गुजरात के खेड़ा जिले में स्थित नडियाद रेलवे स्टेशन पर हुई एक दुस्साहसिक डकैती की गुत्थी को पुलिस ने शनिवार शाम कुछ ही घंटों के भीतर सुलझा लिया। कोलकाता से लाए गए 2.9 किलोग्राम वजनी सोने को लूटकर फरार हो रहे चार बदमाशों को विरामगाम के पास घेराबंदी करके पकड़ लिया गया। इस बरामदगी की कुल कीमत करीब 4 करोड़ रुपये आंकी गई है। अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस और सरकारी रेलवे पुलिस की संयुक्त टीमों ने तकनीकी निगरानी और साहसिक एक्शन के दम पर इस पूरी वारदात का पर्दाफाश किया।
नडियाद रेलवे स्टेशन पर शाम को हुई थी लूटपाट
यह वारदात शनिवार शाम करीब 5 बजे उस समय शुरू हुई जब एक आभूषण कारोबारी का कर्मचारी कोलकाता से सोना लेकर नडियाद रेलवे स्टेशन पर उतरा था। स्टेशन परिसर के पास पहले से घात लगाए बैठे लुटेरों के एक गिरोह ने कर्मचारी को घेर लिया और उससे कीमती सामान से भरा बैग जबरन छीनकर गाड़ी से फरार हो गए। पीड़ित कर्मचारी ने घबराने के बजाय सूझबूझ दिखाई और भाग रहे आरोपियों की गाड़ी का पीछा करते हुए उसकी एक स्पष्ट तस्वीर अपने फोन में खींच ली।
वारदात की सूचना मिलते ही खेड़ा सरकारी रेलवे पुलिस ने स्टेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज और पीड़ित द्वारा ली गई तस्वीर से संदिग्ध वाहन की पहचान पक्की होते ही तुरंत राज्य नियंत्रण कक्ष को अलर्ट भेजा गया। इस अलर्ट में संदिग्ध कार और उसमें सवार लोगों के हुलिए का पूरा ब्योरा राज्य भर की पुलिस इकाइयों के साथ साझा किया गया।
तकनीकी सुराग और मोबाइल डेटा से तय हुआ घेरा
शाम लगभग 7.30 बजे राज्य नियंत्रण कक्ष से अलर्ट प्राप्त होते ही अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। जांच दल ने वाहन पंजीकरण विवरण और मोबाइल फोन सब्सक्राइबर डिटेल रिकॉर्ड डेटा का सघन विश्लेषण किया। इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के जरिए मिले संकेतों से पता चला कि बदमाश बनासकांठा की दिशा में तेजी से भागने की फिराक में हैं।
स्थानीय मुखबिर तंत्र से मिली सटीक खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने अहमदाबाद जिले के विरामगाम के पास जाल बिछाया। पुलिस ने निगरानी के दौरान पाया कि संदिग्ध कार आगे चल रही थी, जबकि उसके ठीक पीछे सुरक्षा घेरा बनाते हुए एक बिना नंबर प्लेट वाली दूसरी गाड़ी चल रही थी।
नाकाबंदी तोड़कर पुलिस की गाड़ी को मारी टक्कर
लोकल क्राइम ब्रांच और विरामगाम टाउन पुलिस के जवानों ने भाग रहे बदमाशों को रोकने के लिए सड़क पर ट्रकों की आड़ी नाकाबंदी कर दी। इस नाकेबंदी के जरिए पुलिस ने पीछे चल रही बिना नंबर वाली गाड़ी को तुरंत घेर लिया और उसमें मौजूद एक संदिग्ध को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। मौके पर हुई कड़ी पूछताछ में पकड़े गए संदिग्ध ने खुलासा किया कि उसके तीन साथी लूटी गई कीमती धातु को मुख्य कार में रखकर पहले ही आगे निकल चुके हैं।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने आगे चल रही मुख्य कार का पीछा शुरू किया। इंस्पेक्टर एस ए गढ़वी और परेश जानी के नेतृत्व में पुलिस बल ने विरामगाम के निकट उस कार को घेरने के लिए घेराबंदी तैयार की। खुद को चारों तरफ से घिरा देखकर कार में सवार बदमाशों ने बच निकलने की हताश कोशिश की। उन्होंने अपनी तेज रफ्तार गाड़ी से इंस्पेक्टर गढ़वी की सरकारी पुलिस गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी और रिवर्स गियर में तेजी से पीछे भागने लगे।
जान जोखिम में डालकर इंस्पेक्टर ने खींचा हैंडब्रेक
कार को रिवर्स में भागता देख इंस्पेक्टर एस ए गढ़वी ने अदम्य साहस का परिचय दिया। वे तेजी से लपके और चलती कार का दरवाजा कसकर पकड़ लिया। बदमाशों ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी, जिसके चलते इंस्पेक्टर गढ़वी लगभग 500 मीटर तक सड़क पर घिसटते चले गए। गंभीर चोटों के जोखिम के बावजूद उन्होंने अपनी पकड़ ढीली नहीं की और शरीर को किसी तरह कार के भीतर खींचने में सफल रहे। अंदर पहुंचते ही उन्होंने पूरी ताकत से गाड़ी का हैंडब्रेक खींच दिया, जिससे गाड़ी झटके के साथ रुक गई।
गाड़ी रुकते ही पीछे से आ रहे अन्य पुलिसकर्मियों ने कार को चारों तरफ से घेर लिया और उसमें सवार आरोपियों को काबू में कर लिया। इस बीच एक आरोपी पास के खेतों की ओर भागने लगा, लेकिन सतर्क पुलिस बल ने घेराबंदी करके उसे भी कुछ ही दूरी पर दबोच लिया।
सीट कवर के अंदर छिपाकर रखा था 4 करोड़ का सोना
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को आरोपियों की कार की सीट कवर के भीतर बड़ी चालाकी से छुपाकर रखा गया 2.90 किलोग्राम सोना बरामद हुआ, जिसका बाजार मूल्य लगभग 4 करोड़ रुपये है। वारदात में प्रयुक्त दोनों गाड़ियों को पुलिस ने जब्त कर लिया है। त्वरित कार्रवाई और अदम्य साहस का प्रदर्शन करने पर डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने अहमदाबाद रूरल पुलिस और वेस्टर्न रेलवे जीआरपी की संयुक्त टीमों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।





















