डूंगरपुर में महिलाओं को आर्थिक मोर्चे पर मजबूत करने और उनके कौशल को आजीविका का जरिया बनाने के लिए नगर परिषद ने एक नई शुरुआत की है। नगर परिषद की नवनिर्वाचित सभापति सुशीला गुप्ता ने स्थानीय महिलाओं को स्वरोजगार के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए कमान संभाली है। इस योजना के दायरे में ब्यूटी पार्लर, सिलाई, कढ़ाई और मेहंदी जैसे कई क्षेत्र शामिल किए गए हैं, ताकि महिलाएं अपने हुनर को कारोबार में बदल सकें। इस अभियान की सबसे बड़ी खूबी यह है कि शहर की जानी-मानी उद्यमी महिलाओं ने आगे आकर जरूरतमंद महिलाओं को मुफ्त में प्रशिक्षण देने का जिम्मा उठाया है।
इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए नगर परिषद सभागार में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता सुशीला गुप्ता ने की। इस संवाद कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय महिला उद्यमियों ने शिरकत की और अपने सफर के अनुभव साझा किए। चर्चा का मुख्य केंद्र महिलाओं की छिपी हुई प्रतिभा को सामने लाना, उनके लिए रोजगार के नए द्वार खोलना और उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रेरित करना रहा। इस दौरान सिलाई, कढ़ाई और ब्यूटी पार्लर का काम करने वाली महिलाओं ने अपने कामकाजी अनुभव भी रखे और अन्य महिलाओं को इस हुनर से जोड़ने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
क्षमता और रुचि के आधार पर मिलेगा प्रशिक्षण
सुशीला गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि शहर में ऐसी तमाम महिलाएं मौजूद हैं जिनके भीतर हुनर और कुछ नया कर गुजरने का माद्दा है, लेकिन सही दिशा, साधनों और मौकों के अभाव में वे आगे नहीं बढ़ पाती हैं। नगर परिषद की मंशा ऐसी प्रतिभाओं को तलाश कर उन्हें सही मंच मुहैया कराने की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं को उनकी पसंद, कार्यक्षमता और योग्यता के हिसाब से ही रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पूरी कवायद का मकसद सिर्फ कोई हुनर सिखाना भर नहीं है, बल्कि महिलाओं को इस लायक बनाना है कि वे अपने दम पर खुद का कारोबार शुरू कर सकें।
निःशुल्क प्रशिक्षण से मजबूत होगी आर्थिक स्थिति
इस पूरी योजना में स्थानीय महिला उद्यमियों की सहभागिता को सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। अनुभवी महिलाओं द्वारा मुफ्त प्रशिक्षण दिए जाने से जरूरतमंद महिलाओं को बिना किसी आर्थिक बोझ के हुनर सीखने का मौका मिलेगा। नगर परिषद की इस योजना से महिलाओं की आय में इजाफा होगा और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो सकेगी। जो महिलाएं यहां प्रशिक्षण लेकर अपना काम शुरू करेंगी, वे आने वाले समय में दूसरी महिलाओं के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर पाएंगी। इस तरह यह प्रयास न सिर्फ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि इलाके में महिला उद्यमिता को भी एक नई रफ्तार देगा।


















