गुजरात के अहमदाबाद शहर में एक दर्दनाक दुर्घटना सामने आई है, जहाँ करीब 10 वर्ष की एक दृष्टिबाधित नाबालिग लड़की खुले और तेज बहाव वाले नाले में गिरकर बह गई। 10 अक्टूबर की शाम घटी इस घटना के बाद 11 अक्टूबर को भी बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल सका है। मौके पर तैनात फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट की टीमें पिछले 12 घंटे से भी अधिक समय से लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, जिसका दायरा अब साबरमती नदी तक विस्तृत कर दिया गया है।
ऑटो से उतरते ही गहरे नाले में समाई मासूम
नारोल पुलिस थाने के निरीक्षक जे. बी. अग्रावत के अनुसार, यह हादसा 10 अक्टूबर की शाम को पीराणा कचरा भराव स्थल के समीप स्थित देव होटल के पास हुआ। उस दौरान बच्ची अपनी मां के साथ यात्रा कर रही थी। गंतव्य पर पहुंचने के बाद जब उसकी मां ऑटो-रिक्शा का किराया चुकाने में व्यस्त थी, तभी बच्ची वाहन से बाहर निकल गई। दृष्टिबाधित होने और नाला पूरी तरह खुला होने की वजह से वह संतुलन खोकर कई फुट गहरे गंदे पानी के नाले में जा गिरी।
तेज बहाव के बीच साबरमती नदी तक खोज अभियान
फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नाला ढका हुआ नहीं था और उसमें पानी का बहाव बेहद तीव्र था। दानपीठ स्टेशन के फायर ब्रिगेड ऑफिसर एम. डी. पांडे ने बताया कि 10 अक्टूबर की शाम करीब 4 बजकर 15 मिनट पर आपातकालीन सूचना मिलने के बाद से ही दमकलकर्मी बच्ची की तलाश कर रहे हैं। नाले में पानी का बहाव बहुत तेज होने के चलते गोताखोरों और बचाव दलों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों को आशंका है कि नाले के उफनते पानी का तेज बहाव बच्ची को आगे खींच ले गया होगा। इसी संभावना को देखते हुए दमकलकर्मियों ने अपनी खोज का दायरा नाले के अंतिम छोर से आगे बढ़ाकर साबरमती नदी के तटीय और बहाव वाले क्षेत्रों तक केंद्रित कर दिया है।





















