गुरुग्राम में यातायात पुलिस ने रविवार को चेकिंग के दौरान एक ऐसी मोटरसाइकिल जब्त की, जिसके नाम पर 58 चालान लंबे समय से पेंडिंग थे और बकाया जुर्माना 3,83,000 रुपये तक पहुंच चुका था। सुपरमार्ट इलाके में चलाए गए वाहन जांच अभियान के दौरान यह मामला सामने आया।
नियम तोड़ने वालों के खिलाफ खास मुहिम
यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस इन दिनों बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ विशेष प्रवर्तन अभियान चला रही है। जिन वाहन मालिकों ने महीनों या सालों से अपने पेंडिंग चालान नहीं भरे हैं, उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी मुहिम के तहत रविवार को सुपरमार्ट इलाके में गाड़ियों की जांच की जा रही थी।
दस्तावेज मांगे तो चालक के पास दिखाने को कुछ नहीं था
सुपरमार्ट जोन के जोनल अधिकारी और सहायक अवर निरीक्षक अमित कुमार अपनी टीम के साथ नियमित चेकिंग पर तैनात थे। इसी दौरान टीम ने एक मोटरसाइकिल सवार को रोका और उससे गाड़ी के कागजात मांगे। चालक एक भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर पाया, जिसके बाद पुलिस ने मोटरसाइकिल के रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
58 चालान में हेलमेट, बीमा और प्रदूषण जांच का उल्लंघन शामिल
जांच में सामने आया कि इस मोटरसाइकिल के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के अलग-अलग प्रावधानों के तहत कुल 58 चालान काटे जा चुके थे और इन पर कुल 3,83,000 रुपये का जुर्माना बकाया था। इनमें ज्यादातर चालान पीछे की सीट पर बैठे सवार को बिना हेलमेट बिठाने, बिना वैध बीमा के गाड़ी चलाने और वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र न होने से जुड़े थे। इसके अलावा यातायात के अन्य नियमों के उल्लंघन के चालान भी इस मोटरसाइकिल के नाम दर्ज थे।
कुछ दिन पहले 10 लाख के चालान वाली स्कूटी भी हुई थी जब्त
गुरुग्राम में ऐसा मामला पहली बार सामने नहीं आया है। हाल ही में यातायात पुलिस ने एक स्कूटी भी जब्त की थी, जिस पर करीब 96 चालान दर्ज थे और बकाया जुर्माना 10 लाख रुपये था। ताजा मामले में मोटरसाइकिल को भी जब्त कर एक निर्दिष्ट स्थान पर खड़ा कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई मोटर वाहन अधिनियम के तहत की जाएगी।
आगे भी जारी रहेगी सख्ती
पुलिस ने साफ किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जिन वाहनों पर पुराने चालान बकाया हैं, उनकी पहचान कर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक ऐसे वाहन चालकों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्माने के साथ ही अन्य कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।



















