डिजिटल दुनिया में पुरानी तस्वीरें अक्सर नए और भ्रामक संदेशों के साथ अचानक चर्चा में आ जाती हैं। हाल के दिनों में इंटरनेट मंचों पर राजस्थानी पारंपरिक परिधान पहने और गोद में एक नवजात शिशु को थामे एक महिला की तस्वीर खूब साझा की जा रही है। इस तस्वीर के साथ यह बात फैलाई जा रही है कि फोटो में दिख रही महिला चर्चित प्रशासनिक अधिकारी मोनिका यादव हैं और उन्होंने महज 22 वर्ष की उम्र में आईएएस बनकर मिसाल कायम की थी। हालांकि जब इस पूरे मामले की पड़ताल की जाती है, तो तस्वीर में नजर आ रही महिला की पहचान तो सही निकलती है, लेकिन उनके आईएएस होने से जुड़ा दावा पूरी तरह बेबुनियाद साबित होता है।
सीए और डीएसपी से आईआरटीएस तक का शानदार सफर
तस्वीर में दिखाई दे रही मोनिका यादव मूल रूप से राजस्थान के सीकर जिले के श्रीमाधोपुर ब्लॉक स्थित गांव लिसाड़िया की निवासी हैं। उनका पेशेवर सफर असाधारण शैक्षणिक और प्रशासनिक सफलताओं से भरा रहा है। मोनिका ने अपने शुरुआती दौर में पहले ही प्रयास में चार्टर्ड अकाउंटेंट की कठिन परीक्षा पास कर ली थी। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक क्षेत्र की ओर कदम बढ़ाया और राजस्थान लोक सेवा आयोग यानी आरपीएससी की प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल करते हुए राज्य पुलिस सेवा में डीएसपी का पद प्राप्त किया।
राज्य सेवा में चयन के बाद भी उनका प्रयास रुका नहीं और उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी। वर्ष 2017 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में मोनिका यादव ने 403वीं रैंक हासिल की। इस रैंक के आधार पर उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा नहीं, बल्कि भारतीय रेल यातायात सेवा यानी आईआरटीएस कैडर आवंटित हुआ था। इसी सेवा के तहत वह वर्तमान में अजमेर में डिविजनल कमर्शियल मैनेजर के महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। रेल सेवा में अपने प्रशिक्षण काल के दौरान उन्होंने लखनऊ स्थित भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था, जिसके लिए उन्हें बेस्ट परफॉर्मर के सम्मान से भी नवाजा गया था।
छह वर्ष पुरानी तस्वीर और वायरल होने की पृष्ठभूमि
इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हो रही यह तस्वीर हाल की नहीं है, बल्कि लगभग 6 साल पुरानी है। इससे पहले वर्ष 2020 में भी यह तस्वीर इसी प्रकार सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुई थी। यह तस्वीर उस समय कैमरे में कैद की गई थी जब मोनिका यादव की पहली बेटी का जन्म हुआ था। उस खास और भावुक मौके पर उन्होंने पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा पहनकर अपनी नवजात बच्ची के साथ यह पारिवारिक फोटो खिंचवाई थी। उसी पुरानी और व्यक्तिगत तस्वीर को बार-बार गलत विवरण और आईएएस बनने के काल्पनिक दावे के साथ प्रसारित किया जाता रहा है।
प्रशासनिक सेवाओं से जुड़ा पूरा परिवार
मोनिका यादव का ताल्लुक एक ऐसे परिवार से है जहां कई सदस्य उच्च प्रशासनिक पदों पर कार्यरत हैं। उनके पिता हरफूल सिंह यादव राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे हैं और आगे चलकर पदोन्नत होकर आईएएस बने। वह वर्तमान समय में बूंदी के जिला कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं मोनिका यादव के पति सुशील यादव भी प्रशासनिक सेवा से जुड़े हुए हैं। मूल रूप से हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के रहने वाले सुशील यादव वर्ष 2017 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वह इस समय राजस्थान के बालोतरा जिले में तैनात हैं। एक ही परिवार में पिता, दामाद और बेटी तीनों का देश की प्रतिष्ठित प्रशासनिक और केंद्रीय सेवाओं में सक्रिय होना अपने आप में एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करता है।



















