वडोदरा शहर के मांडवी इलाके में स्थित दला पटेल की पोल, जिसे नरसिंहजी की पोल भी कहा जाता है, में उस समय हड़कंप मच गया जब एक ही घर के भीतर तीन लोगों के शव फांसी के फंदे से लटके मिले। मृतकों की पहचान 50 वर्षीय आरतीबेन सोनी, उनके बेटे नीलकंठ सोनी और बेटी झलक सोनी के रूप में हुई है। घर के अलग-अलग हिस्सों में तीनों के शव लटके होने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने मुआयना किया और शवों को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू की। फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि परिवार ने यह खौफनाक कदम किस वजह से उठाया।
पति के निधन के बाद संभाल रहे थे आयुर्वेदिक अस्पताल
स्थानीय जानकारी के अनुसार, आरतीबेन सोनी के पति चेतनभाई की मृत्यु करीब एक वर्ष पूर्व दिल का दौरा पड़ने से हो गई थी। पति के गुजर जाने के बाद परिवार के तीनों सदस्य मिलकर अपने काम-काज को संभाल रहे थे। इस परिवार ने लगभग डेढ़ से दो साल पहले वडोदरा के ओल्ड पादरा रोड क्षेत्र में 'जैप्स हेल्थ केयर' नाम से एक आयुर्वेदिक अस्पताल की शुरुआत की थी। चेतनभाई के अचानक निधन के बाद आरतीबेन, उनका बेटा नीलकंठ और बेटी झलक इस अस्पताल के प्रबंधन और रोजाना के कामकाज में पूरी तरह सक्रिय थे।
कारोबारी साझेदार ने आर्थिक तंगी या विवाद से किया इनकार
इस दुखद घटना के सामने आने के बाद अस्पताल के व्यावसायिक साझेदार केतन शाह ने घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट की। केतन शाह ने बताया कि उनका सोनी परिवार के साथ पिछले 12 से 13 सालों से गहरा पारिवारिक संबंध रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में मुख्य रूप से उनका वित्तीय निवेश था, जबकि अस्पताल के रोजाना के संचालन, प्रबंधन और वित्तीय लेखा-जोखा यानी हिसाब-किताब की पूरी जिम्मेदारी आरतीबेन, नीलकंठ और झलक ही संभालते थे।
केतन शाह ने दी जानकारी में स्पष्ट रूप से कहा कि उनके और सोनी परिवार के बीच किसी भी प्रकार का आर्थिक लेन-देन का विवाद, मनमुटाव या व्यावसायिक तनाव नहीं था। उन्होंने बताया कि घटना से महज तीन या चार दिन पहले ही उनके बीच अस्पताल के विस्तार को लेकर बातचीत हुई थी, जिसमें दस नए विजिटिंग डॉक्टरों को अस्पताल से जोड़ने की योजना पर सहमति बनी थी। इस वजह से अचानक घटी इस घटना से हर कोई हैरान है।
घरेलू सहायिका की सूचना के बाद खोला गया दरवाजा
घटना का खुलासा तब हुआ जब सुबह घर में काम करने वाली सहायिका उषाबेन रोजाना की तरह काम के लिए पहुंचीं। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बाद भी जब घर के अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उषाबेन को किसी अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने तुरंत अस्पताल के पार्टनर केतन शाह को फोन करके स्थिति की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही केतन शाह मौके पर पहुंचे और उनके पास मौजूद चाबी से घर का दरवाजा खोला। अंदर प्रवेश करते ही तीनों सदस्यों के शव फंदे पर लटके दिखे, जिसके बाद तुरंत पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में शोक और सनसनी का माहौल फैल गया।
पुलिस की तफ्तीश जारी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
मामले की जानकारी मिलने पर वडोदरा शहर के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) एंड्रयू मेकवान पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। डीसीपी एंड्रयू मेकवान ने बताया कि पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम और पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस ने प्रारंभिक दौर में आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी परिवार के अन्य रिश्तेदारों, पड़ोसियों और करीबियों से पूछताछ कर रहे हैं ताकि मौतों के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौतों के पीछे की वास्तविक वजह और समय का सटीक आकलन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।



















