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चिकन-मटन के साथ रोटी की जगह बनाएं झारखंडी चावल का छिलका, दोगुना हो जाएगा जायकाझारखंड
18 सित॰ 2026, 10:31 am (29 मिनट पहले)· 0

चिकन-मटन के साथ रोटी की जगह बनाएं झारखंडी चावल का छिलका, दोगुना हो जाएगा जायका

जमशेदपुर में पारंपरिक झारखंडी चावल का छिलका बनाने का आसान तरीका सामने आया है। इसे चिकन या मटन की ग्रेवी के साथ खाने से इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है।

घर पर झारखंडी चावल का छिलका तैयार करना बेहद आसान है और इसका जायका बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को बहुत भाता है। इस पारंपरिक व्यंजन की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे बनाने के लिए किसी भी तरह की महंगी या जटिल सामग्री की आवश्यकता नहीं पड़ती है। जमशेदपुर के कदमा इलाके की रहने वाली रानी मुखी के मुताबिक, झारखंड का यह पारंपरिक पकवान यहां के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसे आमतौर पर देसी सब्जियों और चटनी के साथ परोसा जाता है, लेकिन अगर इसे चिकन या मटन की मसालेदार ग्रेवी के साथ खाया जाए तो इसका स्वाद पूरी तरह से बदल जाता है और यह और भी स्वादिष्ट बन जाता है।

चावल का छिलका तैयार करने की पूरी विधि

इस लजीज पकवान को बनाने की प्रक्रिया काफी सरल है। सबसे पहले आपको चावल को अच्छी तरह साफ करके पांच से छह घंटे के लिए साफ पानी में भिगोकर रखना होगा। जब चावल अच्छी तरह से भीगकर फूल जाएं, तब उनका सारा पानी बाहर निकाल दें। इसके बाद इन भीगे हुए चावलों को मिक्सी के जार में डालें, थोड़ा सा पानी मिलाएं और इन्हें एकदम बारीक पीस लें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि चावल का यह घोल जरूरत से ज्यादा पतला नहीं होना चाहिए। घोल तैयार होने के बाद इसे एक बड़े बर्तन में उड़ेल लें और अपनी पसंद के अनुसार नमक मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें। यदि आपके पास समय कम है, तो आप इस विधि के लिए सीधे बाजार मिलने वाले चावल के आटे का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

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तवे पर पकाने का सही तरीका

घोल तैयार होने के बाद गैस चूल्हे पर एक तवा रखें और उसे अच्छी तरह गर्म होने दें। जब तवा ठीक से गर्म हो जाए, तब उस पर पानी के कुछ छींटे मारकर उसे साफ कर लें। अब तैयार किए गए चावल के घोल को तवे के बिल्कुल बीच में डालें और एक चम्मच की सहायता से इसे गोल आकार में पतला-पतला फैला दें। इस छिलके को मध्यम आंच पर कुछ देर तक सिकने दें। जब इस पारंपरिक पकवान की निचली सतह हल्की सुनहरी और कुरकुरी होने लगे, तब इसे बहुत सावधानी के साथ दूसरी तरफ पलट दें।

गरमागरम परोसने के तरीके और सुझाव

जब छिलका दोनों तरफ से अच्छी तरह सिक जाए, तब इसे तवे से उतारकर प्लेट में रख लें। बचे हुए घोल से ठीक इसी तरह एक-एक करके बाकी के छिलके भी तैयार कर लें। आप अपनी पसंद और रुचि के हिसाब से इस छिलके को थोड़ा अधिक कुरकुरा या फिर हल्का नरम रख सकते हैं। वैसे, गर्मागर्म और ताजा छिलका खाने का असली आनंद तभी आता है जब यह सीधे तवे से प्लेट में पहुंचे।

नॉन-वेजिटेरियन ग्रेवी के साथ बेहतरीन कॉम्बिनेशन

रानी मुखी का कहना है कि इस व्यंजन को केवल चटनी या सूखी सब्जी के साथ ही नहीं, बल्कि चिकन और मटन की गाढ़ी ग्रेवी के साथ भी बड़े चाव से खाया जाता है। जब आप गरमागरम चावल के छिलके को मटन या चिकन की मसालेदार ग्रेवी में डुबोकर खाते हैं, तो देसी स्वाद का अनुभव एक अलग ही स्तर पर पहुंच जाता है। जिन लोगों को झारखंडी व्यंजन और ठेठ देसी खान-पान से विशेष लगाव है, उनके लिए यह अनूठा कॉम्बिनेशन बेहद पसंद आने वाला साबित हो सकता है।

पारंपरिक संस्कृति और आसान तैयारी

घर की रसोई में तैयार होने वाला यह पकवान स्वाद के साथ-साथ झारखंड की समृद्ध खान-पान शैली की एक खूबसूरत झलक भी पेश करता है। इसके निर्माण में किसी भी प्रकार की जटिल तैयारी की जरूरत नहीं होती और इसे बहुत कम समय में आसानी से बनाया जा सकता है। इसलिए, जब भी अगली बार आपके घर में चिकन या मटन पकाया जाए, तो साधारण रोटियों या अन्य विकल्पों को छोड़कर एक बार झारखंडी स्टाइल में चावल का छिलका जरूर बनाकर देखें।

सवाल-जवाब

चावल का छिलका बनाने के लिए चावल को कितने घंटे भिगोना चाहिए?
चावल का छिलका बनाने के लिए चावल को 5 से 6 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखना जरूरी है।
क्या इस रेसिपी में चावल के आटे का इस्तेमाल किया जा सकता है?
हां, आप चाहें तो इस व्यंजन को बनाने के लिए सीधे चावल के आटे का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
चावल के छिलके को किसके साथ सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है?
इसे आमतौर पर देसी सब्जी और चटनी के अलावा चिकन या मटन की मसालेदार ग्रेवी के साथ खाया जाता है।
यह पारंपरिक व्यंजन मुख्य रूप से किस क्षेत्र से जुड़ा है?
यह पारंपरिक व्यंजन झारखंड के खान-पान की संस्कृति से जुड़ा हुआ है।
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