पंचकूला में क्लासरूम हमले में घायल 6 साल की बच्ची अस्पताल से लौटी घर, ढोल-नगाड़ों और फूलों से हुआ स्वागतमेनोपॉज के गंभीर लक्षणों पर स्पेन में मिलेगी सवैतनिक मेडिकल लीव, सामाजिक सुरक्षा के नियमों में बड़ा बदलावअसम में पुलिस हिरासत से भागने के दौरान मुठभेड़, गुवाहाटी होटल में पांच लोगों का कातिल ढेरदेहरादून के मोहब्बेवाला में कार पर पलटा भारी कंटेनर, चार लोगों की जान गई और छह साल का बच्चा सुरक्षित बचाकार्तिक माह में रम्भा एकादशी और गोवत्स द्वादशी की तिथि, पूजा के मंगलकारी मुहूर्त तथा शहरों में राहुकाल की अवधिगोपालगंज में वालिदा की मोहब्बत में बुजुर्ग ने मजार के पास पहले ही तैयार कराई अपनी कब्रईटानगर में किरायेदारों और घरेलू सहायकों के मुफ्त सत्यापन के लिए प्रोजेक्ट सहतम शुरूनेशनल बैंक ऑफ पोलैंड के संभावित ब्याज दर ठहराव से ज़्लॉटी पर दबाव के संकेतअटलांटा की पूर्व मेयर कीशा लांस बॉटम्स ने जॉर्जिया में रचा इतिहास, अमेरिका की पहली अश्वेत महिला गवर्नर बनींपिता के निधन के बाद सिर पर आया 1 करोड़ का कर्ज, 20 साल मेहनत कर बेटे ने ऐसे चुकाई देनदारी
राजस्थान में घूसखोर ईपीएफओ अफसर पर शिकंजा, जयपुर में 1 लाख रुपये लेते पकड़ा गया सोनू मौर्यराजस्थान
4 नव॰ 2026, 6:55 pm (9 मिनट पहले)· 0

राजस्थान में घूसखोर ईपीएफओ अफसर पर शिकंजा, जयपुर में 1 लाख रुपये लेते पकड़ा गया सोनू मौर्य

जयपुर में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने फर्म पर कार्रवाई न करने की एवज में रिश्वत की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के एक प्रवर्तन अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ लिया है। पकड़े गए अधिकारी की पहचान सोनू मौर्य के रूप में हुई है, जो एक निजी फर्म पर विधिक कार्रवाई दबाने के नाम पर मोटी रकम वसूलने की कोशिश कर रहा था। इस औचक कार्रवाई से भविष्य निधि कार्यालय सहित समूचे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

फर्म के खाते फ्रीज करने और कानूनी कार्रवाई की धमकी

जांच एजेंसी से सामने आए विवरण के मुताबिक परिवादी की निजी फर्म अपने कर्मचारियों का कर्मचारी भविष्य निधि (पीएफ) समय पर जमा नहीं करवा पाई थी। इसी चूक को आधार बनाकर प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य ने फर्म संचालक को कानूनी फंदे में फंसाने का डर दिखाया। उसने फर्म के विरुद्ध पुलिस में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने और कंपनी के बैंक खातों को पूरी तरह फ्रीज करवाने की चेतावनी दी थी। इस दंडात्मक कार्रवाई से राहत देने का झांसा देकर आरोपी अधिकारी ने सीधे 2 लाख रुपये की अवैध मांग रखी थी।

ये भी पढ़ें

सत्यापन के बाद बिछाया गया योजनाबद्ध ट्रैप

अवैध मांग और लगातार मिल रहे दबाव से त्रस्त होकर परिवादी ने पूरे मामले की औपचारिक शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के समक्ष पेश की। एसीबी ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए गोपनीय तरीके से लगाए गए आरोपों का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान परिवादी से रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई, जिसके बाद आरोपी को पकड़ने के लिए एक विशेष योजना तैयार की गई और ट्रैप टीम मैदान में उतारी गई।

सीए की मौजूदगी में पहली किस्त लेते ही दबिश

तय योजना के अनुसार परिवादी की फर्म के सीए की उपस्थिति में सह-परिवादी से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये का लेन-देन होना तय हुआ था। जैसे ही आरोपी सोनू मौर्य ने 1 लाख रुपये की यह रकम अपने हाथ में ली, पहले से तैयार एसीबी की टीम ने फौरन दबिश देकर उसे मौके पर ही दबोच लिया। टीम ने उसके कब्जे से रिश्वत की पूरी राशि यानी 1 लाख रुपये बरामद कर लिए। इस पूरी कार्रवाई को एसीबी के डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के कुशल नेतृत्व में गठित टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया।

आवासीय ठिकानों पर तलाशी और अन्य कड़ियों की पड़ताल

गिरफ्तारी के उपरांत एसीबी ने सोनू मौर्य को हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। जांच दल इस पहलू की गहराई से पड़ताल कर रहा है कि क्या इस रिश्वतखोरी में ईपीएफओ विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी अथवा कोई बाहरी बिचौलिए भी शामिल थे। इसके साथ ही आरोपी के आवास तथा अन्य संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान भी संचालित किया जा रहा है, ताकि आय से अधिक संपत्ति अथवा अन्य अनियमितताओं से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें। इस धरपकड़ के बाद भ्रष्ट आचरण में लिप्त तंत्र के भीतर भय का माहौल देखा जा रहा है।

सवाल-जवाब

जयपुर में एसीबी ने किस अधिकारी को गिरफ्तार किया है?
एसीबी ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य को गिरफ्तार किया है।
आरोपी अधिकारी पर रिश्वत मांगने का क्या आरोप था?
आरोपी ने एक निजी फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज न करने और बैंक खाते फ्रीज न करने के एवज में 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
कार्रवाई के समय आरोपी से कितनी राशि बरामद हुई?
ट्रैप के दौरान एसीबी ने आरोपी अधिकारी को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा और पूरी राशि बरामद की।
यह कार्रवाई किस अधिकारी के नेतृत्व में संपन्न हुई?
यह कार्रवाई एसीबी के डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के कुशल नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई।
गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी अब क्या कदम उठा रही है?
एसीबी आरोपी से पूछताछ कर रही है, उसके आवासीय ठिकानों की तलाशी ले रही है और विभाग के अन्य व्यक्तियों या बिचौलियों की भूमिका की जांच कर रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp