स्मार्टफोन रिटेल दुकानों पर नए मॉडल की खरीदारी के लिए उमड़ने वाली कतारों के दौर में पंजाब के एक कारोबारी ने बिल्कुल अलग तरीका अपनाया है। अमृतसर के व्यापारी राकेश त्रेहान, जिन्हें राजा डी किंग के नाम से भी जाना जाता है, उन्होंने चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर एक विशेष लकी ड्रा का आयोजन किया। इस प्रक्रिया के माध्यम से दस भाग्यशाली महिलाओं को मुफ्त आईफोन 17 प्रदान किए गए। प्रशासन द्वारा कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कारणों से खुले स्थान पर कार्यक्रम करने की मंजूरी न मिलने के बाद यह पूरा घटनाक्रम घर के भीतर मीडिया की मौजूदगी में संपन्न कराया गया।
व्हाट्सएप ग्रुप और चयन की विशेष शर्त
इस अनूठी पहल का हिस्सा बनने के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप समूह तैयार किया गया था। काफी समय से इच्छुक लोग आयोजक से संपर्क स्थापित करके इस डिजिटल समूह में शामिल हो रहे थे। समूह में अपनी सदस्यता स्थायी बनाए रखने के लिए सदस्यों के सामने प्रतिदिन धार्मिक अभिवादन 'जय माता दी' संदेश भेजने का नियम तय किया गया था।
मीडियाकर्मियों के सामने स्मार्टफोन की स्क्रीन को तेजी से स्क्रॉल किया गया। जिस भी नाम पर आकर स्क्रॉलिंग रुकी, उसे ही पुरस्कार के लिए चुना गया। इस दौरान जब कभी पुरुषों के नाम स्क्रीन पर आए, तो आयोजक ने उन्हें तुरंत खारिज कर दिया क्योंकि यह विशेष वितरण केवल महिला प्रतिभागियों के लिए ही आरक्षित रखा गया था। चुने गए दस नामों की आधिकारिक घोषणा मौके पर ही कर दी गई।
दो हजार हैंडसेट बांटने का व्यापक लक्ष्य
आयोजक राकेश त्रेहान ने इस अवसर पर अपनी भावी योजनाओं का भी ब्योरा साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुफ्त स्मार्टफोन बांटने का यह अभियान केवल एक दिन या एक शहर तक सीमित नहीं रहने वाला है। आने वाले दिनों में देश के दस अलग-अलग प्रमुख शहरों में इसी प्रकार हैंडसेट बांटे जाएंगे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से संकल्प दोहराते हुए कहा कि वह आगे चलकर कुल 2000 आईफोन 17 वितरित करेंगे।
प्रशासन की सख्ती और सुरक्षा संबंधी चिंताएं
इस वितरण को खुले मैदान या सार्वजनिक स्थल पर आयोजित न करने के पीछे चंडीगढ़ प्रशासन और स्थानीय पुलिस की सख्त हिदायतें थीं। अधिकारियों को अंदेशा था कि मुफ्त महंगे गैजेट्स के चक्कर में हजारों लोगों का भारी जमावड़ा लग सकता है। ऐसी बेकाबू भीड़ किसी बड़ी भगदड़ अथवा गंभीर कानून-व्यवस्था संकट का सबब बन सकती थी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने पहले ही चेतावनी दे दी थी कि वैध अनुमति के बिना किसी भी सार्वजनिक आयोजन की स्थिति में कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसी चेतावनी को ध्यान में रखते हुए आयोजक ने अपने समर्थकों और आम लोगों से उनके घर के बाहर भीड़ न लगाने की सार्वजनिक अपील जारी की थी, जिसके बाद इस पूरे लकी ड्रा को इनडोर मीडिया इवेंट का रूप दिया गया।
पेट्रोल कूपन और नकदी वितरण का पिछला इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब राकेश त्रेहान इस तरह के वितरण को लेकर चर्चा के केंद्र में आए हैं। इससे पूर्व अगस्त के महीने में चंडीगढ़ स्थित एक ईंधन स्टेशन पर निशुल्क पेट्रोल कूपन बांटने की घोषणा की गई थी। उस योजना के तहत दोपहिया और तिपहिया वाहनों को 500 रुपये मूल्य के वाउचर तथा चार पहिया वाहनों को 1,000 रुपये के कूपन दिए जाने थे। उस समय मूसलाधार बारिश के बावजूद भारी संख्या में लोग पेट्रोल पंप पर उमड़ पड़े थे, जिससे पैदा हुई अव्यवस्था के चलते कार्यक्रम को आनन-फानन में रद्द करना पड़ा था। इसके अतिरिक्त वह चंडीगढ़ में नकद राशि बांटने तथा अमृतसर में सोने के सिक्के देने से जुड़े आयोजनों को लेकर भी पूर्व में सुर्खियों में रहे हैं।























