मिज़ोरम की वित्तीय स्थिति को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मिज़ोरम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) ने राज्य की सत्ताधारी ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अत्यधिक उधारी के कारण राज्य धीरे-धीरे 'कर्ज के जाल' में फंसता जा रहा है। आइज़ोल में बुधवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस के प्रचार प्रमुख पी सी लालतलानसांगा ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाए।
वार्षिक बजट से आगे निकला राज्य का कुल कर्ज
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य मुद्दा राज्य के बजट और उस पर बढ़ते कुल कर्ज के अंतर को लेकर रहा। कांग्रेस नेता द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक मिज़ोरम पर कुल बकाया कर्ज बढ़कर लगभग 19,085.15 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं राज्य का चालू वार्षिक बजट 17,076.92 करोड़ रुपये है। इसका मतलब है कि राज्य का कुल बकाया कर्ज उसके वार्षिक बजट से करीब 2,008.23 करोड़ रुपये अधिक हो चुका है। कांग्रेस का दावा है कि मिज़ोरम के इतिहास में इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई।
प्रति व्यक्ति कर्ज का बढ़ता बोझ और लोन की रफ्तार
बढ़ते सार्वजनिक कर्ज का असर राज्य के आम नागरिकों पर भी सीधा पड़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार, इस समय राज्य के प्रत्येक नागरिक पर औसतन लगभग 1.45 लाख रुपये का कर्ज का बोझ है। इस गणना में नवजात शिशुओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी नागरिक शामिल हैं। पी सी लालतलानसांगा ने आरोप लगाया कि वित्तीय प्रबंधन के मामले में वर्तमान ज़ेडपीएम सरकार का प्रदर्शन पिछली सभी सरकारों की तुलना में अधिक चिंताजनक रहा है।
चालू वित्तीय वर्ष में लिए गए नए कर्जों की गति पर भी सवाल खड़े किए गए। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती सात महीनों के भीतर ही सरकार ने लगभग 6,119.8 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है। यह राशि पिछले पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान लिए गए 5,308 करोड़ रुपये के कुल कर्ज से भी अधिक है। कांग्रेस का कहना है कि नए खर्चों को पूरा करने के लिए बार-बार नया कर्ज लेने की नीति राज्य के नागरिकों को गहरी आर्थिक मुसीबत में डाल रही है।
सीमित निविदाओं पर सवाल और वित्तीय सुधार की मांग
सरकारी धन के उपयोग पर बात करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने राज्य में ठेकों के आवंटन की प्रक्रिया पर भी उंगली उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमित निविदाओं और विभागीय निष्पादन के माध्यम से सरकारी काम दिए जा रहे हैं, जिससे कुछ विशेष व्यक्तियों और संस्थाओं को फायदा पहुंच रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि कर्ज के पैसों का इस्तेमाल इस प्रकार के कार्यों के लिए क्यों किया जा रहा है।
कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह अत्यधिक उधारी पर रोक लगाए, देनदारियों को कम करने के लिए तत्काल कदम उठाए और राज्य की वित्तीय स्थिरता को बहाल करे। इस बीच, ज़ेडपीएम के नेताओं ने इन आरोपों पर तुरंत कोई विस्तृत टिप्पणी करने से मना कर दिया और कहा कि वे उचित समय पर इसका जवाब देंगे।



















