गुरुग्राम में खुला 55 कोर्ट रूम वाला भव्य न्यायिक परिसर, सीजेआई सूर्यकांत ने नूंह में रखी दो अदालतों की डिजिटल नींवहरियाणा
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गुरुग्राम में खुला 55 कोर्ट रूम वाला भव्य न्यायिक परिसर, सीजेआई सूर्यकांत ने नूंह में रखी दो अदालतों की डिजिटल नींव

सीजेआई सूर्यकांत ने रविवार को गुरुग्राम में 55 अदालत कक्षों वाले 'टावर ऑफ जस्टिस' परिसर का उद्घाटन किया और नूंह जिले में तावड़ू-पुन्हाना अदालतों की डिजिटल नींव भी रखी.

गुरुग्राम में रविवार को न्याय व्यवस्था के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया, जब प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने शहर के नए 'टावर ऑफ जस्टिस' न्यायिक परिसर का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे मुकदमों की प्रकृति बदल रही है, वैसे-वैसे न्याय देने के तरीकों में भी बदलाव लाना जरूरी है.

कार्यक्रम में कौन-कौन रहा मौजूद

आधिकारिक बयान के मुताबिक इस उद्घाटन समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी शामिल हुए.

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पूरे हरियाणा में बनें एकीकृत जिला अदालत परिसर

सीजेआई ने इस दौरान उत्तर प्रदेश की तर्ज पर पूरे हरियाणा में एकीकृत जिला अदालत परिसर बनाने की वकालत की. उनका तर्क था कि अदालतों की संख्या बढ़ने से न्यायिक क्षमता में इजाफा होगा, खासकर वाणिज्यिक विवादों और चेक बाउंस से जुड़े मामलों के निपटारे में तेजी आएगी.

नए भवन में 55 अदालत कक्ष, अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र भी प्रस्तावित

जारी बयान के अनुसार नए परिसर में 55 आधुनिक अदालत कक्ष बनाए गए हैं, जबकि पुराने भवन में सिर्फ 45 अदालत कक्ष थे. इसके अलावा परिसर में वीडियो-कॉन्फ्रेंस की सुविधा और न्यायिक रिकॉर्ड रूम भी हैं. हाईकोर्ट की निगरानी में यहां एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र बनाने का प्रस्ताव भी है.

नूंह में तावड़ू और पुन्हाना अदालतों की डिजिटल नींव

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि टावर ऑफ जस्टिस का निर्माण न्याय-प्रशासन के लिए एक उपयुक्त माहौल तैयार करता है. इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नूंह जिले में तावड़ू और पुन्हाना न्यायिक परिसर की आधारशिला भी डिजिटल माध्यम से रखी.

2017 में रखी थी नींव, आज खुद किया उद्घाटन

जस्टिस सूर्यकांत ने एक दिलचस्प संयोग साझा करते हुए बताया कि साल 2017 में जब वे पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जज थे, तब गुरुग्राम में टावर ऑफ जस्टिस की आधारशिला भी उन्होंने ही रखी थी और अब बरसों बाद संयोगवश इसका उद्घाटन भी उन्हीं के हाथों हुआ है. उन्होंने भरोसा जताया कि सात एकड़ जमीन पर बना यह परिसर हर नागरिक के लिए न्याय का प्रतीक बनेगा.

मुख्यमंत्री सैनी बोले, न्याय प्रणाली में भरोसे का प्रतीक

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह न्यायिक परिसर संविधान की गरिमा और न्याय व्यवस्था में नागरिकों के अटूट विश्वास को दर्शाता है. उन्होंने कहा, "ऐसे शहर में एक आधुनिक न्यायिक परिसर की स्थापना से न्याय वितरण प्रणाली और मजबूत एवं बेहतर होगी." मुख्यमंत्री ने भी उसी संयोग का जिक्र किया कि जिस इमारत की नींव जस्टिस सूर्यकांत ने 2017 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जज रहते हुए रखी थी, उसका उद्घाटन भी रविवार को उन्हीं के हाथों हुआ.

सवाल-जवाब

गुरुग्राम में 'टावर ऑफ जस्टिस' का उद्घाटन किसने किया?
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने रविवार को गुरुग्राम में 'टावर ऑफ जस्टिस' न्यायिक परिसर का उद्घाटन किया.
नए न्यायिक परिसर में कितने अदालत कक्ष हैं?
नए परिसर में 55 आधुनिक अदालत कक्ष हैं, जबकि पुराने भवन में केवल 45 अदालत कक्ष थे.
कार्यक्रम में और कौन-कौन शामिल हुआ?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इस मौके पर मौजूद रहे.
सीजेआई ने किन दो अदालतों की डिजिटल नींव रखी?
उन्होंने नूंह जिले में तावड़ू और पुन्हाना न्यायिक परिसर की आधारशिला डिजिटल रूप से रखी.
2017 वाला संयोग क्या है?
2017 में जस्टिस सूर्यकांत पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जज रहते हुए इसी टावर ऑफ जस्टिस की आधारशिला रख चुके थे, और अब उन्होंने ही इसका उद्घाटन किया.
परिसर किस जमीन पर बना है?
यह परिसर सात एकड़ जमीन पर बनाया गया है.

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