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कुरुक्षेत्र में रिश्वतखोरी पर बड़ा एक्शन, उमरी चौक पर 5 लाख रुपये लेते सीआईडी इंस्पेक्टर पकड़ा गयाहरियाणा
22 सित॰ 2026, 7:01 am (45 दिन पहले)· 0

कुरुक्षेत्र में रिश्वतखोरी पर बड़ा एक्शन, उमरी चौक पर 5 लाख रुपये लेते सीआईडी इंस्पेक्टर पकड़ा गया

हरियाणा में खनन सामग्री ढोने वाले वाहनों से बंधी वसूली के आरोप में सतर्कता ब्यूरो ने सीआईडी इंस्पेक्टर राजेश कुमार को कुरुक्षेत्र में रंगे हाथों पकड़ लिया है.

हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अपराध अन्वेषण विभाग के एक इंस्पेक्टर को पांच लाख रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों हिरासत में ले लिया है. आरोपी अधिकारी की पहचान सीआईडी में तैनात इंस्पेक्टर राजेश कुमार के रूप में की गई है. उस पर खनन सामग्री से लदे वाहनों को करनाल और यमुनानगर के रास्तों पर बेरोकटोक गुजरने देने के नाम पर मोटी रकम वसूलने का गंभीर आरोप है.

वाहनों के हिसाब से मांगी जा रही थी बंधी

इस पूरे मामले की शुरुआत करनाल निवासी एक ट्रांसपोर्टर की शिकायत से हुई. शिकायतकर्ता के अनुसार, यमुनानगर और करनाल के बीच माइनिंग सामग्री ले जाने वाले ट्रकों को बिना किसी अड़चन के निकालने की एवज में इंस्पेक्टर ने शुरुआत में हर गाड़ी के लिए दस हजार रुपये प्रति माह की दर से रिश्वत की मांग रखी थी. दोनों पक्षों के बीच लगातार बातचीत चलती रही और 19 सितंबर को आरोपी इंस्पेक्टर ने दरों में थोड़ी कमी करने पर सहमति जताई. अंततः करीब 70 गाड़ियों के काफिले के लिए लगभग सात हजार रुपये प्रति गाड़ी के हिसाब से पांच लाख रुपये का कुल मासिक सौदा तय हुआ.

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उमरी चौक पर सतर्कता टीम ने बिछाया जाल

ट्रांसपोर्टर इस अवैध वसूली के आगे झुकने को तैयार नहीं था, इसलिए उसने तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो के पास जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई. कुरुक्षेत्र एसीबी के प्रभारी इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह की अगुवाई में जांच दल ने सबसे पहले शिकायत में लगाए गए आरोपों की गुप्त तरीके से पुष्टि की. तथ्यों की पुष्टि होते ही टीम ने आरोपी को रंगे हाथों दबोचने के लिए एक ठोस योजना तैयार की.

मौके पर ही पकड़ा गया आरोपी

इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने पैसे की पहली किस्त लेने के लिए शिकायतकर्ता ट्रांसपोर्टर को करनाल से कुरुक्षेत्र बुलाया था. लेन-देन के लिए कुरुक्षेत्र का उमरी चौक तय किया गया. एसीबी की टीम तय समय से पहले ही उमरी चौक के आसपास सादे कपड़ों में तैनात हो चुकी थी. जैसे ही ट्रांसपोर्टर ने तय रकम के तौर पर पांच लाख रुपये इंस्पेक्टर के हाथ में थमाए, पहले से सतर्क एसीबी कर्मियों ने तुरंत घेराबंदी कर आरोपी को मौके पर ही धर दबोचा. ब्यूरो ने मौके से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली है और आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है.

सवाल-जवाब

एसीबी ने किस अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़ा है?
हरियाणा सीआईडी में तैनात इंस्पेक्टर राजेश कुमार को कुरुक्षेत्र में पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है.
इंस्पेक्टर पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
उस पर यमुनानगर और करनाल के बीच खनन सामग्री ले जाने वाले 70 वाहनों को बिना रोकटोक चलने देने के लिए 5 लाख रुपये मासिक रिश्वत मांगने का आरोप है.
आरोपी ने शुरुआत में कितनी रिश्वत की मांग की थी?
शिकायतकर्ता के अनुसार इंस्पेक्टर ने शुरुआत में 10,000 रुपये प्रति वाहन प्रति महीने की मांग रखी थी.
यह गिरफ्तारी किस जगह पर की गई?
एसीबी की टीम ने कुरुक्षेत्र के उमरी चौक पर जाल बिछाकर आरोपी को रकम लेते ही रंगे हाथों दबोचा.
कार्रवाई करने वाली एसीबी टीम का नेतृत्व कौन कर रहा था?
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व कुरुक्षेत्र एसीबी के इंचार्ज इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह ने किया.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Amit Patel@amit-patel·45 दिन पहले

माइनिंग ट्रांसपोर्ट पर ऐसा अवैध खर्चा सीधा मालभाड़ा और ढुलाई महंगी करता है, जिसका असर आखिर में हर चीज़ की कीमतों पर पड़ता है।

Ravikash Gupta@ravikash·45 दिन पहले

माइनिंग वाले ट्रकों से महीने के हिसाब से बंधा हुआ हफ्ता वसूलने का खेल चल रहा था, सात हजार रुपये प्रति गाड़ी का रेट तय हुआ था। हद है, जो महकमा कानून की रक्षा के लिए है वही ऐसा खुला खेल करवा रहा था।

Arjun Mehta@arjun-mehta·45 दिन पहले

रविकेश जी, बात बिल्कुल सही है। जब महकमे के लोग ही ऐसे धंधों में शामिल होंगे, तो कानून का डर किसे रहेगा?

Karan Malhotra@karan-malhotra·45 दिन पहले

माइनिंग वालों से हर महीने सात हज़ार प्रति गाड़ी वसूलने का हिसाब बना रखा था, हद है!

Rohan Verma@rohan-verma·45 दिन पहले

करण भाई, सात हज़ार प्रति गाड़ी का ये हिसाब वाकई चौंकाने वाला है। क्या ऐसे मामलों में सिर्फ एक ही इंस्पेक्टर लिप्त होता है या इसके पीछे पूरा सिंडिकेट काम कर रहा होता है?

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