हरियाणा के नूंह जिले में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक मौलवी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता अपने नन्हे बच्चे का इलाज कराने गई थी, लेकिन वहां उसके साथ बंधक बनाकर बर्बरता की गई।
बच्चे के इलाज के बहाने बुलाया गया मौलवी के ठिकाने पर
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, पीड़िता अपने बच्चे के इलाज के सिलसिले में पलवल जिले के मठेपुर गांव में एक मौलवी के पास पहुंची थी। महिला का आरोप है कि मौलवी ने उससे कहा कि उसके बच्चे पर किसी 'बुरी आत्मा' का साया पड़ा है और इसके इलाज के लिए उसे अगले दिन नूंह जिले के तावड़ू क्षेत्र स्थित खोरी गांव में अपने ठिकाने पर आने को कहा। महिला के मुताबिक, जब वह वहां पहुंची तो उसे बताया गया कि इलाज सूर्यास्त के बाद ही किया जाएगा। इंतजार के इसी दौरान उसे एक पेय पदार्थ पिलाया गया, जिसे पीते ही वह बेहोश हो गई।
होश आते ही खुद को पाया बंद कमरे में
पीड़िता के मुताबिक, जब उसे होश आया तो उसने खुद को एक कमरे में बंद पाया। उसका आरोप है कि वहां मौलवी और उसके साथ शामिल अन्य आरोपियों ने उसे बंधक बना लिया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
बच्चे की जान की धमकी देकर रखा चुप
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने महिला को उसके बच्चे की हत्या कर देने की धमकी देकर चुप रहने पर मजबूर किया। महिला ने पुलिस को बताया कि इसके बाद उसे लगातार अलग-अलग जगहों पर घुमाया गया, उसके मोबाइल का सिम कार्ड तोड़कर नष्ट कर दिया गया और उसे अपने परिवार से किसी भी तरह संपर्क नहीं करने दिया गया, ताकि घटना की जानकारी बाहर न जा सके।
23 जून की रात बच्चे के साथ भागकर बचाई जान
पीड़िता के मुताबिक, 23 जून की रात वह किसी तरह मौका पाकर अपने बच्चे को लेकर आरोपियों की गिरफ्त से भागने में कामयाब रही। घर पहुंचकर उसने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिवार ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। महिला ने आरोप लगाते हुए कहा, "आरोपियों ने मेरी अश्लील तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिए और लगातार मुझे धमकाते रहे।"
पांचों आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली और मौलवी सहित पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सदर तावड़ू थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि मामले की आगे जांच की जा रही है।



















