हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित उज्जल माजरी गांव में सड़क किनारे एक विशालकाय मादा अजगर का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। अंबाला जिले के तहत आने वाले इस सीमावर्ती इलाके में ग्रामीणों ने जब सड़क किनारे इतने बड़े सांप को बेसुध पड़ा देखा, तो तुरंत इसकी जानकारी वन्यजीव विभाग और वंदे मातरम दल को दी। मौके पर पहुंची बचाव टीम ने मुआयना किया तो पता चला कि यह करीब 10 फीट 3 इंच लंबी मादा अजगर है, जिसका वजन लगभग 23 किलोग्राम मापा गया। हालांकि, सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इस विशालकाय जीव के गले में एक रस्सी बंधी हुई थी, जिसके बाद इसकी मौत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गले में फंसी रस्सी और संदिग्ध मौत के हालात
अजगर के शरीर पर मिले निशानों और खासकर गले में बंधी रस्सी ने जांच अधिकारियों का ध्यान खींचा है। यह अभी साफ नहीं हो सका है कि रस्सी किसी ग्रामीण अथवा शिकारी द्वारा बांधी गई थी या फिर अजगर को कहीं से खींचकर यहां लाकर फेंका गया है। वंदे मातरम दल के सदस्य भरत कुमार के मुताबिक, जैसे ही उज्जल माजरी में मृत सांप पड़े होने की खबर मिली, उनकी टीम और वन्यजीव विभाग के कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। उस दौरान घटनास्थल पर हिमाचल प्रदेश की कुछ टीमें भी मौजूद थीं। प्राथमिक मुआयने में गले में रस्सी मिलने की पुष्टि हुई, जिसके चलते स्वाभाविक मौत या किसी दुर्घटना के अलावा मानवीय दखल की आशंका भी गहरी हो गई है।
पांच डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
मौत की असल वजह जानने के लिए मृत मादा अजगर के शव को पशु चिकित्सालय के डिप्टी डायरेक्टर के पास ले जाया गया। वहां पांच विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने अजगर का गहन पोस्टमार्टम किया। विशेषज्ञों का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह तस्वीर साफ हो सकेगी कि अजगर की जान दम घुटने से गई, किसी अंदरूनी चोट के कारण मौत हुई या फिर किसी जहरीले पदार्थ का असर था। यह मेडिकल रिपोर्ट अगले दो से तीन दिनों के भीतर आने की उम्मीद है, जिसके बाद ही आधिकारिक निष्कर्ष जारी किए जाएंगे।
घटनास्थल का नक्शा और आसपास के गांवों में छानबीन
मामले की तह तक जाने के लिए जांच टीमें केवल मेडिकल रिपोर्ट पर ही निर्भर नहीं हैं, बल्कि मौके से जुड़े हर पहलू की पड़ताल की जा रही है। भरत कुमार ने जानकारी दी कि जिस स्थान पर यह अजगर मृत अवस्था में पड़ा मिला था, वहां का बाकायदा एक नक्शा तैयार करवाया गया है ताकि भौगोलिक स्थिति और रास्तों को समझा जा सके। इसके साथ ही सीमा से सटे हरियाणा और हिमाचल के आसपास के गांवों में भी पूछताछ की जा रही है। टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या पिछले कुछ दिनों में किसी ने इस इलाके में अजगर को देखा था या किसी व्यक्ति ने इसे पकड़ने का प्रयास किया था।
वन्यजीवों से छेड़छाड़ न करने की सख्त चेतावनी
वन्यजीव विशेषज्ञों ने आम लोगों को सचेत करते हुए अपील की है कि अगर कहीं भी अजगर या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे, तो उसे खुद पकड़ने, घेरने या नुकसान पहुंचाने की गलती कतई न करें। भरत कुमार ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों को किसी भी प्रकार की क्षति पहुंचाना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका या दुर्भावनापूर्ण कृत्य साबित होता है, तो उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि ऐसे मामलों में फौरन वन्यजीव विभाग को सूचित किया जाना चाहिए, ताकि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम समय रहते पहुंचकर स्थिति को संभाल सके।























