हरियाणा के भिवानी जिले के बामला गांव के 22 वर्षीय युवक अतुल कुमार ने राज्य स्तर पर आयोजित प्रशासनिक सेवा भर्ती में बड़ी कामयाबी दर्ज की है। अतुल कुमार ने हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) परीक्षा में पूरे प्रदेश में 13वीं रैंक प्राप्त की है। खास बात यह है कि उन्होंने यह मुकाम अपने पहले ही प्रयास में हासिल किया है। वर्ष 2015 में यूपीएससी टॉपर रहीं टीना डाबी के सफर से प्रभावित होकर अतुल ने प्रशासनिक सेवाओं में जाने का लक्ष्य निर्धारित किया था और इसके लिए केवल यूपीएससी तथा एचपीएससी की परीक्षाओं पर ही अपना ध्यान केंद्रित रखा।
पहले ही प्रयास में मिली बड़ी कामयाबी
अतुल कुमार ने बताया कि जब रात के समय परीक्षा परिणाम घोषित हुआ और उन्होंने सूची में अपना नाम 13वें स्थान पर देखा, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने तत्काल अपने पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को इस परिणाम की जानकारी दी, जिससे पूरे घर में जश्न का माहौल बन गया। महज 22 वर्ष की आयु में पहले ही प्रयास में राज्य की प्रतिष्ठित सेवा में चयनित होना उनके लिए बेहद सुखद अनुभव रहा है। अतुल ने इसके साथ ही संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा भी दी हुई है और उन्हें पूरा भरोसा है कि वहां भी उनका प्रदर्शन काफी बेहतर रहेगा।
8 से 10 घंटे की दैनिक पढ़ाई और सटीक रणनीति
अपनी तैयारी की दिनचर्या साझा करते हुए अतुल ने बताया कि वे हर रोज करीब 8 से 10 घंटे नियमित अध्ययन करते थे। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज से मई 2025 में बीए ऑनर्स पॉलिटिकल साइंस की डिग्री 8.3 सीजीपीए के साथ पूरी करने के तुरंत बाद उन्होंने एचसीएस की तैयारी शुरू कर दी थी। लगभग एक वर्ष तक उन्होंने तय रणनीति के तहत अध्ययन किया, जिसमें पढ़ी गई सामग्री के निरंतर रिविजन और मुख्य विषयों पर गहरा ध्यान देना शामिल था। उनका मानना है कि सही रणनीति और निरंतरता के बल पर एक साल की तैयारी से पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की जा सकती है।
मेधावी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और पारिवारिक परिवेश
अतुल कुमार का शैक्षणिक रिकॉर्ड शुरुआत से ही उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने अपनी 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। उनका परिवार भी शिक्षा और सेवा से जुड़ा हुआ है। उनके पिता जितेंद्र कुमार गांव हालुवास में बतौर जेबीटी शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता सुमन देवी एक कुशल गृहणी हैं। उनके बड़े भाई विनय कुमार बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत हैं। अतुल की इस उपलब्धि पर उनके ताऊ और शिक्षा विभाग में लिपिक नरेंद्र सिंह जांगड़ा ने कहा कि यह पद अतुल की सादगी और कठिन परिश्रम का फल है। उन्होंने कहा कि गांव के युवा अब शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि अतुल यूपीएससी परीक्षा में भी सफल होंगे।
93 हजार अभ्यर्थियों के बीच कड़ा मुकाबला
हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा यह परीक्षा कुल 102 पदों को भरने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। इस भर्ती प्रक्रिया में राज्य भर से लगभग 93 हजार युवाओं ने हिस्सा लिया था। इतने बड़े स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षा में 102 पदों की सीमित संख्या के बीच 13वां स्थान प्राप्त करना प्रशासनिक सेवा के अभ्यर्थियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।





















