गुरुग्राम से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक मेट्रो से सीधे पहुंचना जल्द संभव होने वाला है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने यशोभूमि मेट्रो स्टेशन से गुरुग्राम के राजीव चौक तक एयरपोर्ट मेट्रो लाइन का विस्तार करने की योजना तैयार की है और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
राजीव चौक से एयरपोर्ट तक होगी सीधी मेट्रो
द्वारका एक्सप्रेसवे पर स्थित यशोभूमि मेट्रो स्टेशन से यह नया कॉरिडोर दिल्ली-जयपुर हाईवे पर गुरुग्राम के राजीव चौक तक जाएगा। इसके बन जाने के बाद गुरुग्राम के यात्रियों को एयरपोर्ट के लिए कोई जटिल इंटरचेंज नहीं करना पड़ेगा, वे मेट्रो से सीधे इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पहुंच सकेंगे। DMRC ने इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर मंत्रालय को भेज दी है, जिसे मंजूरी मिल चुकी है।
इसके साथ ही द्वारका सेक्टर-21 से गुरुग्राम सेक्टर-21 के बीच एक अलग मेट्रो कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इस दूसरी परियोजना की DPR भी स्वीकृति के लिए मंत्रालय को भेजी जा चुकी है।
HRRTC बोर्ड बैठक में वित्तीय प्रगति और नई योजनाओं की समीक्षा
हाल ही में हरियाणा रैपिड ट्रांजिट कॉर्पोरेशन (HRRTC) की बोर्ड बैठक में इन नई परियोजनाओं के अलावा मेट्रो और नमो भारत ट्रेनों के संचालन की भी समीक्षा की गई। रैपिड मेट्रो की वित्तीय स्थिति बैठक में खास चर्चा का विषय रही।
आंकड़े बताते हैं कि जनवरी से मई के बीच रैपिड मेट्रो ने 9.18 करोड़ रुपये की आमदनी दर्ज की, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह सिर्फ 1.98 करोड़ रुपये थी। सालाना आय बढ़कर 35 करोड़ रुपये हो गई है। खर्च के मोर्चे पर खास बदलाव नहीं आया, इस साल परिचालन खर्च 25.82 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछले साल 25.74 करोड़ रुपये था।
यात्री संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इस साल जनवरी से मई के पांच महीनों में करीब 80.76 लाख यात्रियों ने रैपिड मेट्रो में सफर किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 73.81 लाख थी।
पचगांव मेट्रो: 35.25 किमी लंबा कॉरिडोर, 28 स्टेशन प्रस्तावित
बैठक में पचगांव मेट्रो प्रोजेक्ट पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसकी DPR जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने पेश की जाएगी। प्रस्ताव के अनुसार गुरुग्राम के सेक्टर-56 से पचगांव तक 35.25 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसमें 28 स्टेशन होंगे। इसके अतिरिक्त बैठक में बल्लभगढ़-पालवल और बहादुरगढ़-असोदा मेट्रो कॉरिडोर की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
पलवल एक्सटेंशन और नरेला-कुंडली कॉरिडोर में प्रगति
हरियाणा में पलवल मेट्रो एक्सटेंशन की भी बैठक में समीक्षा हुई। यह एक्सटेंशन 30.30 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 18 स्टेशन प्रस्तावित हैं। नरेला-कुंडली एक्सटेंशन के लिए हरियाणा सरकार 10 हेक्टेयर भूमि देने की सैद्धांतिक मंजूरी पहले ही दे चुकी है।
दिल्ली-पानीपत-करनाल RRTS और व्यापक कनेक्टिविटी विस्तार
दिल्ली-पानीपत-करनाल RRTS कॉरिडोर की DPR को भी मंजूरी मिल गई है और इस परियोजना की अनुमानित लागत 33,000 करोड़ रुपये है। गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा RRTS कॉरिडोर पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने पर दिल्ली-NCR में आवागमन पहले से कहीं ज्यादा सुगम हो जाएगा और लाखों यात्रियों की रोजाना की यात्रा आसान बनेगी।













