गुजरात के सूरत शहर स्थित सचिन जीआईडीसी इलाके से एक झकझोर देने वाली आपराधिक वारदात सामने आई है। झुग्गी बस्ती में रहने वाली आठ वर्ष की एक नन्हीं बच्ची 21 अक्टूबर के सबेरे शौच के मकसद से बाहर निकली थी, क्योंकि घर के भीतर शौचालय का कोई प्रबंध नहीं था। इसी दौरान रास्ते में घात लगाए बैठे पैंतीस साला शख्स ने अचानक उसका हाथ पकड़ लिया और घसीटते हुए सुनसान झाड़ियों की तरफ ले गया। वहां उसने मासूम के साथ बर्बरतापूर्वक दुष्कर्म किया। मामले की सूचना मिलते ही एक्शन में आई पुलिस ने त्वरित दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा और बाद में उसी इलाके में उससे पूरे घटनाक्रम की निशानदेही करवाई।
विरोध करने पर बेरहमी से पीटा और दी जान से मारने की धमकी
पीड़ित बच्ची जब सुबह अपने आवास के पास से गुजर रही थी, तभी सर्वेस रामलखन निषाद नाम के व्यक्ति ने उसे जबरन रोक लिया। बच्ची ने जब खुद को छुड़ाने का प्रयास किया और कड़ा विरोध जताया, तब आरोपी ने उसके मुंह पर कई थप्पड़ जड़ दिए। मारपीट कर डराने के बाद वह बच्ची को वीरान झाड़ियों के बीच खींच ले गया और दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। वहशीपन यहीं खत्म नहीं हुआ, बल्कि उसने डरी हुई मासूम को सख्त हिदायत दी कि यदि इस बारे में अपनी अम्मी या किसी परिजन से जुबान खोली तो वह उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा।
रोते हुए घर पहुंची नन्हीं पीड़िता, 112 पर कॉल से दौड़ी पुलिस
दरिंदे के चंगुल से छूटने के पश्चात बच्ची बदहवास हालत में आंसू बहाते हुए घटनास्थल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित अपनी झोपड़ी पहुंची। वहां उसने अपनी मां के सामने पूरी आपबीती बयान कर दी। वारदात की भयावहता को भांपते हुए मां ने जरा भी देर नहीं की और तत्काल आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 घुमाकर मदद मांगी। फोन कॉल प्राप्त होते ही सचिन जीआईडीसी थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को सहारा देते हुए तुरंत मेडिकल व सुरक्षा संबंधी औपचारिकताएं शुरू कराईं और आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया।
CCTV फुटेज और मुखबिर तंत्र से चॉल से दबोचा गया आरोपी
गुनहगार को गिरफ्त में लेने के लिए पुलिस ने फौरन पूरे इलाके में नाकेबंदी कड़ी कर दी। आसपास के रास्तों पर स्थापित तमाम सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई और अपने स्थानीय मुखबिरों को भी पूरी तरह सतर्क कर दिया गया। तकनीकी साक्ष्यों तथा मुखबिर से मिले सटीक इनपुट के सहारे पुलिस टीम तिरुमाला सोसायटी तक जा पहुंची। वहां बर्फ फैक्ट्री के समीप स्थित जाकिर की चॉल में दबिश देकर 35 साल के सर्वेस रामलखन निषाद को हिरासत में ले लिया गया।
पुलिसिया पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पकड़ा गया व्यक्ति मूल रूप से उत्तर प्रदेश राज्य के फतेहपुर जिले अंतर्गत खानपुर गांव से ताल्लुक रखता है। शुरुआती जांच में उसने खुलासा किया कि उसकी धर्मपत्नी उसे त्यागकर किसी दूसरे शख्स के संग रहने चली गई थी, जिसके चलते वह यहां लंबे अर्से से बिल्कुल एकाकी जीवन व्यतीत कर रहा था।
रस्सी से बांधकर घटनास्थल ले गई पुलिस, रीक्रिएट हुआ अपराध का मंजर
गिरफ्तारी पूरी होने के पश्चात पुलिस टीम ने तफ्तीश को आगे बढ़ाते हुए पूरे क्राइम सीन का रीक्रिएशन करने का फैसला किया। आरोपी को मजबूत रस्सी के सहारे बांधकर उसी वीरान झाड़ी वाली जगह लाया गया, जहां उसने गुनाह किया था। मौके पर स्वतंत्र पंचों को साथ रखकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को सिलसिलेवार दोहराया गया। पुलिसकर्मी जब उसे गलियों और बाजार के बीच से ले जा रहे थे, तब आरोपी लंगड़ाते हुए कदम बढ़ाता नजर आया और स्थानीय लोग भी जमा हो गए। पुलिस ने बारीकी से यह दर्ज किया कि उसने पीड़िता को किस बिंदु पर दबोचा था, किस पगडंडी से झाड़ियों में धकेला, वहां क्या-क्या किया और वारदात के उपरांत किस रास्ते से भाग निकला था।
इससे पहले भी राज्य के कच्छ जिले में एक स्कूली छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला चर्चा में आया था, जिसमें पुलिस ने विद्यालय के प्रधानाचार्य को सलाखों के पीछे भेजा था। फिलहाल सचिन जीआईडीसी थाना पुलिस इस ताजा प्रकरण में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और मजबूत चार्जशीट तैयार करने में जुटी है।






















