हरियाणा के गुरुग्राम स्थित राजीव चौक पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा चलाए जा रहे एक विशेष जांच अभियान के दौरान एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने में जुटी पुलिस टीम ने मंगलवार को एक ऐसे दोपहिया वाहन को रोककर जब्त किया, जिस पर जुर्माने की कुल राशि वाहन की असल कीमत से कई गुना अधिक हो चुकी थी। गलत दिशा में स्कूटी चला रहे एक युवक को जब पुलिस ने बिना हेलमेट के पकड़ा और कागजात मांगे, तो पड़ताल में 96 पेंडिंग चालान का खुलासा हुआ।
राजीव चौक पर जांच के दौरान पकड़ में आया मामला
गुरुग्राम यातायात पुलिस की एक विशेष टीम मंगलवार को शहर के प्रमुख राजीव चौक चौराहे पर नियमित चेकिंग अभियान पर तैनात थी। इसी दौरान राजीव चौक से गुजर रही एक स्कूटी को ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने रोका। वाहन चालक सड़क पर गलत दिशा में वाहन ले जा रहा था और उसने सिर पर हेलमेट भी नहीं पहन रखा था। पुलिस अधिकारियों ने जब उसे तुरंत रुकने का इशारा किया और गाड़ी के आरसी तथा बीमा से जुड़े दस्तावेज दिखाने को कहा, तो चालक मौके पर कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत करने में पूरी तरह असमर्थ रहा।
ई-चालान सिस्टम में दर्ज निकले 96 पेंडिंग चालान
वाहन के कागजात न होने पर जब पुलिसकर्मियों ने ई-चालान मशीन के डेटाबेस में स्कूटी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर ऑनलाइन रिकॉर्ड खंगाला, तो मशीन में दिखे आंकड़े देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की अलग-अलग धाराओं के तहत उस एकल स्कूटी पर 96 बार यातायात नियमों के उल्लंघन के मामले पहले से दर्ज थे और इन सभी चालानों का भुगतान लंबे समय से लंबित रखा गया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन सभी 96 चालानों को मिलाकर कुल बकाया जुर्माना राशि 10 लाख रुपये तक पहुंच चुकी थी।
कैमरा सर्विलांस और हैंडहैल्ड मशीन से कटे थे चालान
यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कुल 96 चालानों में से केवल 1 चालान ऑन-द-स्पॉट ई-चालान मशीन के जरिए काटा गया था। इसके अलावा बाकी के 95 चालान शहर भर में लगी आधुनिक कैमरा आधारित प्रवर्तन प्रणाली द्वारा अलग-अलग तारीखों पर स्वचालित रूप से जारी किए गए थे। ट्रैफिक सर्विलांस कैमरों ने लगातार रेड लाइट जंप करने, ओवरस्पीडिंग करने और गलत दिशा में वाहन चलाने की तस्वीरों को रिकॉर्ड कर यह चालान जनरेट किए थे, जिन्हें वाहन मालिक ने नजरअंदाज कर दिया था।
मेदांता अस्पताल के पास काम करता है स्कूटी चालक
पुलिस पूछताछ और छानबीन में स्कूटी चला रहे युवक की पहचान प्रशांत के रूप में हुई है। प्रशांत गुरुग्राम में स्थित मेदांता अस्पताल के समीप एक मेडिकल स्टोर पर काम करता है। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई कि जिस 2017 मॉडल की स्कूटी को वह चला रहा था, वह आधिकारिक तौर पर निशांत नामक व्यक्ति की बहन दीपिका के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से वाहन को इंपाउंड कर अपने कब्जे में ले लिया है और मोटर वाहन अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत लंबे समय से जुर्माना न भरने वाले ऐसे डिफॉल्टर्स के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।



















