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चंडीगढ़ और मोहाली में मुफ़्त आईफोन बांटने के ऐलान पर प्रशासन सख्त, बिना मंजूरी भीड़ जुटाने पर होगी जेलहरियाणा
20 सित॰ 2026, 12:12 am (25 मिनट पहले)· 0

चंडीगढ़ और मोहाली में मुफ़्त आईफोन बांटने के ऐलान पर प्रशासन सख्त, बिना मंजूरी भीड़ जुटाने पर होगी जेल

सोशल मीडिया पर 22 सितंबर को मुफ़्त आईफोन बांटने का प्रचार करने वाले शख्स के खिलाफ चंडीगढ़ और मोहाली प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बिना प्रशासनिक अनुमति ऐसे आयोजन करने पर कानूनी कार्रवाई और कारावास की चेतावनी जारी की गई है।

सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के इरादे से अजीबोगरीब घोषणाएं करने वालों के खिलाफ पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। खुद को 'राजा डी किंग' और क्रिप्टो ट्रेडर बताने वाले एक व्यक्ति द्वारा 22 सितंबर को ट्राइसिटी क्षेत्र में मुफ्त स्मार्टफोन बांटने की बात कही गई थी। इस व्यक्ति ने ऑनलाइन मंचों पर दावा किया था कि वह तय तारीख को लोगों के बीच आईफोन 17 और उससे आधुनिक हैंडसेट का वितरण करेगा। जैसे ही यह मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया, कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए तुरंत निषेधात्मक कदम उठा लिए गए।

कानून व्यवस्था और सुरक्षा कारणों से लगा प्रतिबंध

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे गैर-जिम्मेदाराना संदेशों से सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर निशांत यादव ने पुलिस तंत्र को निर्देश दिए हैं कि शहर की सीमाओं के भीतर इस तरह के किसी भी अनधिकृत जमावड़े को बिल्कुल न होने दिया जाए। अधिकारियों का मानना है कि महंगे फोन मुफ्त में मिलने के झांसे में आकर हजारों लोग अचानक एक स्थान पर एकत्र हो सकते हैं, जिससे भगदड़ मचने तथा जन-धन की भारी क्षति होने का खतरा बन जाता है। इस व्यक्ति ने पहले भी निशुल्क पेट्रोल वितरित करने की बात कहकर इसी तरह का प्रचार अभियान चलाया था। ऐसे जोखिमों को टालने के लिए शहर में इस कार्यक्रम के आयोजन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।

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प्रशासनिक अनुमति का अभाव और कानूनी प्रावधान

आयोजन की वैधता को लेकर पुलिस महकमे ने साफ स्थिति स्पष्ट कर दी है। चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर और मोहाली के एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि इस तथाकथित कार्यक्रम के लिए सक्षम प्राधिकारी से कोई औपचारिक इजाजत नहीं ली गई है। बिना किसी पूर्व अनुमति सार्वजनिक स्थल पर लोगों को बुलाना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 का सीधा उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, सरकारी आदेशों की अवहेलना करते हुए गैरकानूनी ढंग से भीड़ जुटाने की कोशिश करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत अभियोजन चलाया जाएगा।

नियम तोड़ने पर निर्धारित सजा और जुर्माना

कानूनी विशेषज्ञों और पुलिस निर्देशों के अनुसार, निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मामले की गंभीरता के आधार पर दो श्रेणियों में दंड का निर्धारण किया गया है

  • सामान्य श्रेणी का उल्लंघन: यदि किसी व्यक्ति के कृत्य से लोक सेवकों के कार्य में व्यवधान पड़ता है या आम नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ता है, तो दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की कैद, 2,500 रुपये तक का आर्थिक दंड अथवा दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं।
  • गंभीर श्रेणी का उल्लंघन: यदि इस प्रकार की भीड़ से नागरिकों के स्वास्थ्य, जीवन या समग्र सुरक्षा पर संकट उत्पन्न होता है अथवा उपद्रव या दंगे की स्थिति बनती है, तो सजा की अवधि 1 वर्ष तक के कारावास, 5,000 रुपये तक के जुर्माने या दोनों तक बढ़ाई जा सकती है।

पब्लिसिटी स्टंट और सोशल मीडिया की वास्तविकता

संबंधित व्यक्ति का तर्क रहा है कि वह पुश्तैनी जायदाद और डिजिटल मुद्रा के कारोबार से अर्जित धन का उपयोग इस काम के लिए कर रहा है। दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों और सतर्कता एजेंसियों का कहना है कि यह केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अधिक व्यूज और फॉलोअर्स हासिल करने का हथकंडा है। इस तरह के भ्रामक वादों से युवाओं को आकर्षित कर सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाने की किसी भी चेष्टा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और नियमों को ताक पर रखने वाले किसी भी व्यक्ति से कानून पूरी कड़ाई से निपटेगा।

सवाल-जवाब

सोशल मीडिया पर किस तारीख को मुफ्त आईफोन बांटने का दावा किया गया था?
सोशल मीडिया पर 22 सितंबर को चंडीगढ़ और मोहाली में आईफोन बांटने का प्रचार किया गया था।
प्रचारक ने किन मॉडल्स को बांटने की बात कही थी?
प्रचारक ने आईफोन 17 और उससे ऊपर के मॉडल्स मुफ्त में वितरित करने का दावा किया था।
इस तथाकथित कार्यक्रम पर पुलिस और प्रशासन ने क्या कदम उठाया है?
प्रशासन ने इस पूरे आयोजन पर रोक लगा दी है और बिना मंजूरी भीड़ जुटाने वालों को जेल भेजने की चेतावनी दी है।
बिना अनुमति ऐसा आयोजन करने पर किन धाराओं में कार्रवाई होगी?
बिना अनुमति भीड़ जुटाने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई तय की गई है।
नियमों का उल्लंघन करने पर कितनी सजा का प्रावधान है?
सामान्य मामलों में 6 महीने तक की जेल या 2,500 रुपये जुर्माना, जबकि दंगे या जीवन संकट की स्थिति में 1 साल तक की जेल या 5,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·9 मिनट पहले

सोशल मीडिया पर सस्ते लोकलुभावन प्रचार और व्यूज के लिए इस तरह की स्टंटबाजी सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत प्रशासन द्वारा उठाया गया यह सख्त कदम यह स्पष्ट करता है कि बिना अनुमति के भगदड़ या अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करने वालों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। ऐसे मामलों में केवल आयोजकों ही नहीं, बल्कि अफवाह फैलाने वालों पर भी निगरानी रखना आवश्यक है ताकि भविष्य में इस तरह की गैरकानूनी हरकतों पर लगाम लगाई जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·8 मिनट पहले

सोशल मीडिया पर रातों-रात प्रसिद्धि पाने की यह प्रवृत्ति अब उत्तर प्रदेश समेत देश के कई शहरी इलाकों में भी चिंता का विषय बनती जा रही है। विशेषकर युवाओं को आकर्षित करने के लिए इस तरह के प्रचार स्टंट न केवल यातायात को बाधित करते हैं, बल्कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन के लिए भी कानून व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए केवल आयोजकों पर कानूनी कार्रवाई ही काफी नहीं है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी निगरानी बढ़ानी होगी ताकि बिना अनुमति इस तरह के जोखिम भरे आयोजनों के संदेशों के प्रसार को समय रहते रोका जा सके।

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