राजधानी से उत्तर की ओर सफर करने वाले मुसाफिरों और मालवाहक गाड़ियों के लिए आगामी दिनों में यातायात व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा। दिल्ली से सोनीपत की दिशा में आगे बढ़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के मुख्य कैरिजवे पर चार दिनों तक रात के समय आवाजाही सीमित रहेगी। कुंडली सीमा क्षेत्र में पैदल यात्रियों के लिए ओवरब्रिज तैयार किया जा रहा है, जिसकी वजह से सुरक्षा कारणों से मार्ग को आंशिक तौर पर नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया है।
सोनीपत मार्ग पर रात ग्यारह बजे से तड़के पांच बजे तक प्रतिबंध
यह यातायात नियमन मंगलवार, 22 सितंबर की रात से प्रभावी होकर शुक्रवार, 25 सितंबर के तड़के तक चलेगा। इस व्यवस्था के अंतर्गत पूरे दिन मार्ग अवरुद्ध नहीं रहेगा, बल्कि केवल रात्रि 11 बजे से अगली सुबह 5 बजे की समयावधि में ही पाबंदी लागू की जाएगी। इस दौरान मुख्य सड़क के करीब 400 मीटर के दायरे में सामान्य आवागमन प्रभावित रहेगा, ताकि क्रेन और भारी निर्माण उपकरणों के संचालन के समय किसी तरह की दुर्घटना का खतरा न रहे।
निर्माण स्थल के समानांतर मौजूद सर्विस लेन पर गाड़ियों को भेजा जाएगा, जिससे सफर जारी रखा जा सके। ज़मीनी स्तर पर स्थिति नियंत्रित रखने और जाम से बचाव के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों ने लंबी दूरी के चालकों और नियमित यात्रियों से आग्रह किया है कि वे इस तय समय सारिणी को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा आरंभ करें और मौके पर तैनात कर्मियों के संकेतों का पालन करें।
गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में प्रेरणा विमर्श आयोजन के कारण मालवाहकों पर रोक
दूसरी ओर, गौतमबुद्धनगर जिले में भी रविवार को व्यापक रूट बदलाव लागू किए गए हैं। ग्रेटर नोएडा के गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित 'प्रेरणा विमर्श 2026' कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। सुबह 7 बजे से लेकर रात्रि 10 बजे तक नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे सहित आयोजन स्थल के नजदीकी रास्तों पर भारी, मध्यम और हल्के मालवाहक वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह रोक दिया गया है।
हालांकि, आमजन की दैनिक जरूरतों को देखते हुए आवश्यक सेवाओं से जुड़ी गाड़ियों को इस रोक से बाहर रखा गया है। फल, हरी सब्जियां, दूध की आपूर्ति करने वाले वाहनों, दमकल गाड़ियों और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हल्के निजी वाहनों के लिए एक्सप्रेसवे पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन भीड़ बढ़ने की स्थिति में आवश्यकतानुसार उन्हें वैकल्पिक संपर्क मार्गों की तरफ मोड़ा जा रहा है।
चिल्ला और महामाया से लेकर परी चौक तक बदले हुए मार्ग
ट्रैफिक पुलिस की योजना के अनुसार, चिल्ला लाल बत्ती, डीएनडी टोल प्लाजा, फिल्म सिटी और महामाया फ्लाईओवर की ओर से परी चौक या जीरो प्वाइंट की तरफ जाने वाले वाहनों को रजनीगंधा चौराहे की ओर भेजा जा रहा है। ये गाड़ियां सेक्टर-18 तथा सेक्टर-37 अंडरपास से गुजरते हुए भंगेल एलिवेटेड रास्ते और सूरजपुर-कुलेसरा होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच सकती हैं।
ग्रेटर नोएडा तथा यमुना एक्सप्रेसवे से नोएडा शहर में दाखिल होने वाले वाहनों को परी चौक से सूरजपुर तिराहा, कुलेसरा एवं फेज-2 के रास्तों का उपयोग करने का परामर्श दिया गया है। इसके अतिरिक्त, सेक्टर-132, 151 और 152 के कट से आने वाले चालकों की सुविधा के लिए जेनेसिस ग्लोबल स्कूल तथा डबल सर्विस लेन वाले संपर्क मार्गों को आवागमन के लिए निर्धारित किया गया है।



















