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हथिनीकुंड बैराज के पास यमुना में पलटी सेना की मोटर बोट, एक जवान लापता और तीन ने बचाई जानहरियाणा
1 सित॰ 2026, 10:14 pm (1 घंटे पहले)· 1

हथिनीकुंड बैराज के पास यमुना में पलटी सेना की मोटर बोट, एक जवान लापता और तीन ने बचाई जान

हरियाणा-हिमाचल सीमा पर हथिनीकुंड बैराज के पास यमुना नदी में बाढ़ बचाव अभ्यास के दौरान सेना की एक मोटर बोट डूब गई। इस दुर्घटना में तीन जवानों ने तैरकर अपनी जान बचा ली, जबकि एक जवान तेज बहाव में बहने के बाद लापता हो गया जिसकी तलाश जारी है।

हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र में यमुना नदी के भीतर एक बड़ा और गंभीर हादसा सामने आया है। यहाँ सेना के जवानों द्वारा बाढ़ बचाव कार्य का अभ्यास किया जा रहा था, तभी एक मोटर बोट अचानक अनियंत्रित होकर गहरे और खतरनाक क्षेत्र की तरफ पहुँच गई। नदी में पानी का बहाव बेहद तेज था, जिसके कारण मोटर बोट संतुलन खो बैठी और देखते ही देखते जलधारा में डूब गई। हादसे के वक्त इस बोट पर सेना के कुल चार जवान सवार थे, जो अभ्यास का हिस्सा बने हुए थे। बोट के डूबते ही ये सभी जवान यमुना के उफान और तेज बहाव के बीच मुश्किल स्थिति में फँस गए।

तैरकर बाहर आए तीन जवान, एक की तलाश जारी

दुर्घटना के तुरंत बाद बोट पर सवार तीन जवानों ने असाधारण साहस का परिचय दिया। उन्होंने उफनती हुई नदी में लगभग छह 100 मीटर तक लंबी दूरी तय की और किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। इन तीनों जवानों के सुरक्षित बाहर आने के बाद राहत की साँस ली गई, लेकिन सेना का चौथा जवान नदी के तेज बहाव में बह गया। घटना के बाद से ही उस लापता जवान का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। उसकी तलाश और बचाव के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया, जो लगातार जारी है।

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मौके पर पहुँची पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें

इस दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। तुरंत हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुँच गईं। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके का मुआयना किया और पूरे हालात का जायजा लिया। लापता जवान को ढूँढने के काम में तेजी लाने के लिए एनडीआरएफ की टीम को भी फौरन बुलाया गया। हालाँकि, यमुना नदी में पानी का बहाव बहुत तेज होने के कारण बचाव दल को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षाकर्मी लगातार नदी के चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए हैं और अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।

डूबी हुई मोटर बोट को पानी से बाहर निकाला गया

बचाव टीमों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद यमुना नदी के भीतर व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान रेस्क्यू टीमों को नदी में डूबी हुई सेना की मोटर बोट का पता लगाने में सफलता मिल गई। जवानों और गोताखोरों की मदद से इस मोटर बोट को सुरक्षित रूप से पानी से बाहर खींच लिया गया। हालांकि, बोट तो मिल गई है, लेकिन अभी तक लापता जवान का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। अधिकारियों और राहत कर्मियों की टीमें नदी के निचले हिस्सों में लगातार जवान की थाह लेने में जुटी हुई हैं ताकि उसका जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।

अभ्यास के दौरान कैसे हुआ यह पूरा हादसा

प्रारंभिक जानकारियों के अनुसार, यह पूरी घटना तब घटी जब सैन्यकर्मी बाढ़ से निपटने के उपायों का अभ्यास कर रहे थे। इसी अभ्यास के दौरान मोटर बोट अचानक से डेंजर जोन की तरफ मुड़ गई। नदी के तीव्र बहाव के आगे बोट का नियंत्रण बिगड़ गया और वह डूब गई। घटना की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों में भी चिंता का माहौल बन गया। हालांकि, इस पूरे मामले पर देर शाम तक सेना के अधिकारियों की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई थी।

सुरक्षा मामलों का हवाला देकर अधिकारियों ने साधी चुप्पी

घटना के संबंध में जब संबंधित पुलिस अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने इस बारे में ज्यादा ब्योरा देने से साफ इनकार कर दिया। पुलिस ने इस पूरी घटना को देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ संवेदनशील मामला करार दिया है। फिलहाल सेना की डूबी हुई मोटर बोट को तो नदी से बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन लापता जवान की तलाश अब भी प्राथमिकता बनी हुई है। रेस्क्यू टीमों की नजरें यमुना के तेज बहाव के साथ-साथ दूरदराज के तटवर्ती इलाकों पर भी टिकी हुई हैं ताकि लापता जवान की खोज जल्द पूरी की जा सके।

सवाल-जवाब

यह हादसा कहाँ हुआ था?
यह हादसा हरियाणा-हिमाचल सीमा पर हथिनीकुंड बैराज के पास यमुना नदी में हुआ।
हादसे के समय बोट पर कितने जवान सवार थे?
दुर्घटना के समय मोटर बोट पर सेना के चार जवान सवार थे।
कितने जवान तैरकर सुरक्षित बाहर निकले?
तीन जवानों ने हिम्मत दिखाते हुए तैरकर अपनी जान बचाई।
लापता जवान की तलाश के लिए कौन सी टीम बुलाई गई?
लापता जवान की तलाश में मदद के लिए एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया।
क्या डूबी हुई मोटर बोट को बरामद कर लिया गया है?
हाँ, रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद डूबी हुई मोटर बोट को पानी से बाहर निकाल लिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·48 मिनट पहले

यह घटना बाढ़ बचाव अभ्यासों के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल और जोखिम आकलन की अनिवार्यता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उफनती नदी में डेंजर जोन के करीब अभ्यास के दौरान यदि पर्याप्त बैकअप और उन्नत जीवन रक्षा उपकरणों की तैनाती होती, तो शायद इस अनर्थ को टाला जा सकता था। अब एनडीआरएफ के सामने सबसे बड़ी चुनौती तेज बहाव के बीच लापता जवान को ढूंढने की है, और भविष्य के ऐसे अभ्यासों के लिए एसओपी की नए सिरे से समीक्षा करना अनिवार्य हो गया है।

Rohan Verma@rohan-verma·47 मिनट पहले

हथिनीकुंड बैराज जैसे संवेदनशील और अत्यधिक जलप्रवाह वाले क्षेत्र में बाढ़ बचाव का अभ्यास करने के दौरान हुए इस हादसे ने क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतर-विभागीय समन्वय की तैयारियों को उजागर कर दिया है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सीमा से जुड़े इस क्षेत्र में नदी का उफान अक्सर जटिल चुनौਤियां पैदा करता है। प्रशासनिक और सैन्य स्तर पर अब यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसे उच्च जोखिम वाले अभ्यासों के दौरान निगरानी तंत्र को और अधिक पुख्ता किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत और प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

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