हरियाणा पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए कौशल-बंबीहा गिरोह के प्रमुख सदस्य गौरव गडोली को गिरफ्तार कर लिया है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्रत्यर्पित करके भारत लाए गए इस आरोपी को विदेश में बैठकर आपराधिक गतिविधियां चलाने के आरोप में हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को जानकारी साझा करते हुए बताया कि साल 2026 में हरियाणा एसटीएफ द्वारा अंजाम दिया गया यह 13वां सफल प्रत्यर्पण है। सोमवार को पूरी हुई इस कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से विदेश भाग चुके अपराधियों पर शिकंजा कसा गया है।
दुबई से प्रत्यर्पण और सुरक्षा एजेंसियों का समन्वय
गैंगस्टर कौशल चौधरी का साला गौरव गडोली साल 2023 से भारत से बाहर रहकर आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी और वापसी सुनिश्चित करने के लिए भारतीय एजेंसियों ने एक व्यापक अभियान चलाया। हरियाणा पुलिस की एसटीएफ ने इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी), केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) नई दिल्ली तथा विदेश मंत्रालय (एमईए) के साथ मिलकर काम किया। केंद्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच निरंतर समन्वय के बल पर आरोपी को दुबई में ट्रैक कर हिरासत में लिया गया और फिर भारत लाया गया।
रंगदारी सिंडिकेट और ‘डब्बा कॉल्स’ का जाल
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि गौरव गडोली विदेश में मौजूद गैंगस्टर पवन शौकीन के लिए काम कर रहा था। वह पिछले तीन सालों से तकनीक का इस्तेमाल करके ‘डब्बा कॉल्स’ की सुविधा मुहैया कराता था। इन कॉल्स की मदद से बिना किसी सुराग के दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में कारोबारियों और अन्य लोगों से रंगदारी मांगी जाती थी। इसके अलावा, गिरोह के भीतर नए युवाओं की भर्ती करने और वित्तीय नेटवर्क के प्रबंधन में भी गौरव की मुख्य भूमिका थी। इस काम में उसकी बहन मनीषा का नाम भी सामने आया है, जो गैंगस्टर कौशल चौधरी की पत्नी है और गिरोह की सक्रिय सहयोगी मानी जाती है।
फर्जी पासपोर्ट पर फरार होने का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गौरव गडोली के खिलाफ रंगदारी, हत्या के प्रयास, शस्त्र अधिनियम और संगठित अपराध जैसी गंभीर धाराओं में कुल छह मामले दर्ज हैं। आरोपी को 14 अक्टूबर 2022 को अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया था और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। कार्रवाई से बचने के लिए गौरव 30 नवंबर 2023 को फर्जी पहचान पत्र के जरिए बनाए गए पासपोर्ट का सहारा लेकर लखनऊ हवाई अड्डे से दुबई भाग गया था। उस समय उसने साहिल यादव नाम का फर्जी पासपोर्ट बनवाया था।
संगठित अपराध के खिलाफ अभियान में तेजी
हरियाणा एसटीएफ के आईजी बी. सतीश बालान ने इस कार्रवाई पर बात करते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में यह प्रत्यर्पण एक बड़ी कामयाबी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेशों में छिपे अपराधियों को वापस लाने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। गौरतलब है कि इससे पहले 10 अप्रैल 2026 को भी एसटीएफ ने थाईलैंड से कौशल-बंबीहा गिरोह के सहयोगी साहिल चौहान को प्रत्यर्पित कराया था, जिसके ऊपर जघन्य अपराधों के 16 मामले चल रहे हैं।



















