एक चेकबुक शामिल हैं। तकनीकी टीम इन सभी फोन और सिम कार्ड के डेटा, कॉल लॉग्स तथा इंटरनेट हिस्ट्री का विश्लेषण कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ठगी के लिए किन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
नेशनल पोर्टल पर दर्ज शिकायतों से खुली पोल, आगे की जांच तेज
गिरफ्त में आए आरोपी ओमप्रकाश के रिकॉर्ड की जांच करने पर पता चला कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर उसके खिलाफ पहले से 6 अलग-अलग शिकायतें दर्ज हैं। बरौनी थाने में दोनों आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। बरौनी थानाधिकारी जयमल सिंह आरोपी से सघन पूछताछ कर रहे हैं। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी जाती थी और इस गिरोह के तार किन अन्य लोगों से जुड़े हैं। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में लिप्त अन्य साइबर अपराधियों में अफरा-तफरी का माहौल है।



















