हरियाणा के पंचकूला स्थित सेक्टर 20 के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाली एक मासूम बच्ची पर हुए हिंसक हमले के बाद प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाए गए हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने इस संस्थान में कार्यरत दो महिला जेबीटी शिक्षकों को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने का फैसला लिया है। विभागीय कार्रवाई का सामना करने वाली इन अध्यापिकाओं के नाम सिमरनजीत कौर और पूजा रानी हैं। निलंबन आदेश जारी होने के साथ ही यह निर्देश भी दिया गया है कि जांच व कार्रवाई चलने तक दोनों अध्यापिकाओं की आधिकारिक तैनाती जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में रहेगी।
स्कूल परिसर में मासूम पर हुआ था बर्बर हमला
यह अप्रत्याशित और खौफनाक मामला 28 अक्टूबर का है, जब दोपहर तीन बजे से चार बजे के दौरान गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के परिसर में एक तीसरी कक्षा के छात्र ने छात्रा को निशाना बनाया। आरोप के मुताबिक केवल आठ वर्ष की आयु के इस बालक ने बच्ची पर ईंट से ताबड़तोड़ प्रहार किए, उसका सिर उठाकर बेंच से टकराया और उसकी टाई पकड़कर फर्श पर घसीटा। छात्र ने बच्ची पर तब तक लातें बरसाईं जब तक कि वह पूरी तरह अचेत नहीं हो गई। हमले के कारण लहूलुहान हुई पीड़िता को तुरंत चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत अब खतरे की सीमा से बाहर बताई गई है।
प्रबंधन, वर्ग प्रभारी और सुरक्षाकर्मी पर कानूनी शिकंजा
छात्रा के परिजनों की तरफ से दी गई औपचारिक शिकायत के आधार पर पंचकूला पुलिस ने कड़ा कानूनी रुख अख्तियार किया है। वारदात के तीन दिनों के पश्चात शनिवार के दिन दर्ज की गई एफआईआर में स्कूल के प्रिंसिपल, कक्षा प्रभारी और वहां तैनात एक चौकीदार को नामजद किया गया है। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125(b) तथा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 के तहत घोर लापरवाही बरतने का अभियोग पंजीकृत हुआ है। शिकायतकर्ता का स्पष्ट कहना है कि इतनी बड़ी घटना स्कूल प्रशासन की भारी चूक और देखरेख में विफलता के कारण ही संभव हो सकी।
झगड़े के बाद धोखे से ले जाया गया सुनसान कमरे में
पीड़िता के चाचा ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि दोनों बच्चे पहले से एक-दूसरे से परिचित नहीं थे। 28 अक्टूबर के दिन दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ बिठा दिया गया था। उस दौरान लड़के द्वारा बार-बार तंग किए जाने पर बच्ची ने गुस्से में आकर उसे पागल कह दिया, जिससे वह अत्यधिक क्रोधित हो उठा। इसके बाद छुट्टी के समय लड़के ने छात्रा से झूठ बोला कि उसके पिता बाहर आकर उसका इंतजार कर रहे हैं। इस बहाने से वह उसे बहलाकर पहली मंजिल पर स्थित एक खाली क्लासरूम के भीतर ले गया और वहां दरवाजे बंद करके उस पर जानलेवा हमला बोल दिया।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई पूरी बर्बरता
सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से इस अमानवीय कृत्य की पूरी सच्चाई सामने आई। फुटेज के अनुसार लड़के ने बेंच पर सिर मारने और ईंट से चोट पहुंचाने के अलावा वहां रखे स्टील के डस्टबिन और फूलों के गमले उठाकर भी बच्ची पर दे मारे। जब पीड़िता बेसुध होकर फर्श पर गिर पड़ी, तो आरोपी छात्र कमरे का दरवाजा बाहर से बंद करके वहां से चला गया। इसके कुछ समय बाद स्कूल के गार्ड ने भी बिना कमरे के भीतर देखे बाहर से ताला लगा दिया। इसके चलते गंभीर रूप से चोटिल बच्ची करीब दो घंटे तक उसी बंद कमरे में असहाय हालत में पड़ी रही। पीड़िता के सिर पर चार टांके लगाने पड़े हैं और उसकी नाक की हड्डी टूट गई है।



















