यूएस ओपन में अरीना सबालेका ने किया करिश्मा, लिंडा नोस्कोवा को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगहमिर्जापुर में आदिवासियों के पारंपरिक नुस्खे से बन रहा खास गुड़, स्वाद और रूप में चॉकलेट जैसाचाणक्य नीति: किन पांच स्थितियों में झुकना सही है और कहां चुपचाप दूरी बना लेना चाहिएमोहनलाल की फिल्म 'ऑपरेशन गंगा' में स्क्वाड्रन लीडर वर्लिन पंवार की एंट्री, सैन्य अनुभव से बनेगी बातघर पर आसानी से बनाएं पारंपरिक पंचफोरन मसाला, जानिए सही सामग्री और बनाने की आसान विधिमारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स फेसलिफ्ट की होगी एंट्री, 35 किमी माइलेज और ADAS जैसे फीचर्स से लैस होगी कारसोया चंक्स कैसे बनते हैं? जानिए इस शाकाहारी मील मेकर की पूरी फैक्टरी प्रक्रियालंबे समय तक डेस्क पर बैठने वालों के लिए पांच बेहतरीन फिजियो एक्सरसाइज, गर्दन और कंधों को मिलेगा आरामप्रेम की डगर पर आधार कार्ड और जाति का हिसाब मांगने वाले कथावाचकों पर एक तीखा सवालजीडीपी की रफ्तार ने छोड़े पीछे एथेनॉल और दिमागी नक्सल, गूगल सर्च में मचाया तहलका
हथेली के 3 विशेष पर्वतों पर बने त्रिशूल का महत्व, जानिए किन क्षेत्रों में मिलती है अपार सफलता और ख्यातिधर्म
9 सित॰ 2026, 12:28 am (54 मिनट पहले)· 2

हथेली के 3 विशेष पर्वतों पर बने त्रिशूल का महत्व, जानिए किन क्षेत्रों में मिलती है अपार सफलता और ख्याति

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली में त्रिशूल का निशान अत्यंत दुर्लभ और शुभ फलदायी माना जाता है। जानिए सूर्य, गुरु और शनि पर्वत पर त्रिशूल बनने से जीवन में क्या बदलाव आते हैं।

हस्तरेखा विज्ञान में त्रिशूल के चिन्ह को एक अत्यंत शुभ और प्रभावशाली प्रतीक माना जाता है। हथेली के कुछ विशेष स्थानों पर त्रिशूल की उपस्थिति व्यक्ति को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अपार सफलता, उच्च पद और समाज में विशेष सम्मान दिलाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पवित्र निशान को भगवान शिव के विशेष आशीर्वाद का प्रतीक भी माना जाता है। हथेली पर यह चिन्ह होने से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और उसे करियर तथा आर्थिक मोर्चों पर सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि हथेली के किन तीन पर्वतों पर त्रिशूल का निशान सबसे अधिक फलदायी साबित होता है।

सूर्य पर्वत पर त्रिशूल का बनना दिलाता है मान-सम्मान और प्रसिद्धि

हथेली में अनामिका उंगली के निचले हिस्से को सूर्य पर्वत कहा जाता है। इस स्थान से होकर गुजरने वाली सीधी रेखा को सूर्य रेखा के नाम से जाना जाता है। यदि सूर्य रेखा के ऊपर त्रिशूल की आकृति बन रही हो, तो हस्तरेखा शास्त्र में इसे सर्वोत्तम संकेतों में से एक माना गया है। ऐसे व्यक्ति अपार ऊर्जा और सकारात्मकता से भरे होते हैं। सूर्य पर्वत पर त्रिशूल का चिन्ह होने से व्यक्ति को अपने कार्यक्षेत्र में बहुत ख्याति प्राप्त होती है। ऐसे लोग प्रशासनिक या व्यावसायिक क्षेत्रों में शीर्ष पदों तक पहुँचने में सफल होते हैं। साथ ही यह निशान व्यक्ति को जीवन में निरंतर आर्थिक लाभ भी प्रदान करवाता है।

ये भी पढ़ें

गुरु पर्वत पर त्रिशूल का प्रतीक बनाता है ज्ञानी और सफल मार्गदर्शक

तर्जनी उंगली के ठीक नीचे स्थित क्षेत्र को गुरु पर्वत कहा जाता है। गुरु पर्वत पर त्रिशूल के निशान का होना व्यक्ति के उच्च ज्ञान और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक है। जिन लोगों की हथेली में यह योग बनता है, वे अत्यंत महत्वकांक्षी स्वभाव के होते हैं और जीवन भर कुछ न कुछ नया सीखने के लिए प्रेरित रहते हैं। भगवान शिव की कृपा से ऐसे जातकों को विभिन्न विषयों का गहन ज्ञान प्राप्त होता है। यह चिन्ह व्यक्ति को अत्यधिक भाग्यशाली बनाता है, जिससे उन्हें नौकरी तथा व्यापार में बड़ी उपलब्धियां हासिल होती हैं। ऐसे लोगों में दूसरों का सही मार्गदर्शन करने और एक कुशल गुरु के रूप में स्थापित होने के स्वाभाविक गुण मौजूद रहते हैं।

शनि पर्वत पर त्रिशूल का होना कर्मों के शुभ फल और समृद्धि का संकेत

हस्तरेखा शास्त्र में मध्यमा उंगली के नीचे के भाग को शनि पर्वत कहा जाता है। चूंकि शनि देव को भगवान शिव का परम भक्त माना जाता है, इसलिए शनि पर्वत पर त्रिशूल के निशान की उपस्थिति अत्यंत कल्याणकारी मानी गई है। यह चिन्ह इस बात का संकेत देता है कि व्यक्ति को उसके द्वारा किए गए कठिन परिश्रम और शुभ कर्मों का पूर्ण फल प्राप्त होगा। ऐसे जातक स्वभाव से बेहद मेहनती, अनुशासित और आत्मविश्वास से लबरेज होते हैं। अपनी कर्मठता के बल पर वे अपने करियर में नए आयाम स्थापित करते हैं और उच्च ओहदों पर आसीन होते हैं। आर्थिक दृष्टिकोण से भी ऐसे लोग जीवन में काफी संपन्न रहते हैं और उन्हें कभी धन-धान्य की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है।

सवाल-जवाब

हथेली में सूर्य पर्वत कहाँ स्थित होता है और यहाँ त्रिशूल होने का क्या मतलब है?
सूर्य पर्वत अनामिका (रिंग फिंगर) उंगली के नीचे होता है। यहाँ सूर्य रेखा पर त्रिशूल का निशान व्यक्ति को करियर में ख्याति, उच्च पद और आर्थिक लाभ दिलाता है।
गुरु पर्वत पर त्रिशूल का निशान किस बात का संकेत देता है?
गुरु पर्वत तर्जनी उंगली के नीचे होता है। यहाँ त्रिशूल होने से व्यक्ति ज्ञानी, महत्वाकांक्षी, समाज में प्रतिष्ठित और एक अच्छा मार्गदर्शक बनता है।
शनि पर्वत पर त्रिशूल होने से जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
शनि पर्वत मध्यमा उंगली के नीचे स्थित होता है। यहाँ त्रिशूल का निशान व्यक्ति को मेहनती बनाता है और कर्मों का शुभ फल देकर उच्च पद व आर्थिक संपन्नता दिलाता है।
हथेली में त्रिशूल का निशान किस भगवान की कृपा का प्रतीक माना जाता है?
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली में त्रिशूल का निशान भगवान शिव के विशेष आशीर्वाद और कृपा का प्रतीक माना जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR