गुजरात के कच्छ जिले में सुरक्षाबलों ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए सीमा पार से आए घुसपैठियों को दबोच लिया है। सीमा सुरक्षा बल यानी BSF के जवानों ने संवेदनशील सर क्रीक क्षेत्र से चार पाकिस्तानी मछुआरों को हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षाबलों ने उनकी एक पाकिस्तानी फाइबर फिशिंग बोट को भी अपने कब्जे में ले लिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ये सभी मछुआरे कल शाम के वक्त अवैध तरीके से भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हो गए थे, जिसके बाद सतर्क जवानों ने उन्हें दबोच लिया।
घटना के सामने आने के बाद से ही इलाके में सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी काफी बढ़ा दी गई है। सर क्रीक का यह पूरा इलाका अपनी भौगोलिक स्थिति और दलदली बनावट के कारण घुसपैठ के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए BSF के जवानों ने गुप्त सूचना के आधार पर इस इलाके में विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया था। इसी गहन तलाशी अभियान के दौरान भारतीय सीमा के भीतर संदिग्ध हालत में घूम रहे इन चार पाकिस्तानी नागरिकों को धर दबोचा गया।
पकड़े गए पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान और पृष्ठभूमि
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई शुरुआती छानबीन में इन चारों गिरफ्तार आरोपियों की पहचान स्पष्ट हो गई है। पकड़े गए सभी चार लोग पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के सिंध प्रांत के चाच जान खान इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने इनकी पहचान कादिर थाइमोर, मुहम्मद मूसा, अजगर थाइमोर और अहसान जाट के रूप में की है। शुरुआती जांच में इस बात की प्रबल आशंका जताई जा रही है कि ये लोग केकड़े पकड़ने के बहाने की आड़ में भारतीय समुद्री सीमा के भीतर दाखिल हुए थे।
इन चारों को हिरासत में लिए जाने के बाद तमाम केंद्रीय और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से इनसे पूछताछ में जुटी हैं। इनसे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इनके इस अवैध प्रवेश के पीछे कोई अन्य मंशा तो नहीं थी या फिर ये किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा थे। इस संवेदनशील इलाके में हाल के दिनों में इस तरह की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए BSF लगातार मुस्तैद रहकर सघन गश्त कर रही है ताकि किसी भी बाहरी खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
सीमावर्ती क्षेत्र में कड़ी निगरानी और जांच का दौर
चार पाकिस्तानी मछुआरों की गिरफ्तारी और उनकी नाव जब्त होने के बाद कच्छ के पूरे तटीय और सीमावर्ती बेल्ट में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चाक-चौबंद कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की बहुत ही बारीकी से और विस्तृत जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इन लोगों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है या फिर ये किसी बड़े आपराधिक या घुसपैठ नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। जांच के दौरान भविष्य में जो भी नई और अहम जानकारियां सामने आएंगी, उन पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।
गौरतलब है कि इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा से जुड़े मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। कुछ समय पहले एक अन्य घटना में पाकिस्तान की जेल में मृत पाए गए एक भारतीय मछुआरे का शव वतन वापस लाया गया था, जिससे परिजनों में गहरा शोक व्याप्त हो गया था। इसके अलावा पिछले दिनों कच्छ के ही जाखाऊ समुद्री क्षेत्र से भी 11 पाकिस्तानी मछुआरों को अवैध घुसपैठ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिनसे कड़ी पूछताछ की गई थी। ताजा घटना के बाद एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा पर सुरक्षा तंत्र की मजबूती और सतर्कता सुर्खियों में आ गई है।


















