गुजरात के वडोदरा जिले में पादरा के समीप दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक अत्यंत गंभीर सड़क हादसा पेश आया है। तेज रफ्तार से जा रही एक विंडसर इलेक्ट्रिक कार सड़क किनारे दो दिनों से बंद पड़े एक ट्रक के पिछले हिस्से में जा टकराई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार एक महिला और एक बच्चे की मौके पर ही जान चली गई। हादसे के समय इस इलेक्ट्रिक वाहन में छोटे बच्चों सहित कुल छह से सात लोग सवार थे।
पादरा के समीप हुआ भयानक हादसा
प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर एक ट्रक पिछले दो दिनों से बंद हालत में लावारिस खड़ा हुआ था। तेज गति में गुजर रही विंडसर इलेक्ट्रिक कार अचानक अनियंत्रित होकर या दृश्यता अथवा गति के कारण सीधे उस खड़े ट्रक में जा घुसी। टक्कर के बाद कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया, जिससे सभी यात्री अंदर ही बुरी तरह फंस गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस जानलेवा टक्कर में एक महिला और एक बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि वाहन में सवार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
फायर ब्रिगेड ने चलाया बचाव अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय फायर ब्रिगेड और आपातकालीन बचाव दल फौरन मौके पर पहुंचा। वाहन के अंदर फंसे घायल यात्रियों को बाहर निकालने के लिए राहतकर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। क्षतिग्रस्त कार के हिस्सों को काटकर या अलग करके फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया। इसके बाद सभी घायलों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया।
हाईवे पर सुरक्षा निगरानी पर खड़े हुए सवाल
इस हादसे के बाद दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था, गश्त और प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आधुनिक सुविधाओं से लैस इतने व्यस्त एक्सप्रेसवे पर कोई खराब ट्रक दो दिनों तक मुख्य सड़क किनारे खड़ा रहे और हाईवे प्रबंधन या पुलिस की ओर से उसे वहां से हटाने के कोई ठोस कदम न उठाए जाएं, यह गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। इस हादसे ने आधुनिक तेज गति वाले एक्सप्रेसवे पर नियमित पेट्रोलिंग और तत्काल क्रेन सहायता की अनिवार्य जरूरत को एक बार फिर रेखांकित किया है। दुर्घटना से जुड़े अन्य कानूनी और तकनीकी विवरणों की प्रतीक्षा की जा रही है।
भरूच की रासायनिक इकाई में भी हुआ था बड़ा हादसा
गुजरात में औद्योगिक और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। इससे पहले राज्य के भरूच जिले के सायखा जीआईडीसी स्थित एक फार्मा कंपनी में भीषण बॉयलर ब्लास्ट हुआ था। उस कारखाने में हाइड्रोजन रसायन से जुड़ी रासायनिक प्रक्रिया चल रही थी, तभी अचानक बॉयलर में जोरदार विस्फोट हो गया। उस हादसे में दो कर्मचारियों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी, जबकि तीन अन्य कामगारों ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। इसके अलावा तीन अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे। विस्फोट के बाद पूरे क्षेत्र में केमिकलयुक्त विषैला धुआं फैल गया था, जिससे आसपास के रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्र में दहशत फैल गई थी।



















