आजकल ज्यादातर लोग खूबसूरत और चमकदार त्वचा पाने के लिए तरह-तरह के स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि केवल महंगे प्रोडक्ट्स खरीदना ही काफी नहीं होता, बल्कि बेहतर परिणाम पाने के लिए सही प्रोडक्ट को सही समय और सही क्रम में लगाना भी उतना ही आवश्यक है। सामान्य डेली रूटीन में लोग फिर भी कम गलतियां करते हैं, लेकिन जब बात सैलिसिलिक एसिड या ग्लाइकोलिक एसिड जैसे एक्टिव इंग्रेडिएंट्स की आती है, तो अक्सर जानकारी के अभाव में गड़बड़ी हो जाती है। त्वचा की देखभाल से जुड़े हर प्रोडक्ट का अपना एक विशेष कार्य होता है। अगर इनका उपयोग गलत तरीके से किया जाए, तो त्वचा को लाभ मिलने के बजाय नुकसान झेलना पड़ सकता है। इस विषय पर सरीन वेलनेस के फाउंडर और डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. अंकुर सरीन ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर विस्तृत जानकारी साझा की है कि स्किनकेयर रूटीन में किस प्रोडक्ट का क्या काम है और उन्हें कब और कैसे इस्तेमाल करना चाहिए।
पोर्स और ब्लैकहेड्स से छुटकारा पाने के लिए सैलिसिलिक एसिड
सैलिसिलिक एसिड आधारित क्रीम या सीरम का इस्तेमाल उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है जिनके चेहरे पर बड़े पोर्स और ब्लैकहेड्स की समस्या ज्यादा रहती है। यह तत्व त्वचा के रोमछिद्रों की गहराई में जाकर जमने वाले अतिरिक्त सीबम, गंदगी और मृत कोशिकाओं को बाहर निकालता है। इस प्रक्रिया से खुले पोर्स और ब्लैकहेड्स की समस्या धीरे-धीरे समाप्त होने लगती है। इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करते समय ध्यान रखें कि इसका इस्तेमाल केवल रात के समय ही करना चाहिए। साथ ही, इसे हफ्ते में दो से तीन बार लगाना पर्याप्त होता है।
त्वचा की नमी और प्राकृतिक चमक के लिए हयालूरोनिक एसिड
त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करने और चेहरे पर प्राकृतिक निखार लाने के लिए हयालूरोनिक एसिड का उपयोग किया जाता है। इसके नियमित और सही इस्तेमाल से चेहरे की शुष्कता दूर होती है और त्वचा में एक बेहतरीन ग्लो नजर आने लगता है। हयालूरोनिक एसिड की सबसे अच्छी बात यह है कि यह त्वचा के लिए बहुत माइल्ड होता है। इसे आप रोजाना सुबह के समय और शाम के समय अपने स्किनकेयर रूटीन में आसानी से शामिल कर सकते हैं।
त्वचा के लचीलेपन और कसावट के लिए पेप्टाइड्स
पेप्टाइड्स युक्त क्रीम का मुख्य काम त्वचा के लचीलेपन और फर्मनेस यानी कसावट को बनाए रखना है। यह स्किन सेल्स को शरीर के भीतर प्राकृतिक रूप से कोलेजन और इलास्टिन का निर्माण करने का महत्वपूर्ण संकेत देते हैं। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, त्वचा में कोलेजन कम होने लगता है, ऐसे में पेप्टाइड्स त्वचा की बनावट को सुदृढ़ रखने में मदद करते हैं। इसका इस्तेमाल आप रोजाना दिन में दो बार, यानी सुबह और शाम के समय कर सकते हैं।
असमान रंगत सुधारने के लिए ग्लाइकोलिक एसिड
अगर आपकी त्वचा की रंगत असमान है या चेहरे पर दाग-धब्बों की समस्या है, तो ग्लाइकोलिक एसिड का इस्तेमाल कारगर साबित होता है। यह त्वचा की ऊपरी सतह पर मौजूद मृत कोशिकाओं को हटाकर नई और साफ त्वचा को बाहर लाता है, जिससे चेहरे की रंगत में स्पष्ट सुधार होता है। ग्लाइकोलिक एसिड का इस्तेमाल रोजाना रात को सोने से पहले करना चाहिए ताकि रातभर यह त्वचा पर अपना प्रभाव दिखा सके।
झुर्रियों और फाइन लाइन्स को नियंत्रित करने के लिए रेटिनॉल
उम्र बढ़ने के लक्षणों जैसे झुर्रियों, रिंकल्स और त्वचा के असमान टेक्सचर को नियंत्रित करने में रेटिनॉल सबसे प्रभावी माना जाता है। रेटिनॉल वास्तव में विटामिन ए का ही एक रूप है, जो त्वचा की कोशिकाओं के नवीनीकरण की प्रक्रिया को तेज करता है और कोलेजन के उत्पादन में वृद्धि करता है। रेटिनॉल काफी शक्तिशाली एक्टिव इंग्रेडिएंट है, इसलिए इसका इस्तेमाल रोजाना करने से बचना चाहिए। इसे हमेशा रात को सोने से पहले हफ्ते में केवल दो से तीन बार ही लगाना चाहिए।
सही स्किनकेयर रूटीन अपनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें
अपनी त्वचा के प्रकार और समस्याओं को समझे बिना किसी भी एक्टिव इंग्रेडिएंट का प्रयोग शुरू न करें। सैलिसिलिक एसिड और रेटिनॉल जैसे स्ट्रॉन्ग इंग्रेडिएंट्स का रोजाना इस्तेमाल करने से स्किन बैरियर को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे त्वचा में लालिमा या जलन की समस्या हो सकती है। हमेशा नए प्रोडक्ट का पैच टेस्ट करें और अपनी जरूरत के अनुसार ही सही क्रम में इनका इस्तेमाल करें।



















