सुहागिन महिलाओं का महापर्व करवा चौथ दिल्ली और एनसीआर के तमाम शहरों में बेहद उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए कठिन निर्जला व्रत रखा हुआ है। दिनभर की पूजा-अर्चना और कथा सुनने के बाद अब सभी की निगाहें आसमान पर टिकी हैं क्योंकि हर कोई चंद्रदेव के दीदार और उन्हें अर्घ्य देने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
दिल्ली और एनसीआर के शहरों में चंद्रोदय का समय
पंचांग की गणना के अनुसार, राजधानी नई दिल्ली में चांद निकलने का अनुमानित समय रात करीब 8:17 बजे का है। हालांकि मौसम के मिजाज, बादलों की आवाजाही और वायु प्रदूषण जैसी स्थानीय परिस्थितियों की वजह से चांद के नजर आने में कुछ मिनट की देरी भी हो सकती है। दिल्ली के अलावा नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद, बुलंदशहर, सोनीपत और पलवल समेत आसपास के इलाकों में भी चांद दिखने के समय को लेकर महिलाओं में काफी उत्सुकता बनी हुई है। मौसम विभाग और आसमान की स्थिति को देखते हुए जानकारों का मानना है कि बादलों या धुंध के कारण तय समय से 10 से 15 मिनट ऊपर-नीचे हो सकता है।
देशभर के प्रमुख शहरों में क्या है चांद का हाल
राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों के अलावा देश के अन्य बड़े शहरों में भी करवा चौथ के चांद निकलने की टाइमिंग अलग-अलग है। लखनऊ में रात 8:06 बजे, जयपुर में 8:28 बजे और भोपाल में इसके ठीक 3 मिनट बाद चांद के दिखने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पटना, चंडीगढ़ और मुंबई समेत देश के तमाम हिस्सों में भी सुहागिनें अपने स्थानीय समयानुसार चंद्रदर्शन का इंतजार कर रही हैं, ताकि वे विधि-विधान के साथ अपना व्रत खोल सकें।
चांद न दिखने पर क्या करें महिलाएं
अगर आपके इलाके में घने बादलों या बारिश की वजह से चांद समय पर दिखाई न दे, तो महिलाओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुहागिनें आकाश में चांद न दिखने की स्थिति में किसी अन्य शहर के चांद निकलने के समय का अनुमान लगा सकती हैं या फिर मानसिक रूप से चंद्रदेव का आह्वान करके और पंचांग के तय समय पर पूजा-अर्चना पूरी करके अपना व्रत खोल सकती हैं। व्रत के नियमों के अनुसार पूजा और अर्घ्य मुख्य माना जाता है।























