हरियाणा के करनाल में पुरानी सब्जी मंडी के पास ट्रैफिक पुलिस ने एक युवक को उसकी मॉडिफाइड बुलेट मोटरसाइकिल के लिए भारी कीमत चुकाने पर मजबूर कर दिया। जांच में बाइक पर अवैध प्रेशर हॉर्न, पटाखे जैसी तेज आवाज करने वाला साइलेंसर और नंबर प्लेट का न होना पाया गया, जिसके चलते पुलिस ने 51 हजार 500 रुपये का चालान काट दिया। कार्रवाई के दौरान युवक ने पुलिसकर्मियों से अभद्र व्यवहार भी किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर उठक-बैठक भी करवाई।
गाड़ी में मिलीं कई गंभीर खामियां
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान बुलेट मोटरसाइकिल में एक नहीं बल्कि कई नियम विरुद्ध बदलाव मिले। बाइक में तेज आवाज वाला प्रेशर हॉर्न लगाया गया था, जो सामान्य ट्रैफिक में अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बनता है। इसके अलावा साइलेंसर में भी छेड़छाड़ की गई थी, जिससे वह पटाखे जैसी तेज धमाकेदार आवाज करता था। सबसे गंभीर बात यह रही कि बाइक बिना नंबर प्लेट के ही सड़क पर दौड़ाई जा रही थी, जो मोटर वाहन अधिनियम का सीधा उल्लंघन है। इन सभी खामियों को जोड़कर पुलिस ने नियमानुसार भारी-भरकम चालान बनाया।
पुलिसकर्मियों से बदसलूकी ने बढ़ाई मुसीबत
मामला तब और बिगड़ गया जब जांच के लिए रोके जाने पर युवक ने मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ बदतमीजी शुरू कर दी। खबर मिलते ही जब ट्रैफिक थाना प्रभारी खुद मौके पर पहुंचे, तो युवक ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार करने से गुरेज नहीं किया। पुलिस ने इस रवैये को गंभीरता से लिया और वाहन संबंधी सभी उल्लंघनों को जोड़कर कुल 51 हजार 500 रुपये का चालान काटने के साथ ही उससे उठक-बैठक भी करवाई, ताकि उसे अपनी गलती का एहसास हो सके।
कैमरे के सामने मांगी माफी, युवाओं को दी सीख
कार्रवाई के बाद आरोपी युवक राजेंद्र ने कैमरे के सामने खुलकर अपनी गलती स्वीकार की। राजेंद्र ने कहा कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करना गलत है और किसी भी वाहन में अवैध मोडिफिकेशन नहीं करवाना चाहिए। उसने खासतौर पर प्रेशर हॉर्न और पटाखे वाले साइलेंसर जैसे बदलावों से बचने की सलाह दी। साथ ही राजेंद्र ने अन्य युवाओं से अपील की कि वे पुलिस और कानून का सम्मान करें तथा सड़क सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें।
पुलिस का कहना, सुरक्षा है मकसद
ट्रैफिक पुलिसकर्मी दुष्यंत रमन ने इस पूरे मामले पर कहा कि ट्रैफिक पुलिस का मकसद लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि उनकी और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें, अपने वाहनों में किसी भी तरह का अवैध बदलाव न करवाएं और पुलिस के साथ सम्मानजनक व्यवहार रखें। उनके मुताबिक सड़क पर जिम्मेदारी और अनुशासन ही सुरक्षित यात्रा की सबसे बड़ी गारंटी है।
हरियाणा में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहला मौका नहीं है जब हरियाणा में वाहन नियमों के उल्लंघन का ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया हो। इससे पहले गुरुग्राम में पुलिस ने बिना हेलमेट के आ रहे एक मोटरसाइकिल सवार को रोका था, जिसकी जांच में पता चला कि उसकी बाइक पर पहले से 107 चालान पेंडिंग थे। इन सभी पेंडिंग चालान की कुल रकम करीब 2 लाख 36 हजार रुपये तक पहुंच चुकी थी। ऐसे मामले साफ दिखाते हैं कि हरियाणा में ट्रैफिक पुलिस अब वाहन नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपना रही है।



















