गुरुग्राम की सड़कों पर एक स्कूटी बेधड़क दौड़ रही थी, लेकिन जब ट्रैफिक पुलिस ने उसे रोककर रिकॉर्ड खंगाला तो पुलिस के भी होश उड़ गए। इस स्कूटी पर एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 62 चालान पेंडिंग निकले और इनका कुल जुर्माना 2,17,500 रुपये बनता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वाहन को मौके पर ही जब्त कर लिया।
चालक के पास नहीं थे कोई कागजात
यह घटना हरियाणा के गुरुग्राम स्थित Z चौक की है। मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को इलाके के जोनल अधिकारी एएसआई सुरेंद्र कुमार अपनी टीम के साथ नियमित जांच अभियान में जुटे थे। इसी दौरान एक स्कूटी सवार को रोककर उससे लाइसेंस, आरसी और बीमा जैसे जरूरी दस्तावेज मांगे गए। चालक इनमें से कोई भी कागज दिखाने में नाकाम रहा, जिसके बाद टीम को शक हुआ और उन्होंने वाहन का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन खंगालने का फैसला लिया। दस्तावेज न होना ही वह पहली कड़ी थी, जिसने पूरे मामले को उजागर कर दिया।
रिकॉर्ड खंगाला तो निकले 62 चालान
ऑनलाइन जांच में सामने आया कि इस स्कूटी के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की अलग-अलग धाराओं में कुल 62 चालान लंबित पड़े थे। इनमें ज्यादातर मामले हेलमेट न पहनने और वाहन का वैध बीमा न होने से जुड़े थे। इन सभी 62 चालानों की कुल जुर्माना राशि 2,17,500 रुपये आंकी गई, जो पुलिस अधिकारियों के मुताबिक एक अकेले दोपहिया वाहन पर इतनी बड़ी रकम पेंडिंग होने का असामान्य मामला है। इतने लंबे समय तक चालान जमा न होना बताता है कि चालक बार-बार पकड़े जाने के बावजूद रकम चुकाने से बचता रहा।
क्रेन से उठाकर पार्किंग भेजी गई स्कूटी
इतने चालान पेंडिंग होने और चालक के पास कोई दस्तावेज न होने पर पुलिस ने देर नहीं की। मौके पर ही स्कूटी को सीज कर दिया गया और क्रेन की मदद से उसे पुलिस की पार्किंग तक पहुंचा दिया गया। इस पूरी कार्रवाई के बाद गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों के लिए एक कड़ा संदेश भी जारी किया, जिसमें साफ किया गया कि नियम तोड़ने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस की अपील, समय पर भरें चालान
पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि जो लोग नियम तोड़ते रहते हैं और चालान की रकम जमा नहीं करते, उनके खिलाफ यह मुहिम आगे भी चलती रहेगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने वाहन का बीमा और प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र यानी पीयूसी हमेशा वैध रखें और लंबित चालान जल्द से जल्द निपटाएं। पुलिस के मुताबिक सड़क पर नियमों का पालन सिर्फ कानून का हिस्सा नहीं, बल्कि हर सवार की अपनी सुरक्षा से भी जुड़ा मसला है, और छोटी-छोटी लापरवाही आगे चलकर इसी तरह भारी जुर्माने और गाड़ी जब्ती में बदल सकती है।



















